वो पहला स्पर्श!!
वो पहला स्पर्श था, या कोई जादू,
जो छूते ही रग-रग में उतर गया।
न आवाज़ हुई, न कोई हलचल,
बस दिल के किसी कोने में ठहर गया।
उँगलियों ने जब उँगलियों को छुआ,
लगा जैसे सावन ने रेत को छुआ।
एक सिहरन सी उठी पोर-पोर से,
और तन का हर हिस्सा तेरा हो गया।
वो पल ठहर गया था वक़्त की बाँहों में,
साँसें भी थम गई थीं तेरी पनाहों में।
नज़रें झुकी थीं, पर रूहें मिली थीं,
एक छुअन में ही सदियों की बातें हुई थीं।
तेरी हथेली की गर्मी अब तक बाकी है,
मेरे जिस्म पर जैसे कोई इबारत लिखी है।
वो पहला स्पर्श था... कोई आम बात नहीं,
उस एक लम्हे ने उम्र भर का साथ निभा दिया कहीं।
अब भी जब याद आता है वो पहला एहसास,
साँसें महक उठती हैं, लौट आता है वो पास।
वो स्पर्श नहीं था, इश्क़ का आग़ाज़ था,
जिसने मुझे मुझसे छीनकर तेरा बना दिया खास।✨♥️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म
वो कहते हैं इश्क़ दुबारा नहीं होता..
मैं कहती हूं हर रोज़ होता है हर पल होता है..
मैंने जितनी बार उसे जाना है..
मुझे उससे हर बार इश्क़ हुआ है..
उसकी आदतों से
उसकी अदाओं से
उसकी मुस्कुराहट से
उसकी हंसी के पीछे छिपे उन ज़ख्मों से
(जो वो हर किसी से छुपा लेता है..)
उसके गुस्से से,
उसके ख़ामियों से..
उसकी ख़ूबियों से..
उसके लहज़े से..
उसके हर मिजाज़ से..
मुझे उससे मोहब्बत वाला इश्क़ हुआ है..
जिसमें परवाह भी है, जुनून भी और समर्पण भी..
मुझे उससे इश्क़ बार बार हुआ है..
थोड़ा ज़्यादा पिछली बार से हर बार हुआ है..♥️
~♥️♥️~
भले जिंदगी में तेरा साथ ना मिले
पर तुझे बेवफा नहीं कहूंगा
तू ऐसी मुहब्बत है मेरा
तेरे बाद किसी से मुहब्बत ना करूंगा
#फलानी ♥️ #ऑफिस वाली 🥰
#मोहब्बत#डायमंड 🥰❤️💐🐍
तुम्हारा उदास चेहरा
अब भी मेरे दिल में दरार कर देता है।
एक बंधन है जो टूटा नहीं,
तेरी खुशी में मेरी साँसें राहत पाती हैं
और तेरी परेशानी में मेरी रूह भीग जाती है।
जानती हूँ तुम सब भुलकर बढ़ जाओगे नई रौशनी में,
पर पीछे रह जाएगा मेरा कंधा,
जहाँ कभी तुमने
अपने भरोसे को रख छोड़ा था…
"मायका सिर्फ एक घर नहीं होता, वो एक अहसास होता है — ऐसा ठिकाना जहाँ एक बेटी खुद को फिर से 'बस बेटी' समझ सके।"
आजकल बेटियाँ मायके इसलिए नहीं जातीं क्योंकि उन्हें कोई चीज़ चाहिए होती है, बल्कि इसलिए जाती हैं ताकि थोड़ी देर के लिए ही सही, वो खुद से फिर से जुड़ सकें।
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शादी उस आदमी से करो जो तुम्हारे बच्चों के लिए सबसे अच्छा पिता साबित हो।
क्योंकि एक सच्चाई है जो कोई तुम्हें नहीं बताता: वो तितलियाँ (जो शुरुआत में उड़ती हैं) मर जाती हैं। जुनून धीरे-धीरे फीका पड़ जाता है। और अच्छी शक्ल-सूरत? वो 3 बजे रात को तब कोई काम नहीं आती जब बच्चा रो रहा हो और तुम्हारा शरीर टूट चुका हो।
तुम्हारा बैंक बैलेंस बच्चे की नैपी नहीं बदलेगा। उसकी मीठी बातें दूध की बोतल गर्म नहीं करेंगी।
और जो आदमी यही समझता है कि पैसे देना ही उसका काम है, वो तुम्हें अजनबी की तरह देखेगा जब तुम थकावट में डूबी होगी।
उससे शादी करो जो सिर्फ "मदद" करना नहीं चाहता — उससे करो जो समझता है कि ये उसका भी काम है। वो जो हिसाब नहीं रखता क्योंकि उसे पता है कि तुम दोनों एक ही जंग लड़ रहे हो। वो जो समझता है कि पितृत्व (fatherhood) ‘बेबीसिटिंग’ नहीं है। वो है हर रोज़ उठकर ज़िम्मेदारी निभाना।
उन लोगों पर मत फिदा हो जो दुनिया के सामने एक्टिंग करते हैं, पर जब असली ज़िंदगी आती है, तो गायब हो जाते हैं। उससे प्यार करो जो तुम्हारे साथ खड़ा रहता है जब कैमरे बंद होते हैं, घर बिखरा होता है और ज़िंदगी मुश्किल लगती है।
क्योंकि प्यार फूलों और डेट नाइट्स से नहीं साबित होता;
प्यार साबित होता है मुश्किल वक़्त में। जब वो तुम्हारे थके, टूटे हुए शरीर को देखकर भी तुम्हें अपनी रानी समझता है।
जब वो बिना कहे जिम्मेदारियाँ उठा लेता है।
जब वो टिके रहता है, लड़े और अपने परिवार की रक्षा करे जैसे उसकी ज़िंदगी उसी पर टिकी हो।
शादी उस आदमी से करो जो तुम्हारा बोझ उठाए — उस से नहीं जो ख़ुद बोझ बन जाए।
क्योंकि एक दिन जब तुम थक जाओगी, और सब कुछ अकेले संभालने की ताक़त नहीं होगी, तो या तो तुम खुद को शुक्रिया कहोगी कि तुमने सही चुना...
या पछताओगी कि तुमने लाल झंडियों को नजरअंदाज़ किया।
समझदारी से चुनो। परियाँ बच्चों की कहानियों में होती हैं। तुम्हें असली ज़िंदगी के लिए एक साथी चाहिए।
एक पिता होने के नाते, मुझे बार-बार यह अहसास होता है कि मैं न तो कोई सजावट हूँ, न ही कोई कलाकृति—बल्कि मैं नींव हूँ।
नींव, जो अक्सर दिखाई नहीं देती, सबसे महत्वपूर्ण होती है।
एक पिता के रूप में, शायद आपकी मेहनत या दर्द कोई न देखे। लेकिन जीवन की आँधियों के
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खुद को बढ़ती उम्र के साथ स्वीकारना एक तनावमुक्त जीवन देता है।
हर उम्र एक अलग तरह की खूबसूरती लेकर आती है उसका आनंद लीजिये
बाल रंगने हैं तो रंगिये,
वज़न कम रखना है तो रखिये,
मनचाहे कपड़े पहनने हैं तो पहनिए,
बच्चों की तरह खिलखिलाइये,
अच्छा सोचिये,
अच्छा माहौल रखिये,
शीशे में दिखते हुए अपने अस्तित्व को स्वीकारिये।
कोई भी क्रीम आपको गोरा नही बनाती,
कोई शैम्पू बाल झड़ने नही रोकता,
कोई तेल बाल नही उगाता,
कोई साबुन आपको बच्चों जैसी स्किन नही देता।
चाहे वो PNG हो या पतंजलि.....सब सामान बेचने के लिए झूठ बोलते हैं।
ये सब कुदरती होता है।
उम्र बढ़ने पर त्वचा से लेकर बॉलों तक मे बदलाव आता है।
पुरानी मशीन को Maintain करके बढ़िया चला तो सकते हैं, पर उसे नई नही कर सकते।
ना किसी टूथपेस्ट में नमक होता है ना किसी मे नीम।
किसी क्रीम में केसर नही होती, क्योंकि 2 ग्राम केसर भी 500 रुपए से कम की नही होती !
कोई बात नही अगर आपकी नाक मोटी है तो,
कोई बात नही आपकी आंखें छोटी हैं तो,
कोई बात नही अगर आप गोरे नही हैं
या आपके होंठों की shape perfect नही हैं,
फिर भी हम सुंदर हैं,
अपनी सुंदरता को पहचानिए।
दूसरों से कमेंट या वाह वाही लूटने के लिए सुंदर दिखने से ज्यादा ज़रूरी है, अपनी सुंदरता को महसूस करना।
हर बच्चा सुंदर इसलिये दिखता है कि वो छल कपट से परे मासूम होता है और बडे होने पर जब हम छल व कपट से जीवन जीने लगते हैं तो वो मासूमियत खो देते हैं
और उस सुंदरता को पैसे खर्च करके खरीदने का प्रयास करते हैं।
मन की खूबसूरती पर ध्यान दो।
पेट निकल गया तो कोई बात नही उसके लिए शर्माना ज़रूरी नही।
आपका शरीर आपकी उम्र के साथ बदलता है तो वज़न भी उसी हिसाब से घटता बढ़ता है उसे समझिये।
सारा इंटरनेट और सोशल मीडिया तरह तरह के उपदेशों से भरा रहता है,
यह खाओ, वो मत खाओ
ठंडा खाओ, गर्म पीओ,
कपाल भाती करो,
सवेरे नीम्बू पीओ,
रात को दूध पीओ
ज़ोर से सांस लो,लंबी सांस लो
दाहिने से सोइये ,
बाहिने से उठिए,
हरी सब्जी खाओ,
दाल में प्रोटीन है,
दाल से क्रिएटिनिन बढ़ जायेगा।
अगर पूरे एक दिन सारे उपदेशों को पढ़ने लगें तो पता चलेगा
ये ज़िन्दगी बेकार है ना कुछ खाने को बचेगा ना कुछ जीने को !!
आप डिप्रेस्ड हो जायेंगे।
ये सारा ऑर्गेनिक, एलोवेरा, करेला, मेथी, पतंजलि में फंसकर दिमाग का दही हो जाता है।
स्वस्थ होना तो दूर स्ट्रेस हो जाता है।
अरे! अपन मरने के लिये जन्म लेते हैं,
कभी ना कभी तो मरना है अभी तक बाज़ार में अमृत बिकना शुरू नही हुआ।
हर चीज़ सही मात्रा में खाइये,
हर वो चीज़ थोड़ी थोड़ी जो आपको अच्छी लगती है।
भोजन का संबंध मन से होता है
और मन अच्छे भोजन से ही खुश रहता है..😍
मन को मारकर खुश नही रहा जा सकता।
थोड़ा बहुत शारीरिक कार्य करते रहिए,
टहलने जाइये,
लाइट कसरत करिये,
व्यस्त रहिये,
खुश रहिये,
शरीर से ज्यादा मन को सुंदर रखिये.. 💞