@JaikyYadav16 sahi baat hai, tum bhi pasia kamoo nikal jaoo india se, Bekar country se kisi v tarah paise kamoo aur nikal jaoo, main bhi yehi planning ker raha hun, lekin ho nahi payega, garib jo tehra,
ये एक यूक्रेनी लड़की है।कह रही है कि इसके देश में हर दूसरी लड़की अकेली है और वहां अरब तथा मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह भारतीयों (हिंदुओं) से अपील कर रही है कि आप लोग कहां हैं? आइए और हमारी आबादी संभालने में मदद कीजिए।
भारत की एक विचित्र स्थिति है कि रूस और यूक्रेन दोनों युद्ध में हैं, और दोनों देशों के लोग आज भी आपको भारत में घूमते मिल जाएंगे। दोनों देशों में लगभग यही हाल है, विशेष रूप से
मुसलमानों के 73 फिरके हैं, जो कहते हैं हिंदु धर्म में ही जात पात का चक्कर है।
गाजियाबाद के एक दुकानदार हैं संजय कुमार, उनका एक मौलाना के साथ 2006 का किस्सा मशहूर है।
मैंने पूछा-: मौलाना साहब जन्नत में कौन लोग जाएंगे , हिंदू या क्रिश्चियन ?.
मौलाना गुस्से में बोले-: केवल मुसलमान
मैंने मौलाना से पूछा-: कौन से मुसलमान सिया या सुन्नी ?..
मौलाना तुरंत बोल पड़े-: बेशक सुन्नी जाएंगे
मैंने मौलाना से पूछा-: सुन्नी में तो दो वर्ग हैं, उनमें से कौन?. मुकल्लिद या गैर- मुकल्लिद ?..
मौलाना तुरंत बोल उठे-: केवल मुकल्लिद
मैं फिर पूछ लिया-: जी , मुकल्लिद में तो चार है उनमें से कौन ?
मौलाना बड़े इत्मीनान से बोले-: महज हनफी और कौन
फिर मैं मौलाना से पूछ लिया-: जी, हनफी में भी दो होते हैं देवबंदी और बरेलवी इनमें से कौन जाएगा ?..
इस बार मौलाना झल्ला कर बोले-: मेरे भाई, केवल देवबंदी को ही जन्नत जाने का अधिकार है।
मैंने कहा-: बहुत-बहुत शुक्रिया मौलाना साहब लेकिन देवबंदी में भी दो होते हैं हयाती और ममाती इनमें से कौन जन्नत जाएगा हुजूर ? इसके बाद मौलाना साहब ऐसे गायब हुए दोबारा नजर ही नहीं आये।
हम हिंदुओं को जाति में विभाजित कर गए गजवा ए हिंद का एजेंडा चलाने वालों को करारा जवाबl
🧐😜
भारतीय उपमहाद्वीप में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कारणों से मुसलमानों में एक स्पष्ट पदानुक्रम (Hierarchy) मौजूद है।मुस्लिम समाज मुख्य रूप से तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित है -
1. अशराफ (उच्च जातियां)यह मुस्लिम समाज का संभ्रांत वर्ग है। इनमें वे लोग शामिल हैं जो मुख्य रूप से अरब, तुर्की, या ईरान से बाहर से आए थे, या वे लोग जिन्होंने ऊंची जातियों से इस्लाम कबूल किया था।उदाहरण - सैयद, शेख, पठान और मुगल।
2. अजलाफ (पिछड़ी जातियां - OBC)इस श्रेणी में वे स्थानीय भारतीय जातियां शामिल हैं जिन्होंने मुख्य रूप से हिंदू धर्म से इस्लाम धर्म अपनाया था। यह लोग पारंपरिक कारीगरी और व्यवसायों से जुड़े होते हैं।उदाहरण - अंसारी (जुलाहा), कुरैशी (कसाई), सैफी (लोहार), मंसूरी (धुनिया), तेली और राईन (सब्जी विक्रेता)।
3. अरजाल (दलित मुसलमान)यह मुस्लिम समाज का सबसे निचला और वंचित तबका है। इन्हें अक्सर अछूत या बहिष्कृत माना जाता था और ये अस्वच्छ व्यवसायों से जुड़े रहे हैं।उदाहरण- हलालखोर (सफाई कर्मी), लाल बेगी और भंगी।
अशराफ और पिछड़े पसमांदा मुसलमानों के बीच खान-पान, वैवाहिक संबंधों Endogamy और मस्जिदों-कब्रिस्तानों में अलगाव जैसी प्रथाएं आज भी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं।
ये सभी एक दूसरे की शादी ब्याह में ना दावत वलीमे मे बुलाते ना शिरकत करते ।
यहां तक की इनकी मस्जिदें भी अलग अलग होती हैं।
पसमांदा आंदोलन: 'अजलाफ' और 'अरजाल' को सामूहिक रूप से पसमांदा कहा जाता है। आज के समय में, पसमांदा मुस्लिम अपने अधिकारों के लिए मुखर होकर राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर आवाज उठा रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व - इस आंतरिक जाति व्यवस्था का मुद्दा भारतीय राजनीति में भी एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है, जिसमें विभिन्न जातियों के लिए आरक्षण और उचित हिस्सेदारी की मांग शामिल है।मुस्लिम समाज में जातिगत वर्गीकरण के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया या आर्थिक और राजनीतिक साप्ताहिक (EPW) के लेख पढ़ सकते हैं। 🙏
अब कभी कोई आपके धर्म पर अंगुली उठाते हुए जाति को लेकर नीचा दिखाए तो उससे ये जरुर पूछना 73 फिरकों में से कौनसा जन्नत जाएग!
@27ETHS