चिठ्ठी चिठ्ठी क्या खेल कर मूर्ख बना रहे है।जब अफ़सर ने जनविरोधी कार्य किया है।सरचार्ज बिना मुख्यमंत्री-मंत्री की जानकारी के लगाया तो अफ़सर सस्पेंड करना था, सरकार में रहकर कैसी मजबूरी है मंत्री जी की?? https://t.co/j4UUhdFoYV
संघर्षों के साये मैं इतिहास हमारा पलता है ,
जिस और जवानी चलती है उस और जबाना चलता है!
#11 दिन अनिश्चितकालीन धरना का समर्थन निष्कासित छात्रनेता प्रेम प्रकाश, हर्षित शुक्ला , शशिप्रकाश जी का निष्कासन रद्द हो !
#लखनऊ_विश्वविद्यालय#lucknowuniversity#AkhileshYadav#campus
मोतियाबिंद हो गया है @brajeshpathakup को।बिचारे शिखा पकड़ कर खींचने वालो को अभी तक देख ही नहीं पाये तो चिन्हित कैसे करे? इधर बाबाजी पाठक जी के सम्मान (शिखा) पर नज़र गड़ाए है, पता नहीं कब हमला हो जाए।
चौरीचौरा, गोरखपुर के अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु की ज़िम्मेदारी तय की जाए और उचित कार्रवाई हो।
यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री हैं तो वो पोडकॉस्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान दें।
उन्नाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे एक भाजपा कार्यकर्ता ने दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही 26 साल की युवती का पहले रेप किया गया और बाद में युवती द्वारा थाने में FIR कराने पर स्कॉर्पियो के अंदर गला दबाकर युवती की हत्या कर दी। आरोपी के भतीजे और सिक्योरिटी गार्ड ने कानपुर से 380 किमी दूर बुलंदशहर में शव को निर्वस्त्र कर फेंक दिया। लड़की की पहचान न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
भाजपा वाले अब महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन कर उभर रहे हैं। मामले की तुरंत सीबीआई जांच हो और पीड़ित के परिवार को अविलंब न्याय मिले। साथ ही अभियुक्त को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाये।
देखते हैं ‘असफल मुख्यमंत्री’ जी इस जघन्यतम अपराध के लिए गुनाहगार अपने भाजपाई साथी के साथ क्या कार्रवाई करते हैं।
प्रयागराज में जनता द्वारा जब स्वरूपरानी चौकी पर अग्निशमन यंत्र की दूर से जाँच की गयी तो उस पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जानेवाली एक्सपायरी स्लिप कहीं दिखाई नहीं दी, जबकि वो स्पष्ट दिखनी चाहिए थी।
फ़ायर बिग्रेड व अन्य सरकारी विभागों और कार्यालयों को लेकर भी जनता चिंतित है और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के परिवारवाले भी।
बच्चों का है खेल साइकिल
कभी न मांगे तेल साइकिल
चलती रेलम पेल साइकिल
रखती जग से मेल साइकिल
इसका मालिक रहे सुखारी
साइकिल भी है खूब सवारी
थोड़े दाम काम दे भारी
- श्री उदय प्रताप सिंह जी
Lucknow University expelled students continued their sit in protest for over 24 hours with no official reaching out. Former student leaders and alumni joined the agitation raising concerns over administrative silence and demanding dialogue and immediate revocation of expulsion
हम उप्र की विधानसभा, प्रमुख सचिव से लेकर सभी छोटे-बड़े सरकारी कार्यालयों व फ़ायर ब्रिगेड के सभी स्टेशनों के फ़ायर ऑडिट की पुरज़ोर माँग करते हैं। भाजपा सरकार लोगों के काम-कारोबार-व्यापार को अग्निशमन के नियम-क़ानून न मानने के नाम पर ब्लैकमेल करती है और ख़ुद उनका उल्लंघन करती है।
अगर कहीं कोई कमी है भी तो सुधार के लिए कुछ समय का नोटिस दिया जाए न कि तालाबंदी कर दी जाए। ये अन्याय है।
भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के कार्यालयों की भी जन-प्रतिनिधियों व विश्वसनीय निष्पक्ष मीडिया के सामने वैध-अवैध की जाँच हो।
कमीशनख़ोर भाजपा व्यापार नहीं, भ्रष्टाचार की हिमायती है।
भाजपा ने उप्र को बदनामी के सिवा और कुछ नहीं दिया है।
आगरा में दुनियाभर के पर्यटक सैकड़ों साल पहले बनी शानदार इमारतों और निर्माणों को देखकर जब आश्चर्य से दाँतों तले उँगली दबा रहे होते हैं तो उसी समय उनके सपने जैसी अवस्था तुरंत झटका खाती है क्योंकि उनकी गाड़ी भाजपा के समय में, अभी हाल बनी किसी सड़क के गड्ढे में धंसकर उनका सारा स्वप्न तोड़ देती है।
भाजपा का भ्रष्टाचार दुनियाभर में देश की छवि ख़राब कर रहा है। इससे सब जगह ये संदेश जाता है कि उप्र की भाजपा सरकार बेहद भ्रष्ट है क्योंकि वो उस आगरा तक का ख़्याल नहीं रखती है जहाँ समस्त विश्व से पर्यटक आते हैं तो बाक़ी शहरों की क्या दुर्दशा होगी। आगरा में फैली आर्थिक मंदी का कारण सिर्फ़ भाजपा की भ्रष्ट नीतियाँ हैं। यहाँ की पर्यटन, होटल, गाइड, टैक्सी, टूर आपरेटर्स इंडस्ट्री से लेकर दालमोठ-पेठे, हस्तशिल्प, संगमरमर की कलाकृतियों व जूते तक का हर कारोबार भाजपा के कारण ठप्प-सा हो गया है।
इन पर्यटकों में ही दुनिया के जानेमाने राजनेता, पूंजीपति, उद्योगपति व निवेशक भी होते हैं, जो इस बदइंतज़ामी और बदहाली को देखकर उप्र में निवेश के लिए एक पैसा भी नहीं लगाना चाहते हैं। दूसरी तरफ़ उप्र के मुखिया जी के मुख से निकले दुर्वचन बताते हैं कि उप्र में भेदभाव का स्तर, हर सीमा लांघ चुका है। भाजपाइयों के इस पक्षपातपूर्ण रवैये से डरकर भी इन्वेस्टर्स उप्र में अपना पैसा नहीं फँसाना चाहते हैं। सोशल के साथ ही लेबर अनरेस्ट और बिजली-पानी-सड़क-यातायात की ध्वस्त व्यवस्था की तस्वीरें भी पूरी दुनिया में प्रदेश को बदनाम कर रही हैं।
भाजपा जाए तो, आगरा फिर खिलखिलाए!
#Taj
#Agra
#UttarPradesh
CCTV का रिकॉर्ड नहीं है तो कोई बात नहीं।यदि सत्ताधारियों की सामूहिक तस्वीरें दिखाकर संदिग्धों की पहचान कराई जाए तो डकैती के अपराधी तुरंत पहचान लिये जाएंगे।
छिनैती, चोरी, लूट, डकैती : ये उप्र में अपराधियों के क्रमशः बढ़ते दुस्साहस की क्रोनोलॉजी है क्योंकि सत्ता की साझेदारी है, इसीलिए बेख़ौफ़ अपराध जारी है।
#असफल_मुख्यमंत्री
अब जब भाजपाई माननीय कहेंगे कि ‘मिर्ज़ापुर में पकड़े गये कैश’ का वीडियो भी AI Generated है तो लोग मान लेंगे कि उनके कहने का अर्थ है कि ये उनकी AI मतलब Actual Income है।
हम फिर दोहराएंगे धन काला नहीं होता है लेनदेन काला होता है। भाजपा में तो Black Money का Golden Period चल रहा है क्योंकि भाजपाई काले धन को सोने में बदल रहे हैं, जिसे हम ‘भ्रष्टाचार का ठोसीकरण’ कहते हैं।