भगवान शिव पर जल चढ़ाने के नियम…💦
1. शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय ध्यान रखना चाहिए कि आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर नहीं होना चाहिए. पूर्व दिशा को भगवान शिव का मुख्य प्रवेश द्वार होता है और इस दिशा की ओर मुंह करने से द्वार में अवरोध होता है.
2. जल देते समय आपका मुंह उत्तर दिशा की ओर हो क्योंकि उत्तर दिशा को शिव जी का बायां अंग माना जाता है जो मां पार्वती को समर्पित है. इस दिशा की ओर मुंह करके जल अर्पित करने से भगवान शिव और मां पार्वती दोनों की कृपा प्राप्त होती है
3. जल हमेशा कलश से ही चढ़ाएं. शिवजी का अभिषेक करने के लिए तांबे का पात्र सबसे अच्छा माना जाता है. कांसे या चांदी के पात्र से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. लेकिन जल अभिषेक के लिए कभी भी स्टील का बर्तन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
4. तांबे के बर्तन से कभी भी दूध का अभिषेक नहीं करना चाहिए क्योंकि ये अशुभ माना जाता है
5. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय ध्यान रखें जल हमेशा बैठकर ही दें. रुद्राभिषेक करते समय भी खड़े नहीं होना चाहिए. मान्यता है कि शिवलिंग पर खड़े होकर जल चढ़ाने से यह शिव जी को समर्पित नहीं होता है और इसका पुण्य नहीं मिलता है
6. भगवान को हमेशा दाहिने हाथ से जल चढ़ाएं और बाएं हाथ से दाहिने हाथ का स्पर्श करें
7. जलाभिषेक करते समय शांत मन से धीरे-धीरे जल अर्पित करना चाहिए। भोलेनाथ को कभी भी बहुत तेज या बड़ी धारा में जल नहीं चढ़ाना चाहिए
8. कभी भी शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से शिव कृपा प्राप्त नहीं होती है। शिवजी ने शंखचूड़ नाम के दैत्य का वध किया था। ऐसा माना जाता है कि शंख उसी दैत्य की हड्डियों से बने होते हैं
हर हर महादेव☘️
‼️जय सूर्य देव ‼️
हिंदू धर्म में, भगवान सूर्य या सूर्यदेव प्रमुख सौर देवता हैं और उन्हें सार्वभौमिक रूप से सूर्य देवता के रूप में जाना जाता है। उन्हें 'प्रत्यक्ष देवता' के रूप में पहचाना जाता है, जो एक राजसी दृश्य भगवान हैं। उन्हें 'सर्व साक्षी भूतम' भी कहा जाता है, जो सर्वज्ञ हैं। हिंदू वैदिक ज्योतिष में, वह नवग्रह या नौ ग्रहों का मुख्य नेता है।
भगवान सूर्य सबसे सम्मानित और सर्वोच्च भगवान हैं जिन्हें भौतिक ब्रह्मांड का निर्माता और पृथ्वी पर सभी जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। पृथ्वी विज्ञान के अनुसार प्रकाश संश्लेषण ऊर्जा या प्रक्रिया का प्राथमिक स्रोत है जो जीवन की विविधता को निर्धारित करता है और यह केवल सूर्य के कारण ही प्राप्त किया जा सकता है।
भगवान सूर्य दिन के दौरान भगवान ब्रह्मा, दोपहर में भगवान शिव और शाम को भगवान विष्णु के प्रतीक हैं। उन्हें सात घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले रथ में दर्शाया गया है जो इंद्रधनुष के सात रंगों या शरीर में सात चक्रों का प्रतीक है।
प्रतिदिन सुबह भगवान सूर्य की पूजा करने और सूर्य नमस्कार (सूर्य को नमस्कार) का अभ्यास करने से व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है क्योंकि इससे शक्ति, संतुलन और लचीलेपन में सुधार होता है। इसके अलावा, यह नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में सहायता करता है और शांति और विश्राम को बढ़ावा देता है..!!
‼️ॐ सूर्याय नमः ‼️
Jai #MyAdityaNamah🙏
शिव उपासना के पांच अक्षर हैं -
" नमः शिवाय "
शिव जी सृष्टि के नियंत्रक हैं. सृष्टि पांच तत्वों से मिलकर बनी है. इन पांच अक्षरों से सृष्टि के पाँचों तत्वों को नियंत्रित किया जा सकता है. हर अक्षर का अपना अर्थ और महत्व है. जब इन पाँचों अलोकिक अक्षरों को एक साथ मिलाकर जप किया जाता है तो सृष्टि पर नियंत्रण किया जा सकता है.
"न" अक्षर का अर्थ और महत्व क्या है?
- इसका अर्थ नागेन्द्र से है, अर्थात नागों को धारण करने वाले
- न का अर्थ निरंतर शुद्ध रहने से भी है
- इस अक्षर के प्रयोग से व्यक्ति दसो दिशाओं से सुरक्षित रहता है
"म" अक्षर का अर्थ और इसकी महिमा क्या है?
- इसका अर्थ मन्दाकिनी को धारण करने से है
- इस अक्षर का अर्थ महाकाल और महादेव से भी है
- नदियों , पर्वतों और पुष्पों को नियंत्रित करने के कारण इस अक्षर का प्रयोग हुआ
- यह जल तत्त्व को नियंत्रित करता है
"श" अक्षर का अर्थ और इसकी महिमा?
- इसका अर्थ शिव द्वारा शक्ति को धारण करने से है
- यह परम कल्याणकारी अक्षर माना जाता है
इस अक्षर से जीवन में अपार सुख और शांति की प्राप्ति होती है
"व" अक्षर का अर्थ और इसकी महिमा?
- इसका सम्बन्ध शिव के मस्तक के त्रिनेत्र से है
- यह अक्षर शिव जी के प्रचंड स्वरुप को बताता है
- इसका प्रयोग ग्रहों नक्षत्रों को नियंत्रित करता है
"य" अक्षर का अर्थ और इसकी महिमा?
- इस अक्षर का अर्थ है कि , शिव जी ही आदि, अनादि और अनंत हैं
- यह सम्पूर्णता का अक्षर है
- इसमें शिव को सर्वव्यापक माना गया है
- इस अक्षर का प्रयोग शिव की कृपा दिलाता है
पंचाक्षरी मंत्र या पंचाक्षरी स्तोत्र का पाठ किस प्रकार कल्याणकारी होता है?
- पंचाक्षर मंत्र से हर प्रकार की मनोकामना पूर्ण की जा सकती है
- इसी प्रकार पंचाक्षरी स्तोत्र से शिव कृपा पायी जा सकती है
- पंचाक्षरी स्तोत्र से मन की हर तरह की समस्या दूर की जा सकती है
🔱 सदा शिव सर्वदा शिव 🔱 ॐ नमः शिवाय ❣️
दरगाहों पर सिर फोड़ने वाले हिंदुओं
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उत्तर प्रदेश, कानपुर
एक मुस्लिम युवक ने अपनी मां के साथ हिंदू धर्म अपना लिया।
युवक की मां का कहना है कि शोभन सरकार के आशीर्वाद से उनके बेटे की आंख ठीक हो गई, जिसके बाद से उनकी आस्था हिंदू धर्म में हुई!
मिल रही धमकी
https://t.co/lTdH50dJEY
मोदी सरकार पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और उन्हें नवीनतम तकनीक से लैस करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। सभी राज्यों के पुलिस थानों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स तैनात किए गए।
#9YearsOfIndiaFirst
ज्यादा जानकारी के लिए - https://t.co/O8ta5N09K0
In celebration of this year’s #China Cultural and Natural #Heritage Day, which always falls on the 2nd Saturday of June, #Jinan will launch colorful themed activities, focusing on #ICH and time-honored brands. Experience the charm of #Jinan’s culture and history! #FocusOnJinan
Abey Fraud @ArvindKejriwal your party drastically increased GST on petrol and Diesel in Punjab.
You made both Delhi and Punjab Bankrupt with your corruption and you are lecturing about a Modi Govt which has kept the nation growing when the whole world is collapsing?
जिस आदमी ने श्रीमदभगवद गीता का पहला उर्दू अनुवाद किया वो था मोहम्मद मेहरुल्लाह!
बाद में उसने सनातन धर्म अपना लिया!
पहला व्यक्ति जिसने श्रीमदभागवद गीता का अरबी अनुवाद किया वो एक फिलिस्तीनी था अल फतेह कमांडो नाम का!
जिसने बाद में जर्मनी में इस्कॉन जॉइन किया और अब हिंदुत्व में है!
पहला व्यक्ति जिसने इंग्लिश अनुवाद किया उसका नाम चार्ल्स विलिक्नोस था!
इसने भी बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया उसका तो ये तक कहना था कि दुनिया मे केवल हिंदुत्व बचेगा!
हिब्रू में अनुवाद करने वाला व्यक्ति Bezashition le fanah नाम का इसरायली था जिसने बाद में हिंदुत्व अपना लिया था भारत मे आकर!
पहला व्यक्ति जिसने रूसी भाषा मे अनुवाद किया उसका नाम था नोविकोव जो बाद में भगवान कृष्ण का भक्त बन गया था!
आज तक 283 बुद्धिमानों ने श्रीमद भगवद गीता का अनुवाद किया है अलग अलग भाषाओं में जिनमें से 58 बंगाली, 44 अंग्रेजी, 12 जर्मन, 4 रूसी, 4 फ्रेंच, 13 स्पेनिश, 5 अरबी, 3 उर्दू और अन्य कई भाषाएं थी!
जिस व्यक्ति ने कुरान को बंगाली में अनुवाद किया उसका नाम गिरीश चंद्र सेन था!
लेकिन वो इस्लाम मे नहीं गया शायद इसलिए कि वो इस अनुवाद करने से पहले श्रीमद भागवद गीता को भी पढ़ चुके थे !
ये है सनातन धर्म और इसके धार्मिक ग्रंथों की ताकत
इन सत्य को आप परख सकते हैं ....!! जय हिन्द जय भारत🚩🙏
#सनातन_राष्ट्रीय_धर्म
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट..
सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे 22 साल के आशीष पर केस दर्ज किया गया
केस से नाम निकालने के लिए पुलिसकर्मियों ने 50 हज़ार रुपये मांगे, न देने पर प्रताड़ित किया
आखिर में आज आशीष ने आत्महत्या कर ली..
सुसाइड नोट में लिखा...
'राजमणि पाल, मोहित शर्मा और लल्लन प्रसाद (पुलिसकर्मी) ने मिलकर फर्जी FIR दर्ज की..!!
मैं सुसाइड करने जा रहा हूं... रहीमाबाद पूरा था भ्रष्ट है..!!'