जिस दिन झुठे केस में फँसाने पर पुलिस को, और झूठे दलील देने पर वकील को, और गलत फ़ैसला देने पर जज को, और झूठी खबर चलाने पर मीडिया को सजा मिलेगी, उस दिन हमारा देश महान बन जाएगा !
Rich women carry their precious dogs on their shoulders, while their own babies are burdened on their maid’s shoulders ..That’s dog lovers for you ..Maybe they were stray dogs in their previous birth
रांची की सड़कों पर डिलीवरी बॉय का काम करने वाले राजेश रजक ने JPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की है। हज़ारीबाग़ ज़िला के बरकट्ठा के रहने वाले राजेश का जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा। पिता का निधन हो गया। मां एक स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। एक भाई है वह मुंबई में मज़दूरी करता है। राजेश की सफलता बताती है कि सफलता किसी कि जागीर नहीं। सच्चे मन और लगन से किताबों से दोस्ती की जाए तो कोई भी मुक़ाम हासिल किया जा सकता है। राजेश को बहुत बधाई। और उनके परिवार के संघर्ष को सलाम।
राजेश की सफलता बताती है कि सफलता किसी कि जागीर नहीं। सच्चे मन और लगन से किताबों से दोस्ती की जाए तो कोई भी मुक़ाम हासिल किया जा सकता है। राजेश को बहुत बधाई। और उनके परिवार के संघर्ष को सलाम।
Post Credits:-Sunny Sharad
रांची की सड़कों पर डिलीवरी बॉय का काम करने वाले राजेश रजक ने JPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की है। हज़ारीबाग़ ज़िला के बरकट्ठा के रहने वाले राजेश का जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा। पिता का निधन हो गया। मां एक स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। एक भाई है वह मुंबई में मज़दूरी करता है।
15 फरवरी की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ और उससे हुई मौत की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। भीड़-भाड़ और भगदड़ के बीच RPF की महिला कांस्टेबल ने अपनी एक साल की बेटी को गोद में लेकर ड्यूटी करते हुए जिस साहस, निडरता और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है, वह हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उनकी यह ड्यूटी जिम्मेदारी,बलिदान और अदम्य साहस को दर्शाती है कि अपने कर्तव्य को निभाने में सच्चे रक्षक कैसे निस्वार्थ सेवा कर सकते हैं।
महिला कांस्टेबल, जो देश की सुरक्षा में तत्पर थी, उन्होंने अपने दायित्व को सर्वोपरि रखा। रेलवे स्टेशन जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर, जहां हर पल सतर्कता की जरूरत होती है, उन्होंने अपने साहस का परिचय देते हुए ड्यूटी जारी रखा। उनकी ड्यूटी करते यह तस्वीर एक माँ के रूप में त्याग और समर्पण का प्रतीक है। एक खाकी वर्दी के रूप में कठिन परिस्थिति में जिम्मेदारी और दायित्व का प्रतीक है। और एक महिला होने के नाते सशक्त महिला का प्रतीक है।
जय हिन्द 🙏
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता सर ने आम लोगों से एक अपील की हैं कि आम लोग भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों की शिकायत करें। जिसके बाद पीड़ित का नाम गोपनीय रखकर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। झारखंड के वैसे सरकारी दफ्तर जहां रिश्वत लेने देने की आशंका ज्यादा होती है उन दफ्तरों में एसीबी के द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
Thank you sir🥰❤️
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन🥲
भारत के 13वें प्रधानमंत्री (2004-2014),के रूप में आपकी महान उपलब्धियों को देश हमेशा याद करेगा।
औसतन 7-8% की तेज वार्षिक आर्थिक विकास दर, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा और आपके सूझ बूझ के कारण ही 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान भारत को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलीं ।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(मनरेगा), शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) और गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा विधेयक देने के लिए यह देश आपका हमेशा ऋणी रहेगा।
आपके कार्यकाल को देश के बुनियादी ढांचा, सूचना और प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में विकास का ऐतिहासिक काल कहा जा सकता है।
इसमें भारत निर्माण योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण(सड़कें, बिजली, पानी, और टेलीफोन) और ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन और वितरण को बढ़ावा महत्वपूर्ण है । IT और सॉफ्टवेयर उद्योग को बढ़ावा देने में, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति लाने और संचार सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास को देश आजीवन याद करेगा ।
पारदर्शिता और जवाबदेही लाने वाला सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) कानून लाने के लिए हम सब आपका ऋणी हैं ।
विदेश नीति के क्षेत्र में भी आपका योगदान सराहनीय रहा है। जिसमे भारत-अमेरिका परमाणु समझौता (2008) मील का पत्थर है। चीन और पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए आपके कूटनीतिक वार्ता और प्रयास महत्वपूर्ण रहा।
G20 में भी भारत का नेतृत्व करते हुए आपने वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को मजबूती से उठाया।
कुल मिलाकर एक ईमानदार और विचारशील नेता की छवि के रूप में मनमोहन सिंह का कार्यकाल भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक महत्वपूर्ण दौर था। उनकी नीतियों और नेतृत्व ने भारत को एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया।