@Bharat_Yatra_ शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलना चाहिए, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन के लिए सभी अभ्यर्थियों के लिए समान योग्यता और समान कटऑफ होनी चाहिए।
#आरक्षण_वाद_से_आजादी
शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलना चाहिए, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन के लिए सभी अभ्यर्थियों के लिए समान योग्यता और समान कटऑफ होनी चाहिए।
इतिहास में पहली बार UP POLICE डरी सहमी...हथियार बंद ITBP जवानों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट घेरा
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट पर @ITBP_official की छापेमारी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को डरा सहमा दिया। @kanpurnagarpol#kanpur#uppolice#policemedianews
उत्तर प्रदेश में जिला स्तर व तहसील स्तर पर जो बाबू पिछले 15-20 सालों से एक ही कुर्सी पर बैठे उगाही कर रहे हैं। उनके स्थानांतरण की क्या प्रक्रिया है। जिससे भ्रष्टाचार कम और शिकायतकर्ताओं को न्याय मिल सके।
@myogioffice@CMOfficeUP@UPCMOffice@mpbrijeshpathak@kpmaurya1
@Shubhamshuklamp यह अध्यापक कहलाने लायक नहीं है शिक्षा विभाग के मंत्री मिनिस्टर जो भी इस वीडियो को देख पा रहे हो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर इस मध्यमवर्गीय परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास करें @UPCMOffice@myogioffice@myogiadityanath
@AAjju_33 वर्तमान समय में हिंदू केवल एक खिलौना बनकर रह गया है क्योंकि उसके लिए केवल हिंदू ही जिम्मेदार है न तो उसे अपने धर्म का पता न अपने संस्कारों का पता इस शोषण और अत्याचार का करण स्वयं हिंदू ही है
माननीय न्यायालय ने एक केश की सुनवाई के दौरान थानों पर आम जनमानस के द्वारा वीडियो बनाने फोटो खींचने को विधिक न मानने और पुलिस कर्मियों द्वारा आपत्ति जताने के बाद इस मामले को सुनवाई के दौरान भरी अदालत में पुलिस विभाग के अधिवक्ता के द्वारा दिए गए तर्कों पर माननीय न्यायाधीश ने सख्त प्रश्न वार्ता के दौरान किए तीखे सवाल
जिसमें विद्वान महिला अधिवक्ता से कई बार यह सवाल माननीय न्यायाधीश ने पूछा।।
की किस कानून के तहत किसी भी थाने पर वीडियो ग्राफी और फोटोग्राफी करना कानून अपराध है।
पुलिस अगर विधिक काम कर रही है। तो उसको किस बात की आपत्ति यहां तक की माननीय न्यायालय ने कहा सरकार के द्वारा लगाए गए 80% सी.सी.टी.वी. कैमरे काम नहीं करते हैं। इस दिशा में अधिवक्ता के द्वारा दिया गए तर्क को माननीय न्यायाधीश ने कई बार डिक्लाइन किया की थानों पर कैमरे लगे हुए हैं।
इसलिए रिकॉर्डिंग की क्या आवश्यकता है। माननीय न्यायालय ने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि वीडियो ग्राफी फोटो ग्राफी करना किसी भी तरह का अपराध नहीं है। और ऐसा करने से कोई भी पुलिस कर्मी या सार्वजनिक स्थान पर कार्यरत जन सेवक किसी भी जनमानस के सामान्य से सामान्य व्यक्ति को सबूत के तौर पर वीडियो बनाने और फोटो खींचने से कोई रोक नहीं सकता।।
ये बुर्के वाली महिला मेरठ के पूर्व सांसद हाजी याकूब की भतीजी है। मोहतरमा ने 3 तलाक कानून का छाती पीट पीट कर विरोध किया था....
अब इन्हें इनके शौहर ने फ़ोन पर तीन तलक देकर घर से निकाल दिया।
विपक्ष है तो औरतों की ये हालत मुमकिन है....