कभी किसी पुरुष को ध्यान से देखना- जब वह अकेला बैठा हो और कुछ नहीं कर रहा हो। वह सच में कुछ नहीं कर रहा होता ऐसा कम ही होता है।
वह हिसाब लगा रहा होता है– पैसों का, वक्त का, रिश्तों का, और सबसे ज्यादा अपने आप का... कि वह कहाँ खड़ा है, कितना और क्या कुछ पीछे छूट गया है?।
जब कोई स्त्री किसी पुरुष से गहरा प्रेम करती है, तो वह उसके लिए बहुत कुछ करने को तैयार हो जाती है। उसी तरह जब कोई पुरुष किसी स्त्री से सच्चा प्रेम करता है, तो वह हमेशा उसकी खुशियों को अपनी खुशियों से ऊपर रखता है। 💙
जब कोई स्त्री किसी पुरुष से गहरा प्रेम करती है, तो वह उसके लिए बहुत कुछ करने को तैयार हो जाती है। उसी तरह जब कोई पुरुष किसी स्त्री से सच्चा प्रेम करता है, तो वह हमेशा उसकी खुशियों को अपनी खुशियों से ऊपर रखता है। 💙
ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें–
#हर दिन कम से कम 1 घंटा बिना मोबाइल के अपने परिवार के साथ बैठिए।
#कैसे हो? सिर्फ मैसेज नहीं, मुलाकात बनाइए
#दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी के घर अचानक जाइए
फोन करके नहीं
#बच्चों को चीजें नहीं, यादें दीजिए, खिलौने कम अपने साथ बिताया हुआ समय ज्यादा दीजिए।
ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें–
#हर दिन कम से कम 1 घंटा बिना मोबाइल के अपने परिवार के साथ बैठिए।
#कैसे हो? सिर्फ मैसेज नहीं, मुलाकात बनाइए
#दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी के घर अचानक जाइए
फोन करके नहीं
#बच्चों को चीजें नहीं, यादें दीजिए, खिलौने कम अपने साथ बिताया हुआ समय ज्यादा दीजिए।
कहते हैं कि एक अच्छा रिश्ता वह नहीं जिसमें कभी मतभेद न हों, बल्कि वह है जिसमें मतभेदों के बावजूद सम्मान बना रहे। जहां गुस्सा आए तो शब्दों की मर्यादा न टूटे.. दूरी आए तो भरोसा न टूटे.. और समय बदले तो अपनापन न बदले..!!
कहते हैं कि एक अच्छा रिश्ता वह नहीं जिसमें कभी मतभेद न हों, बल्कि वह है जिसमें मतभेदों के बावजूद सम्मान बना रहे। जहां गुस्सा आए तो शब्दों की मर्यादा न टूटे.. दूरी आए तो भरोसा न टूटे.. और समय बदले तो अपनापन न बदले..!!
@myogiadityanath यशस्वी व्यक्तित्व माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।।
भगवान श्री राम आपको हमेशा स्वस्थ रखें।।🎉💐
@myogiadityanath
क्या आपको पता है एक दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य क्या है? ब्रह्मांड? – नहीं, समय? – नहीं, मृत्यु भी नहीं.. सबसे बड़ा रहस्य है आपका अपना चेतन मन (कॉन्शियसनेस)।
तुम दुनिया को देख सकते हो, समझ सकते हो, साइंस, साइकोलॉजी सब विश्लेषण कर सकते हो, लेकिन जो चीज सबको निरीक्षण (ऑब्जर्व) कर सकती है, वो सीधे खुद को ही नहीं देख सकती। और यही है चेतना का विरोधाभास (पैराडॉक्स ऑफ कॉन्शियसनेस)।
क्या आपको पता है एक दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य क्या है? ब्रह्मांड? – नहीं, समय? – नहीं, मृत्यु भी नहीं.. सबसे बड़ा रहस्य है आपका अपना चेतन मन (कॉन्शियसनेस)।
कर्म करना और पुण्य कमाना हमारे हाथ में है इसके लिए मंदिर जाने की जरूरत नहीं है।
गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण कई पक्षी मर जाते हैं। कृपया उन पर एक एहसान करें। प्यासे पक्षियों के लिए अपनी छत, चारदीवारी और बालकनियों पर पानी के बर्तन जरूर रखें।
कर्म करना और पुण्य कमाना हमारे हाथ में है इसके लिए मंदिर जाने की जरूरत नहीं है।
गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण कई पक्षी मर जाते हैं। कृपया उन पर एक एहसान करें। प्यासे पक्षियों के लिए अपनी छत, चारदीवारी और बालकनियों पर पानी के बर्तन जरूर रखें।
@NewsArenaIndia@dpradhanbjp जी, जब शिक्षा व्यवस्था में लगातार गंभीर गलतियां और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं, तो आरोप प्रत्यारोप से परे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। छात्र, शिक्षक और संस्थान जवाबदेह हैं, तो फिर मंत्री क्यों नहीं? (पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जैसा किया)
कहते हैं कि #प्रेम सिर्फ #वैराग्य में ही संभव है.!
बिना वैराग्य के प्रेम नहीं हो सकता। क्योंकि वैराग्य में ही तेरा–मेरा, आसक्ति, स्वार्थ और अधिकार की भावना समाप्त होने लगती है। वैराग्य संसार से भागना नहीं, बल्कि भीतर के उस आग्रह से मुक्त होना है जो हर चीज़ को अपना बनाना चाहता है।