शब्दों में है मेरे दिल की कहानी,
हर मूड में बसी है एक नयी रवानी।
कभी शायरी, कभी प्रेरणा की बात,
हर पोस्ट में छुपा है जज़्बातों का राज़।
🔸Trust in humanity
शब्द, रूप, रस, गंध तुम्हारी
कण-कण में बिखरी
मिलन साँझ की लाज सुनहरी
ऊषा बन निखरी,
हाय, गूँथने के ही क्रम में
कलिका खिली, झरी
भर-भर हारी, किंतु रह गई
रीती ही गगरी।
कितनी बार तुम्हें देखा
पर आँखें नहीं भरीं।
-शिवमंगल सिंह ‘सुमन'