रोज़गार देने के बजाय बिहार की NDA सरकार युवाओं पर लाठियां बरसा रही है।
पटना में 26 दिनों से जारी धरना और 12 दिनों से आमरण अनशन के बावजूद सत्ता के मद में चूर सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। यह साफ़ दिखाता है कि इस कुर्सीपसंद सरकार और इसके नेताओं को न तो युवाओं के रोजगार से मतलब है और न ही बिहार के भविष्य से, इन्हें सिर्फ अपनी सत्ता प्यारी है।
बिहार के युवा कर रहे पुकार,
नहीं चाहिए अब ऐसी लाठीमार सरकार।
बिहार में संविदा कर्मी अपनी मांगों को लेकर पटना में BJP कार्यालय पहुंचे
BJP ने पुलिस भेजकर इनकी पिटाई करवाई
बिहार की नीतीश और मोदी की सरकार अत्याचारी है
वैसे, जल्द ही अभिमान टूटेगा
बिहार की जनता अकल ठिकाने लगाने वाली है
विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी संघ की तरफ से पुन: एक बार फिर प्रतिनिधि मंडल मिला। सरकार ने इन्हें एकमुश्त सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। संपूर्ण बिहार के हज़ारों संविदा कर्मी 16 अगस्त से हड़ताल पर हैं।
इनके शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर बर्बरतापूर्वक कुचल दिया गया। हम इनकी निम्नवत मांगों के साथ है।
1. धरना-सत्याग्रह में बर्खास्त किये गए सभी कर्मियों की सेवा तत्काल बहाल की जाए।
2. इनकी सेवा 60 वर्ष तक नियमित की जाए।
3. नियमित नियुक्ति में इन्हे अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जाए।
4. मंहगाई भत्ता, पदनाम परिवर्तन, EPFO अंशदान इत्यादि अन्य मांगों को स्वीकार किया जाए।
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