This guy Ajeet Bharti is so selfless, he doesn’t even care about himself anymore. He’s ready to get arrested if that’s what it takes to put the final nail in the coffin of this draconian act. He’s willing to put himself on the line just to drag this law into the courtroom and make the system answer for it..
क्या CEC ज्ञानेश कुमार की बेटी होने की वजह से Noida DM Medha Rupam को कई बार जबरन निशाने पर लिया जाता है?
मज़दूरों की हिंसा हुई तो Law And Order सँभालना तो पुलिस कमिश्नरेट का ज़िम्मा था।
आज आपने लाइव में बोला कि मनरेगा में कोई आरक्षण नहीं है आपके लिए अक्टूबर , 2021 की यह पेपर क्लिप @ajeetbharti
आप बस ढूंढो तो सही इस देश के रग रग में आरक्षण सनी हुई है ।
जय भीम
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक नाबालिग ब्राह्मण समाज की लड़की से दलित समाज के लड़के ने छेड़छाड़ की, जब गांव के लोगों ने इसका विरोध किया तो 7 लोगों पर SCSTACT लगवा दिया।
सोचों जिस आदमी पर POCSO के तहत कार्यवाही होनी चाहिए थी उस व्यक्ति के द्वारा SCSTACT लगवाया जा रहा है।
यह 7 के सातों ब्राह्मण समाज के लोग हैं जिन पर SCSTACT लगाई गई है, अब SCSTACT का दुरपयोग अपराध करने और अपराध छिपाने और क्रास केस करने डर भय बनाने के लिए किया जाता है जिसका यह प्रत्यक्ष प्रमाण है।
कोई MBBS छात्र या अभिभावक जो उत्तरप्रदेश सरकार की नई 91% आरक्षण नीति (2026-27) से प्रभावित है और इसको चैलेंज करना चाहता है, कृपया हमसे संपर्क करें!
हमारे पास वकील हैं, मुफ्त में केस लड़ेंगे!
धन्यवाद🙏
आज अजीत भारती जी एकदम 'फुल रोस्ट' मूड में हैं!
निशाने पर आए हैं दृष्टि IAS वाले विकास दिव्यकीर्ति सर।
मुद्दा क्या है?
विकास दिव्यकीर्ती का दावा: "3000 सालों से पढ़ाई-लिखाई पर 100% आरक्षण ब्राह्मणों का ही था!"
जिस पर अजीत भारती ने उन्हें लताड़ते हुए जवाब दिया— "सर जी, थोड़ा इतिहास पढ़ लेते! डेटा कहाँ है? साक्ष्य कहाँ है? बिना तथ्य के क्लास में बस ज्ञान पेलना है!" 🤣
अजीत भारती का कहना है कि इतिहास में 150 साल पहले के भी रिकॉर्ड उठा कर देख लो, समाज के हर वर्ग के लिए विद्यालय और गुरुकुल थे।
3000 साल वाले दावों का कोई ऐतिहासिक आधार या ऑथेंटिक डेटा ही नहीं है!
ऐसे बयानों से भावी IAS अफसरों के मन में गलत धारणाएं भरी जा रही हैं।
Urgent appeal and attention to every GC Activist
उत्तर प्रदेश सरकार ने चार सरकारी मेडिकल कॉलेज—अम्बेडकर नगर, जालौन, कन्नौज और सहारनपुर में 90% आरक्षण दे रखा था।
इसके खिलाफ हाई कोर्ट में मुकदमा किया गया था, जिसमें जनरल कैंडिडेट की विजय हुई थी और कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था।
खुद उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने कोर्ट में बोला था कि इस बार लागू करने दो, अगली बार यह नहीं लागू करेंगे।
लेकिन @myogiadityanath, @brajeshpathakup और @UPGovt ने अपना वादा तोड़ते हुए आज 2 तारीख को जो काउंसलिंग हो रही है, उसमें सीट मैट्रिक्स निकाला है।
जिसमें कुल 85 राज्य कोटा सीटों का विभाजन इस तरह से किया है:
• SC: 62 सीटें (72.94%)
• ST: 05 सीटें (5.88%)
• OBC: 11 सीटें (12.94%)
• UR (जनरल): मात्र 07 सीटें (8.24%)
यानी एससी/एसटी आरक्षण 78.82% और कुल आरक्षण 91.76% किया है, जो संविधान का खुला उल्लंघन है।
क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि किसी कीमत पर एससी, एसटी और ओबीसी तीनों का कुल आरक्षण मिलकर 50% से ज्यादा न किया जाए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने दलील दी है कि क्योंकि यह एससी/एसटी बजट से बनता है इसलिए आरक्षण बढ़ा सकते हैं। लेकिन ध्यान से देखिए, अगर यह एससी/एसटी बजट से बना हुआ है तो इसमें ओबीसी का आरक्षण क्यों घुसेड़ा गया है?
यानी यह सिर्फ राजनीति है।
और सबसे मुख्य बात, जब हम कोर्ट में केस जीत चुके हैं, तो उसके बाद भी यह करने का मतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार सामान्य कैटेगरी को बुरी तरीके से चिढ़ा रही है।
साथ ही माननीय हाई कोर्ट लखनऊ के आदेश की अवहेलना भी कर रही है
और अपने शपथ पत्र से मुकर रही है।
दलित तुष्टिकरण में बीजेपी सरकार हर सीमा क्रॉस कर चुकी है।
एक सवाल है, अगर एससी/एसटी के लिए चार मेडिकल कॉलेज अलग से बनाए गए हैं, तो हम जनरल कैटेगरी के लिए चार मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं?
क्या हम लोग टैक्स नहीं देते हैं? क्या इस मेडिकल कॉलेज के लिए सिर्फ एससी/एसटी से ही टैक्स वसूला जा रहा है?
ये है आदेश सीट मैट्रिक्स जो आज जारी की गई है
@Sandy47928778@Kapil_Jyani_ इतने बड़े दावे के सामने इतनी कम व्यक्तिगत recovery क्यों हुई, creditors को कितना नुकसान हुआ और क्या इस प्रक्रिया में आम बैंक जमाकर्ताओं तथा वित्तीय संस्थानों के हितों की पर्याप्त रक्षा हुई?
Took off for Katmandu yesterday, blissfully unaware of the drama that had taken place in the hills and caused such catastrophic damage. A severe, sudden flash flood struck northern Nepal’s Rasuwa district near the Tibet border, causing widespread destruction along the Bhote Koshi and Trishuli rivers. Global warming and/or an earthquake in Tibet may have caused a large chunk of a glacier to break off and fall into the valley below, experts surmise.
Learned on arrival of the loss of life (now confirmed at 160 so far) and the fact that some 2000 or more people are estimated to be missing. Raging floodwaters destroyed at least 19 motorable bridges, washed away roughly 40 km of the Betrawati–Rasuwagadhi highway, and heavily damaged eight operational hydropower projects. I fully support the Indian government’s immediate pledge of relief assistance. Nepal needs all the help it can get.
My heart goes out to the victims and their loved ones, who include large numbers of Indian tourists, including a hundred performing the Kailash-Mansarovar Yatra. Prayers for the missing; may they be rescued soon. 🙏🏼