इराक़ में फिलिस्तीनी कांफ्रेंस और बगदाद शरीफ जियारत के बाद वापसी पर आज नई दिल्ली एमएसओ ऑफिस @msoofindia के चैयरमैन @shujaatQuadri साहब से मुलाक़ात हुई और तमाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातें हुई । मुल्क के माहौल और एजुकेशन पर भी काफी लंबी गुफ्तगू हुई।
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार ���िया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
ऐसा लगता है की मुल्क में जितने भी मज़ार और दरगाहों को शहीद किया जा रहा है इन्ही देवबन्दी और तबलीगी फ़िक्र के लोग पुलिस और भाजपा से मुखबिरी करते हैं
और जब इनपे कोई बात आती है तो कहते हैं इत्तिहाद करो - ऐसे ख़ाक इत्तेहाद होगा
ये सब दलाल और मुनाफ़िक़ हैं
दिल्ली पुलिस, मोदी-शाह की हुकूमत तो सुने ही, आम युवाओं! ये भाषण आपको ज़रूर सुनना चाहिए. इस आंदोलन में 23 दिन तक अनशन पर बैठ�� @neha_aisa का ये भाषण इस मोड़ पर बहुत ज़रूरी हस्तक्षेप है.
‘प्रियंका की पाठशाला’
ये OTS का सुझाव फ़्री है। कोई भी चैनल इस्तेमाल कर सकते हैं।
सच में विपक्षी पार्टी काँग्रेस की सांसद @priyankagandhi ने क्या क्��ास लगा दी! सुनिए
हिंसा बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए ,उसको support भी नहीं किया जा सकता।लेकिन पिछले 12 सालों में कुछ मीडिया संस्थानों ने जो कुछ नफ़रती माहौल बनाया है आज ग्राउंड पर उनके रिपोर्टर और प्रेस के साथी उसका शिकार हो रहे हैं।#jantar_mantar#protest#neetscam
सिस्टम की लापरवाही की वजह से कितने बच्चों ने अपनी जान दे दी।
लेकिन किसी वजह से थोड़ी देर होने में ऐसा रवैया!!
गरीब ,पिछड़े ,दलित,किसान कितने मुश्किल से अपने बच्चों को नीट और जेईई जैसे एग्जा��� की तैयारी करवाते हैं।
शायद हमारे सिस्टम को ऐसी बातें समझनी होगी।
बफर टाइम भी रखा जाए।
हापुड़ के दहरा गांव का एक और वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि उपद्रवी एक घर में घुसकर तोड़ फोड़ कर रहे हैं। सवाल यह है @dgpup की @Uppolice इन उपद्रवियों के घरों को कब बुलडोज़ करेगी? क्या इन उपद्रवियों का भी जुलूस निकाला जाएगा?
मौलाना तौसीफ़ रज़ा उर्से ताजुश्शरिया के लिए बरेली शरीफ आए थे, वापस बिहार लौटते समय उनका झगड़ा हुआ ट्रेन मे���, उन्हें पीटा गया और ट्रेन से फेंक दिया गया। जहाँ उनकी मौत हो गई।
जबकि रेलवे का कहना है कि यह एक एक्सीडेंट था। लेकिन परिवार ने रेलवे क��� इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
हज़रत तौसीफ़ रज़ा की वाइफ तबस्सुम ने कहा, “वे उन्हें (मौलाना तौसीफ़ को) चोर कह रहे थे और उन पर चोरी का आरोप लगा रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉल पर उन्हें अपनी किताबें और बैग दिखाने की कोशिश की और कहा, ‘मैं चोर नहीं हूं, मैं मदरसे में पढ़ाता हूं।’
मैंने कॉल पर चिल्लाकर लोगों से उसकी मदद करने के लिए भी कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना।” हज़रत तौसीफ़ की वाइफ ने कहा कि उसने अपने फोन पर हमले को लाइव देखा।
“मैंने उन्हें उसे कॉलर से खींचते, थप्पड़ मारते और पीटते हुए देखा। यह बहुत भयानक था।” उसने दावा किया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। “इसके पीछे कोई साजिश है।”
@jrmheadoffice , @MuftiAsjadRaza, @JRMSalmanHasan इस मामले को संज्ञान में लीजि��े।
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी सबसे बड़ी ख़बर
➡मानवाधिकार आयोग को लेकर HC की टिप्पणी
➡मदरसों की EOW से जांच के आदेश पर टिप्पणी
➡जब मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग होती है- हाईको���्ट
➡तो मानवाधिकार आयोग मौन रहता है- हाईकोर्ट
➡अब आयोग मदरसों की जांच का आदेश दे रहा- HC
➡‘मदरसों की EOW जांच के आदेश पर रोक लगाई’
➡अब हाईकोर्ट अगली सुनवाई 11 मई को करेगा
#Prayagraj #AllahabadHighCourt #UttarPradesh
ये मौलाना शम्सुल हुदा मिस्बाही साहब हैं। इन पर महीनों पहले यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया ये कहते हुए कि ये भारत के ख���लाफ़ साज़िश रच रहे हैं।
विदेशी फंडिंग ले रहे हैं। मज़हब-ए-इस्लाम का काम विदेशों में कर रहे हैं। धार्मिक कट्टरता फैला रहे हैं। यूपी ATS ने जांच शुरू कर दी थी। और आज खबर आ रही है कि ED ने भी जांच शुरू कर दी है।
योगी सरकार ने इनके दो मदरसों पर भी ताला लगा दिया था।
हालांकि इन पर जितने ��रोप लगे हैं एक भी, मतलब एक का भी सबूत एजेंसीज़ या पुलिस अभी तक सार्वजनिक रूप से पेश नहीं कर पाई है। इंडियन मीडिया तो चार कदम आगे रहती है। मुसलमानों पर फर्जी कहानियां गढ़नी हों तो ये सबसे आगे रहते हैं। बिना किसी सबूत के मनगढ़ंत झूठ परोसते हैं।
इनका जुर्म इतना है कि ये मुस्लिम हैं। दीन-ए- इस्लाम की खिदमत कर रहे हैं। मौलाना मिस्बाही साहब ने कई किताबें लिखी हैं। दीन-ए-इस्लाम की कई दशकों से खिदमत क��� रहे हैं।
आज़ादी दिवस विशेष।
राजा सूफी शाह इनायत अली ने देश के लिए कुर्बान किया था ��ीवन, 11 अंग्रेज़ अफसरों को नदी में डुबाकर उतार दिया था मौत के घाट। बाद में अंग्रेजों ने शाह को 1875 में मोती जेल में फांसी दे दी थी।
Right about GST
Right about China
Right about Adani
Right about COVID
Right about Economy
Right about Farm Laws
Right about Rafale Scam
Right about PM Cares fund
Right about Demonetisation
Right about Electroral Bonds
Right about U.S. Tariffs
The Prime Minister India deserves🇮🇳
उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर में छात्र मोहम्मद आरिश की हत्या – यह सिर्फ एक हत्या नहीं, हमारे सम���ज और व्यवस्था पर एक गहरा धब्बा है।
महर्षि विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, फतेहपुर के बाहर 17 वर्षीय छात्र मोहम्मद आरिश पर पूर्व छात्रों ने जानलेवा हमला किया।23 जुल���ई को स्कूल से लौटते समय उसे घेरकर बेरहमी से लाठी-डंडों से पीटा गया। गंभीर हालत में उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ 26 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।यह घटना अत्यंत दुखद, दण्डनीय और गहरी चिंता का विषय है।
आरिश पर यह हमला न केवल शारीरिक हिंसा थी, बल्कि यह एक सांप्रदायिक मानसिकता और सामाजिक असंवेदनशीलता का भी प्रतिबिंब है।
हमारी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस दुख के पहाड़ को उम्र भर उठाने की शक्ति प्रदान करे।
हम @UPGovt से त्वरित न्याय, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, और परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की माँग करते हैं।
भीम आर्मी—आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की टीम मौके पर पहुँचकर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
गुजरात दंगों के दौरान हमारी गाड़ी को रोका गया, सभी पत्रकारों की पैंट उतार कर चेक किया ���या कि हम किस धर्म के हैं! हम सब हिन्दू थे, इसलिए हमें छोड़ दिया गया, अगर एक भी मुस्लिम होता तो मालूम नहीं क्या होता: सुमित अवस्थी (वरिष्ठ पत्रकार)
#BreakingNews #GujaratRiors #India
सुमित अवस्थी- गुजरात दंगे में हमारे कपड़े उतरवाकर चेक किया गया
एंकर- मतलब नं$गा कर के ?
सुमित अवस्थी- हां हां!! नं$गा करके चेक किया गया कि हम हिन्दू हैं या मुसलमान
एंकर- जिन्होंने ���ेक किया वो हिन्दू थे या मुसलमान ?
सुमित अवस्थी- ज़ाहिर है हिन्दू थे, अगर हम या टीम में कोई मुसलमान होता तो सोचो क्या होता
एंकर- मुसलमान होते तो हाथों हाथ मा$र दिया जाता
सुमित अवस्थी- उस वक़्त डर लगा था कि अपने देश मे हम कैसे हैं
BREAKING : Journalist Pratima Mishra shown mirrors to BJP govt on Kanwar Yatra
"The violence done by Kanwariyas on common people & shop owners can't be justified" 🔥
Anjana, Chitra and Rubika can never hold such shows ☠️