कभी कभी मुझे बिहार के पिछड़े पन पर अफसोस नहीं होता है, कुछ दरिंदे डिजर्व करते हैं अंधकार।
बिहार का पूरा सिनेमा, अश्लीलता से लिप्त है, एजुकेशन चरमरा गया है, हत्या बलात्कार पहचान हो चुकी है।
डूब मरना चाहिए @samrat4bjp सरकार को।
IIT bombay ke प्रोफेसर के ख़िलाफ़ छात्र को चीटिंग से रोकने वाले मामले में SC ST Act लगा है .सवाल ये है इस क़ानून का इस तरीके से हर मामले में इस्तेमाल क्यो होता है . जवाब इस वीडियो में है .
@iitbombay@iit_alumni_news#SCSTएक्ट
ये तो ग़नीमत है कि IIT बॉम्बे वाले प्रोफ़ेसर साहब शायद आंध्र के “OBC” वर्ग से आते है और इसीलिए राहुल गांधी वाला गैंग अब तक शांत भी है।
अगर यही कोई GC और विशेष रूप से कोई ब्राह्मण होता तब आप इनका ड्रामा देखते।
भारत के इतिहास में प्रो शिरीष का नाम उच्चतम स्थान पर लिखा जाएगा
और ये क्षण जा उन्होंने इस्तीफ़ा दिया - शिक्षा के क्षेत्र का अन्धकार युग शुरू करेगा
लोग ताली बजा रहे हैं
हमने एक कुशल शिक्षक और हर शिक्षण संस्थान को उसकी प्रतिबद्धतता से नीचे धकेल दिया
हाइड्रोशील एक्ट का इससे नीचतम उदाहरण नहीं हो सकेगा
यही इसके अंत की शुरुआत है
बिहार के जमुई से जो वीडियो आया है वह सच में बेहद हैरान करने वाला है
ऐसा लग रहा है कि बिहार नाइजीरिया इथोपिया से भी बदतर बन चुका है
सम्राट चौधरी जी अपराधियों का एनकाउंटर करवाइए एक दशवी की छात्रा के साथ खुलेआम इस तरह की हरकत की गई वीडियो बनाया गया वीडियो को वायरल किया गया
ऐसा लग रहा है कि अपराधी उस समुदाय से हैं जो खुद को संविधान से भी बड़ा मानते हैं जिन्हें कुछ भी करने का अधिकार मिला हुआ है
पुनः मैं श्री नरेंद्र मोदी जी से और भाजपा से यही अनुरोध करना चाहूँगा कि जितने IITs हैं, 23 में से 12 आप दलितों को दे दीजिए। अगर SC, ST, OBC एक जगह पर हैं।
यदि केवल SC, ST को देना चाहते हैं, OBC को आप अलग करना चाहते हैं, तो भी ठीक है, OBC को आप अलग कर दीजिए।
SC, ST 22% हैं, तो 23 में से 5-7 IIT इन लोगों को दे दीजिए। 7 IIT जो नई वाली, चमचमाती, बढ़िया वाली IITs हैं, ये इन लोगों को दे दो। वहाँ पर जितने भी faculty member इन जाति समूहों से आते हैं, उनको इंप्लॉय कर दो।
चंद्रशेखर रावण जैसे लोगों को भी प्रोफेसर बनाया जा सकता है। भीम आर्मी से mass recruit कर लीजिए। Humanities जो पढ़ाई जा रही है, ऐसे लोगों को भी contract दे दीजिए। मोदी जी, आप ही के तो लोग हैं वो। गोल्डन दास वहाँ Quantum Physics, Propellant Technology पढ़ाएँगे, राजकुमार कुशवाहा जी Energy Sciences या Metallurgy पढ़ा सकते हैं और चंद्रशेखर रावण जी को डीन बनाया जा सकता है।
ऐसे जितने बहुत बढ़िया लोग, उत्कृष्ट योगदान समाज में दे रहे हैं, उन सारे लोगों को इकट्ठा इन 7 IITs में दे दीजिए। AIIMS भी जितने बने हैं, उसमें से 'एक चौथाई +1' करके इनको दे दीजिए।
इनको देकर बोलिए कि हमें कोई discrimination नहीं चाहिए। हम चाहते हैं कि आप फलो-फूलो, मनुवादियों से आप अलग रहो।
मैं कह रहा हूँ, इन ब्राह्मणवादियों को, मनुवादियों को जातिवाद करने का अवसर ही क्यों देना? इनको अवसर मत दो।
ऐसा कर देने से वहाँ पर केवल और केवल उन्हीं जातियों के लोग होंगे। इससे क्या हो जाएगा? कोई जातिवाद नहीं रहेगा।
अपना बढ़िया वहाँ Humanities भी पढ़ाओ, YouTube पर वीडियो कैसे बनाएँ, Applied Thermodynamics वो पढ़ाओ। Aeroelasticity, Flight Mechanics, और Aircraft Instrumentation पढ़ाओ।
Jet Propulsion Laboratory जो MIT में है, उसका एक version इनको भी दे दो। Jet विमान ना सही, कुछ तो यहाँ पर बनाएं। इन लोगों को पूरा ecosystem create करने दीजिये, फिर बढ़िया एकदम innovation होगा।
और बाकी जो हैं, उनको छोड़ दो अपने हाल पर। जाओ पढ़ो, जाके ब्राह्मण से। OBC और अनारक्षित बच्चों को बाकी 17 IITs दे दीजिये। ये अपना यहाँ अलग पढेंगे।
अगर IIT-IIM जैसी संस्थाओं की हर समस्या का समाधान जाति के अलग-अलग खांचे बनाना ही है, तो मोदी सरकार एक काम और करे।
अलग IIT, अलग IIM, अलग कैंपस, अलग सिस्टम।
फिर शिकायत भी खत्म, बहस भी खत्म।
और मंडल-भीम आर्मी वालों को प्रोफेसर बना दो, वही व्यवस्था समझाएंगे।
VC - @ajeetbharti
आप कुछ मत करिये मोदी जी को बोलिये पढ़ाई में सेपरेशन बहुत जरूरी है एससी-एसटी को एससी एसटी वर्ग का टीचर पढ़ायेंगे नहीं तो जनरल वाले सभी टीचर्स को अपने पदों से तुरंत स्तिफा दे देना चाहिए?!
मेरा छात्रों से निवेदन है कि यदि क्लास में कोई प्रोफेसर आपको अपमानित कर रहा है तो उसे वहीं डाँट दीजिए। मैंने कई बार अपने प्रोफेसरों को डाँटा है। एक बार तो मैंने एक प्रोफेसर को भरी क्लास में बोल दिया था कि आपको पढ़ाना नहीं आता है और आप जो पढ़ाते हैं, उसमें से एग्जाम में कुछ नहीं आता है। आप गलत-सलत पढ़ाने की सैलरी नहीं ले रहे हैं।
प्रोफेसर चुप!
$a1e प्रोफेसर की इतनी औक़ात कि वह स्टूडेंट्स को क्लास में अपमानित करे!
उसका काम बच्चों को पढ़ाना, सिखाना और समझाना है, अपमानित करना नहीं।
भीड़ की माँग पर आईआईटी प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है।
पुलिस ने SC ST का केस दर्ज कर लिया है।
प्रोफेसर का गुनाह- नक़ल करते हुए रोकना
भारत में पैदा होना।
लोकतंत्र अब भीड़तंत्र में बदल चुका है।
थैंक्यू मोदी जी
प्रयागराज में एक ब्राह्मण समाज की छात्रा कोचिंग जा रही थी, रास्ते में बाईक सवार विशाल पासी और विशाल पाल ने उसके साथ छेड़छाड़ की? छात्रा ने अपने मामा प्रदीप द्विवेदी को बुलाया, प्रदीप द्विवेदी ने छेड़छाड़ का विरोध किया, तो विशाल पासी ने अपने साथ दर्जन भर गुंडे बुला लिए?
प्रदीप द्विवेदी को लहुलुहान कर रोड पर घसीटा, प्रदीप द्विवेदी की हालत गंभीर है अब वह ICU में जिंदगी और मौत के बीच हैं।
आरोपी दोनों दलित पिछड़े समाज से हैं इसीलिए घटना पर बिल्कुल शांति है, यही इसके विपरित यदि लड़की की जाति ब्राह्मण की जगह दलित होती, आरोपियों की जाति दलित पिछड़े की जगह ब्राह्मण ठाकुर होती तो अब तक राहुल गांधी और चंद्रशेखर रावण थाने पहुंचकर SCSTACT में FIR करवा चुके होते, हमें तो शर्म आती है अपने समाज के नेताओं पर जिन्हे समाज से कोई मतलब नहीं है, और हमारा समाज भी हिंदुत्व का ठेकेदार बना बैठा है।
प्रो. सूर्यनारायण डूल्ला के इस्तीफे के बाद अब IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदरे को भी छात्रों ने इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
वजह सिर्फ इतनी कि उन्होंने एक छात्र को नकल करने से रोका था।
डायरेक्टर शिरीष केदरे ने कहा कि वे छात्रों का आंदोलन और नहीं खींचना चाहते क्योंकि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्होंने 21 सितंबर को पद छोड़ने का फैसला किया।
आज भारत से उम्मीद टूटती दिख रही है। तथाकथित Gen Z ने एक प्रोफेसर और डायरेक्टर को सिर्फ ईमानदारी से काम करने के कारण इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं।
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए। केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए।
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो। सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी।”
यह लाचार आदमी कोई और नहीं IIT Bombay के डायरेक्टर सर हैं, एक वो भी समय था जब IIT Bombay की पूरी दुनियां में धाक होती थी, आज पूरी दुनियां उसी संस्थान पर हँस रही है, मोदी एक्ट ने सब बर्बाद कर देना है
ये आदमी बार बार साबित करता है कि नरेंद्र मोदी इसकी 10 जन्म में भी बराबरी नहीं कर सकता.
राहुल - ये आँख में क्या हुआ तुम्हारी?
लड़की - सर मैं ज़ब तीन साल की थी तो आँख में चूना घुस गया था
राहुल - अब कैसी है, ठीक है ना?
लड़की - नहीं सर, ठीक नहीं, दिखता नहीं मुझे
राहुल - किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाया??
लड़की - नहीं सर, मेरे घर की कंडीशन ऐसी नहीं है कि मैं इस आँख का इलाज करवा सकूं
राहुल - मैं दिखाता हूं, मैं करवाऊंगा इलाज.
आखिर में बोले गए राहुल गाँधी के ये शब्द दिल जीत लेते हैँ, इंसानियत की महक आती है इसमें से
इनमें कोई मक्कारी नहीं, साफ नीयत और लोगो के लिए फ़िक्र दिखती है
नरेंद्र मोदी जी आप क्या इस आदमी की बराबरी करोगे, आपको मक्कारी आती है, अपनापन नहीं.
वीडियो कमेंट में देख लीजियेगा, देखकर भावुक महसूस करेंगे