Doctor..Medical Officer by profession..writer.Nature lover...poet at heart...exploring life everyday...
HARDWORK just do it...don't think too much...✌️
एक टुकड़ा बादल का…
कुछ पंछी उड़ते हुए
जैसे घर ढूँढते हुए…
कुछ पेड़ हरे भरे…
जैसे जीवन देते हैं…
ऊपर एक नीला आसमान…
जैसे जीवन का पूर्ण विराम…!!!💕✍️
#गाँव_का_सफ़र#जीवन_की_गति
मन बहुत भारी सा हो जाता है जब
एक गुबार सा जो
बाहर निकलने को आतुर है…
और आंसुओं में बहकर
फिर हो जाता है मन एकदम शांत…
जैसे हल्की बारिश के बाद
धरती हो जाती है तृप्त सी…!!!💕
जब मै समेट नहीं पाती हूँ खुद को
तो इक दफा सबसे छुपकर
फूटफूट कर रो लेती हूँ…
न चीखती हूँ न शोर करती हूँ
बस मन की पीड़ा को
आंसुओं में बहने देती हूँ…
नहीं कहे जाते कुछ दर्द…
कुछ पीड़ाएं केवल खुद की होती है
केवल खुद के सहन करने के लिए…
उसे किसी और से कहकर भी
मन शांत नहीं होता…
मन को चाहिए एक एकांत
एक शांत सी जगह
खुद को खाली करने के लिए…
मेरे लिए, बीते हुए कल को याद करना हमेशा समय की बर्बादी रही है, और आँसुओं का क्या फायदा? मुझे नहीं पता। मैं हमेशा आज पर ही केंद्रित रहा हूँ। बीते कल और आने वाले कल में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। जो होना था वो हो गया, और जो होगा वो होगा।
-मंटो
"AAP पार्टी के पास 1 राज्य की पुलिस है और BJP के पास 19 राज्यों की "
---- राघव चड्ढा की केजरिवाल को चेतावनी
👉2 दिन पहले संदीप पाठक के घर पंजाब पुलिस गई थी
एक अजीब सी नफ़रत लोगों के भीतर इस कदर भर गई है कि अब इंसान सामने वाले को समझना नहीं, उसे पराजित करना चाहता है। संवाद का स्थान शोर ने ले लिया है, तर्क की जगह आरोप खड़े कर दिए गए हैं और संवेदना को कमजोरी मान लिया गया है…
यकीन मानिए अगर यही रास्ता चलता रहा तो एक दिन नफ़रत ही हमारी पहचान बन जाएगी।और तब हम एक दूसरे को नहीं,अपने ही प्रतिबिंब को देखकर डरेंगे क्योंकि उसमें इंसान नहीं,केवल अहंकार और हिंसा का चेहरा शेष रहेगा…