बेनेगल नरसिंह राऊ भारत के उन काबिल सिविल सर्वेंट, न्यायविद और डिप्लोमैट्स में थे, जिन्होंने भारतीय संविधान निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अपने समय के सबसे ख्यातिनाम न्यायविदों में शुमार किए जाने वाले नरसिंह राऊ ने ना सिर्फ भारत का बल्कि बर्मा (म्यांमार) का संविधान लिखने में भी मदद की.बेनेगल नरसिंह राऊ का जन्म कर्नाटक के एक बेहद शिक्षित परिवार में हुआ था. उनके पिता बेनेगल राघवेंद्र राऊ मशहूर डॉक्टर थे. नरसिंह राऊ ने मेंगलुरु के केनरा हाई स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने पूरे मद्रास राज्य में सबसे ज्यादा अंकों के साथ परीक्षा पास की. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आगे की शिक्षा ट्रनिटी कॉलेज कैंब्रिज से पूरी की.
1909 में राऊ ने भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा पास की और भारत लौट आए. उन्हें पहली पोस्टिंग बंगाल में मिली. 1925 में उन्हें एक साथ दो पोस्ट ऑफर की गईं. उन्हें असम में प्रोविंशियल काउंसिल के साथ सरकार का कानूनी सलाहकार भी बनाया गया. साल 1935 में उन्होंने ब्रिटिश सरकार के भारत में सुधारों के लिए शुरू किए गए कामों में योगदान देना शुरू किया.
उन्होंने 1935 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट को बनाने के लिए भी अपना योगदान दिया. इसके बाद उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट में जज बनाया गया. इसके अलावा वो जम्मू-कश्मीर राजशाही के प्रधानमंत्री पद पर भी रहे.संविधान निर्माण में रोल
साल 1946 में नरसिंह राऊ की विद्वता के मद्दनेजर उन्हें संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार बनाया गया. नरसिंह राऊ ने ही साल 1948 में भारतीय संविधान का शुरुआती ड्राफ्ट बनाकर तैयार किया था. यह हमारे भारतीय संविधान का पहला मूल ड्राफ्ट था. इसी ड्राफ्ट पर संविधान सभा ने अलग-अलग बिंदुओं पर बहस कर हमारा संविधान तैयार किया. बहस के बाद जब हमारा संविधान तैयार हुआ तो 26 नवंबर 1949 को इसे स्वीकार कर लिया गया.
संविधान के लिए कई देशों की यात्रा
भारतीय संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए नरसिंह राऊ ने कई देशों की यात्रा की थी. रिसर्च के सिलसिले में वो अमेरिका, कनाडा, आयरलैंड और ब्रिटेन गए थे. इसके दौरान उन्होंने वहां के न्यायविदों और रिसर्च स्कालर्स से बातचीत की थी.
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस
भारत में संविधान निर्माण के काम के बाद बीएन राऊ ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भी काम किया. वो वहां जज रहे. साल 1949 से लेकर 1952 तक वो संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि रहे. राऊ यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के अध्यक्ष भी रहे.विदेशी इतिहासकारों की राय
बी. एन. राव (सर बेनेगल नरसिंह राव) को संवैधानिक सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। विदेशी इतिहासकार, जैसे ग्रेनविल ऑस्टिन, ने उनकी संविधान निर्माण में तकनीकी योगदान को मान्यता दी है
। उनकी पुस्तक में, ऑस्टिन ने राव के मसौदे को एक ठोस आधार के रूप में वर्णित किया है।
प्रमुख नाम
कुछ विदेशी इतिहासकारों ने बी. एन. राव पर विस्तार से लिखा है, जैसे:
अरविंद एलंगोवन (अमेरिका), जिन्होंने "Norms and Politics" में उनकी भूमिका का विश्लेषण किया।
सिंडी यूइंग (कनाडा), जिन्होंने "Codifying Minority Rights" में उनके मौलिक अधिकारों पर प्रभाव का उल्लेख किया।
ग्रेनविल ऑस्टिन (अमेरिका), जिन्होंने उनकी संविधान निर्माण में भूमिका को महत्वपूर्ण माना।
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Ajeet Bharti - अगर ऐसा हुआ है तो उसका प्रमाण दो, सिर्फ़ मुंडी हिला के बोल देने से इतिहास नहीं बदल जाता।
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"जाति खत्म करनी है, तो पहले तहसील से जाति प्रमाण पत्र बनाना बंद करो!" — ओम प्रकाश राजभर 🔥
UP विधानसभा में ओम प्रकाश राजभर ने कहा —सरकारी तंत्र ही कागजों पर ठप्पा मारकर जाति तय करता है।
जब तक तहसीलों से जाति प्रमाण पत्र जारी होते रहेंगे, तब तक समाज से जाति प्रथा खत्म नहीं हो सकती!
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12 साल बाद ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि भाजपा किसी ऐसी सीट पर हार की ओर है, जहां हिंदू आबादी बहुसंख्यक है, ऊंची जातियों का प्रभाव माना जाता है और मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यक मतदाता अपेक्षाकृत कम हैं।
यह जीत सिर्फ @PrashantKishor की नहीं यह गुस्सा उन लोगों का है जो कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर बीजेपी के खिलाफ देखने को मिला था।
#Bankipur प्रशांत किशोर, #PrashantKishor, #BrijBhushanSharanSingh, शरण सिंह
इनको पहचान लो भाई 😆
" ये हिंदू है हिंदू , वो भी सनातनी हिंदू 🧐🫢
भाई के Death का दुख सबको है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हिंदू मुस्लिम करोगे और जनता जाके खान सर को गोली मार देगी 🤔
मतलब है हद है यार 👏
अखिलेश यादव ने जमीन पर बैठकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की
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‘भरत तिवारी के मोबाइल में घोटाले के सबूत थे’: 1400 करोड़ के फंड में हेरफेर, जगदीशपुर SDM से भरत तिवारी की तनातनी की इनसाइड स्टोरी; देखें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट
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भरत तिवारी की मौत अब बिहार सरकार के गले की फांस बन चुका है। ये मामला शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
आज UP कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय मृतक भरत तिवारी के घर पहुंचे।