@ChouhanShivraj@narendramodi IIT के वैज्ञानिकों/प्रौद्योगिकी विदों की देखरेख में संपूर्ण भारत में, 5 महीने तक लगातार,कृत्रिम मानसूनी वर्षा करायी जाए ताकि अकाल के कारण भारत में उत्पन्न हो चुके खाद्य एवं पेयजल संकट को तुरंत दूर किया जा सके। लोग अपने अपने घरों में ताली और थाली भी बजाते रहें। जयहिंद। जय भाजपा।
@ArvindKejriwal राम मंदिर को, श्रद्धालुओं से चढ़ावे और दान के रूप में मिले अरबों रुपए, "काला धन" के रूप में "स्विस बैंक" में जमा किया जा चुका है।
इसका भारत लौट पाना अब लगभग नामुमकिन हो चुका है।
@aajtak इजराइल और इंडिया दोनों मिलकर ईरान को बहुत जल्द एक न्यूक्लियर पावर घोषित करने जा रहे हैं। यह पहल विश्व स्ट्रैटेजिक संतुलन के लिए बहुत ही ज्यादा घातक सिद्ध हो सकती है।
अमेरिका के साथ धोखेबाजी की जा रही है।
@ChobeyManisha हां। रामलला के चढ़ावे का हार मेलोनी के गले की शोभा बढ़ा रहा है।
पहले सोनिया गांधी ने भारत को लूटा । आजकल इटली की ही मेलोनी भारत को लूट रही है।
अच्छा है।
अपनी इन्हीं हरकतों की वजह से भारत देश बार-बार गुलाम बन जाता है।
@aajtak अखिलेश यादव का आय से अधिक संपत्ति का मामला गोमती रिवर फ्रंट से हुए घोटाले से डायरेक्ट जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकारी इस मामले की सीबीआई जांच करवाने जा रही है। तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनकी संपत्तियां फ्रिज कराई जाएंगी।
@aajtak@journovidya इस साल मानसून की निगरानी पर भारत सरकार ने कुल 1475 करोड रुपए खर्च कर दिए हैं।
लेकिन मानसून का कहीं आता-पता नहीं है।
कृषि के लिए चिंतित भारतीय वैज्ञानिक अब कृत्रिम वर्षा कराने की तैयारी में जुट चुके हैं। ताकि अकाल की चपेट में आ चुके भारत में जन और धन की क्षति को कम किया जा सके।
@WaleAyodhy70737 यह "पादासन" योग है। पेट की फालतू की मीथेन गैस और धुआं बाहर निकल जाता है। जिससे मन प्रसन्न बना रहता है। क्रोध नष्ट होकर, सारंगी पर मधुर धुन बजाने लग जाता है।
बुलडोजर चलवाने तथा एनकाउंटर करवाने की "तुच्छ वासना" नियंत्रण में बनी रहती है।
@ganesh13513@aajtak उस रात जब तेरी मां पर तेरा बाप चढ़ा था तो उसने एक्साइटमेंट में आकर तेरी मां को रंडी बोल दिया था और तू अपनी मां के पेट में आ गया , काक्रोच बनकर । इसलिए यह बिल्कुल स्वाभाविक सी बात है कि तू अपने मां-बाप के साथ भी गाली-गलौज करके ही अपनी बात कंप्लीट करता है।
@aajtak विश्व शांति, सुख और समृद्धि के लिए योग एक अत्यंत आवश्यक "मेकैनिज्म" है। योग के द्वारा ही हम मनुष्यों की सभी इच्छाओं और वासनाओं की पूर्ति हो सकती है। योग के माध्यम से मनुष्य की निद्रा, आहार, एवं मैथुन में गुणवत्ता आ जाती है। तथा भय नियंत्रण में बना रहता है। योग सर्व- फलदायी है।