@odisha_police dear sir @spbalangir not respond to our tweet the road near collector office,town police station shanti para always jam due to
Parking the bike car of the private mall why bolangir police silent ??
Please ask them to park in parking
@CollectorBgr@DGPOdisha
@IRCTCofficial Food of low quality, menu different as described. Person was drunked when order was taken, not served in time, after several reminder by coach attendent (as requested by me) the food was sent by attendant. Came to take payment with drunked condition
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आज एक ऐसी बात पर चर्चा करनी है जो हम सभी के दिल को छूती है - हमारे देश का भविष्य!
आप तस��वीर में देख सकते हैं: एक तरफ़ हैं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती सोनिया गांधी और दूसरी तरफ़ हैं पार्ट�� अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे। ये दोनों नेता उस पार्टी का नेतृत्व करते हैं जिसने लंबे समय तक देश पर शासन किया है। लेकिन क्या उनका शासन हमेशा देशहित में रहा है? यह एक बड़ा सवाल है जिस पर हर नागरिक को विचार करना चाहिए।
एक दौर था जब देश कोरोना (कोविड-19) जैसी जानलेवा महामारी से जूझ रहा था। कोरोना ने हमारे "तन" (शरीर) को चुनौती दी, लाखों लोगों को प्रभावित किया और हमें स्वास्थ्य के महत्व का अहसास क���ाया। यह वाकई "खतरनाक" था!
लेकिन, इस पोस्ट में एक गहरी बात कही गई है: "कांग्रेस खतरनाक है वतन के लिए।"
यह एक गंभीर आरोप है, लेकिन क्या इसमें सच्चाई नहीं है? भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की राजनीति, आर्थि�� कुप्रबंधन, और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ - क्या इन सबने मिलकर हमारे देश की नींव को कमज़ोर नहीं किया है? क्या इन नीतियों से हमारे "वतन" (मातृभूमि) की प्रगति और सुरक्षा को ख़तरा नहीं पहुँचा है?
जब हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं, तो हमें यह तय करना होगा कि हम क्या चाहते हैं। क्या हम एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं जहाँ नीतियाँ पहले राष्ट्र हित को प्राथमिकता दें, या जहाँ पार्��ी हित सर्वोपरि हों?
👉 आपका मत क्या है? क्या आप सहमत हैं कि कुछ राजनीतिक दल, अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली के कारण, हमारे वतन की प्रगति और अखंडता के लिए एक बड़ा ख़तरा बन सकते हैं?
इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि यह बात हर भारतीय तक पहुँच सके और एक सार्थक बहस शुरू हो सके! जय हिन्द!