झारखंड का छात्र पीठ पर पड़ी लाठी के निशान दिखा रहा है।
मासूम है बेचारा, उसको इतना भी नहीं पता कि इस देश के नेता, उनका इकोसिस्टम और पालतू मीडिया ऐसे किसी ज़ख़्म को ज़ख़्म नहीं मानते जो मोदी को घेरने के काम ना आ सके।
आज झारखंड में बच्चों को इस तरह से मारा जा रहा है लाठीचार्ज कर के दौड़ा दौड़ा कर पिटा जा रहा है कहा गये राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल अभिजीत दिपके... क्या यह स्टूडेंट नहीं है...
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मीणा पढ़ने गया ,
जाटव पढ़ाने गया ,
गौतम ने पेपर बनाया ,
धनुक ने पेपर जांचा ,
धोबी ने प्रैक्टिकल लिया ,
बौद्ध ने रिजल्ट घोषित किया ,
अंततः मेरिट में मीणा अव्वल आया -
और ये सब आरक्षण कि वजह से हुआ !!
सोनम वांगचुक पर बहुत पोस्ट करने वालों, झारखंड के प्रोटेस्ट में भी 'देवेंद्र नाथ महतो' भूख हड़ताल पर है।
इनकी हालात लगातार बिगड़ रही है, इन पर भी स्टोरी या पोस��ट कर दीजिए।
भारत-पाक बॉर्डर नहीं, झारखंड में विधानसभा घेराव करने जा रहे छात्रों के सामने ये तारें लगाई गई हैं।
दिल्ली की साधारण बैरिकेडिंग पर हंगामा करने वाले विपक्षी अब झारखंड में इन तारों पर चुप क्यों हैं? 🤔
Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे है। वहीं उनकी मुलाकात 17 वर्षीय कराटे खिलाड़ी जनमोनी क��ंवर से हुई, जो बाढ़ में फंसी हुई थीं और उनका मुकाबला 7-9 अगस्त को होना था।
जब अलख पांडेय को उनकी स्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने जनमोनी की फ्लाइट से लेकर प्रतियोगिता में शामिल होने तक का पूरा खर्च उठाया। नतीजा यह रहा कि जनमोनी ने Gold मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। असली हीरो वही होता है जो दूसरे के सपनों को पूरा करने में मदद करें।
सीएम योगी आदित्यनाथ आज भले ही सत्ता के शिखर पर हों,
भले ही उनके कंधों पर देश के सबसे बड़े राज्य की ज़िम्मेदारी हो —
लेकिन कुछ लोग ऊँचाई पर पहुँचकर बदल जाते हैं…
और कुछ ऐसे होते हैं,
जो ऊँचाई पर पहुँचकर पहले से भी ज़्यादा भरोसेमंद हो जाते हैं।
योगी आदित्यनाथ उन्हीं में से ��क हैं।यह उस समय की बात है,जब वे मुख्यमंत्री नहीं थे। न कोई स��रक्षा काफ़िला था,न सत्ता की चकाचौंध न कैमरों की भीड़।
वे सिर्फ़ सांसद थे —
लेकिन दिल से तब भी उतने ही बड़े थे,
जितने आज हैं।
एक छोटी-सी बच्ची…
महज़ दस साल की उम्र और उसी उम्र में
उसके सिर से पिता का साया उठ चुका था।
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं,
उस उम्र में उसने ज़िंदगी का सबसे बड़ा दर्द देख लिया था।
घर में मातम था,खामोशी थी,और भविष्य का डर था।
उसी कठिन घड़ी में योगी आदित्यनाथ उस ���रिवार से मिले।
उन्होंने उस बच्ची की आँखों में झाँका —
और शायद उसी पल तय कर लिया कि यह बच्ची अब अकेली नहीं रहेगी। न कोई भाषण,न कोई दिखावटी दिलासा।
बस सादे शब्दों में कहा —
“आज से मैं तुम्हारा अभिभावक हूँ।
और जब तुम्हारी शादी होगी,तो मैं ज़रूर आशीर्वाद देने आऊँ��ा।”
वक़्त बीतता गया…
साल बदलते गए…
योगी जी सांसद से
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए।
देश-दुनिया में उनका नाम गूंजने लगा।
और उस बच्ची के मन में
एक डर बैठ गया —
“अब वो इतने बड़े हो गए हैं…
शायद उन्हें वो वादा याद भी न हो…” शादी तय हुई।
न्योता भेजने की हिम्मत नहीं हुई।
कौन मुख्यमंत्री को बुलाने की सोचता?
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।
शादी का दिन था।
मंडप सजा हुआ था,ढोलक की थाप गूँ�� रही थी…
अचानक माहौल ठहर-सा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वहाँ खड़े थे।
न कोई औपचारिकता, न कोई शोर-शराबा,
बस वही पुराने योगी जी —
वही अभिभावक।
मुस्कुराते हुए बोले —
“तुम लोग बुलाओगे नहीं, तो मैं आऊँगा नहीं क्या?”
बस…
इतना सुनना था।
पूरा परिवार फूट-फूट कर रो पड़ा।
और वह बच्ची —
जो अब दुल्हन बनने जा रही थी — अपने आँसू रोक न सकी। काँपती आवाज़ में बस इतना कह पाई —
“हमें यक़ीन नहीं था
कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी
आपको अपना वादा याद होगा…”
ये आँसू दर्द के नहीं थे।
ये आँसू भरोसे के थे।
ये आँसू उस सुकून के थे जो बरसों बाद मिला था।
उस दिन योगी आदित्यनाथ जी ने न कोई भाषण दिया, न कोई राजनीति की। उन्होंने सिर्फ़ अपना वादा निभाया।
और यही फर्क होता है —
नेता होने में और नेतृत्व होने में। ऐसे हैं हमारे योगी जी —
जो पद से नहीं,
प्रतिज्ञा से पहचाने जाते हैं।
—
✍🏻 शरद राय की कलम से
"मेरी मां ने मुझे फोन करके कहा है कि अलख इतनी खुशी मुझे कभी नहीं हुई l तुम चाहे कितने ही बच्चों को पढ़ाओ l तो अब तो मैं जिंदगी भर यही करने वाला हूं... "
बाढ़ पीड़ितों को खुद कढ़ी-चावल परोसता हुआ यह व्यक्ति अलख पांडे है l जो 15000 करोड़ से अधिक की नेटवर्थ रखता है l और जो अब जिंदगी भर इसी तरीके से लोगों की हेल्प करने की बात कह रहा है l
हालांकि उनकी इस सेवा भावना पर क�� सवाल भी हो रहे हैं जो उसकी इमोशनल मार्केटिंग को लेकर हैँ l लेकिन उनका साफ कहना है कि मैं रील इसलिए बनाता हूं ताकि बाकी लोग भी मोटिवेट हो l
ప్రతిష్టాత్మక *Fortune India* మ్యాగజైన్ ముఖచిత్రంపై " *Andhra's Rising Star"* గా చోటు సంపాదించుకున్న మన ఆంధ్రప్రదేశ్ రాష్ట్ర విద్యుత్, సమాచార సాంకేతిక (IT) మరియు యువజన సంక్షేమ శాఖ మంత్రివర్యులు శ్రీ నారా లోకేష్ @naralokesh గారికి హృదయపూర్వక అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను.
ఆంధ్రప్రదేశ్ అభివృద్ధికి, నవ్యాంధ్ర నిర్మాణానికి మరియు యువతకు ఉపాధి అవకాశాలు కల్పించేందుకు మీరు చూపిస్తున్న దూరదృష్టి, నిరంతర కృషి ఈ రోజు జాతీయ స్థాయిలో గుర్తింపు పొందడం ప్రతి ఒక్క ఆంధ్రుడికి గర్వకారణం. మీ నాయకత్వంలో మన రాష్ట్రం మరిన్ని ఉన్నత శిఖరాలను అ���ిరోహించాలని ఆకాంక్షిస్తున్నాను.
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