नहीं रहा एक और पत्रकार...
नीचे बाईं ओर जो शख्स दिख रहे हैं, वो हैं छत्तीसगढ़ के पत्रकार मुकेश चंद्राकर।
मुकेश उन कुछ पत्रकारों में से एक थे, जो दो सालों पहले बस्तर के जंगलों में गए। फिर नक्सलियों के चंगुल से CRPF के जवानों को छुड़ाकर ले आए।
कुछ दिनों पहले एक सड़क की क्वालिटी पर स्टोरी की। सड़क का दाम 120 करोड़ रुपए। बनवाने वाले ठेकेदार सुरेश चंद्राकर पर जांच बैठ गई।
फिर दो दिनों पहले ठेकेदार के भाई नरेश ने पत्रकार मुकेश को मिलने के लिए बुलाया।
और आज शाम मुकेश की ठेकेदार के घर में बने सेप्टिक टैंक से लाश बरामद हुई। मुकेश की पीठ पर घाव होने की सूचना मिली। और लाश को सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर से कंक्रीट की एक लेयर बिछा दी गई।
@jiocare yout service at nawada rajauli area is worst than imagination
Network quality is worst than than the existing network provider like @airtelindia@TRAI@reliancejio
Maryadapurush @ombirlakota - feel free initiate a privilege motion against me for calling you out. Will be happy to face any committees. But am asking you here and now- what action are you taking against @rameshbidhuri?
कुछ दिन पहले मोदी जी भरी सभा में कपड़ों से पहचानने की शिक्षा दे रहे थे| कल एक जवान ने पहले अपने ही सीनियर को मारा| फिर कपड़ों से पहचान कर तीन मुस्लिमों को मारा.. मोदी और योगी का नाम लेकर मारा |
कुछ लोग पूछते है "अल्टरनेटिव ही क्या है ?" नासूर का अल्टरनेटिव नहीं इलाज खोजिये|
“साले रूक हराम**र” .. ये भद्दी गालियां देने वाले हैं बागपत(यूपी) के Additional SP मनीष मिश्रा, इन्होंने मतदान स्थल पर एक प्रत्याशी और बूथ ऐजेंटों को जमकर हड़काया और दुतकार दिया ….
जब आपकी ताक़त नेताओं के बयानों के बचाव में लगी है, ग्वालियर से ये तस्वीर आई है,400 करोड़ का अस्पताल बना है, काश मरीज़ों के लिये स्ट्रेचर भी होता??क्या किसी नेताजी को ऐसे आते देखा है?
क्या ये लोकतंत्र का हासिल है??और क्या इसके लिये विरोध का वक्त है!!