एक पत्रकार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जी से सवाल किया—
आए दिन किसी न किसी भर्ती परीक्षा पर विवाद होता है, कभी पेपर लीक की खबरें आती हैं, तो कभी अभ्यर्थी नौकरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सड़कों पर उतर जाते हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
बिहार में छात्रों के हिसाब से गुरुजी..प्राइमरी स्कूलों के लिए मानक
हर 30 छात्र पर होंगे एक शिक्षक .. नामांकन और कक्षा के आधार पर शिक्षक .. कक्षा 1-5 और 6-8 अलग-अलग इकाई
NEET 2026: लखीसराय दूसरे के बदले परीक्षा दे रहे 9 स्कॉलर गिरफ्तार \ इंदौर से NEET परीक्षा को लेकर बड़ी खबर...NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार
#NEET2026#NEETExam#NEETScam
TRE 4 में जिस विषय में शिक्षक नहीं उसी विषय का वैकेंसी लाएंगे:शिक्षा मंत्री
और बाकी सब जो 2 साल से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहा वो ? @mkrtiwari_bjp@samrat4bjp
मैं हमेशा बच्चों से यही कहता हूँ कि कोई भी परीक्षा हो, समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुँचने की कोशिश करें ताकि आखिरी समय में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
लेकिन इस वीडियो को देखकर बहुत दुख हुआ। सिर्फ 2 मिनट की देरी की वजह से इस बच्ची को नीट की परीक्षा देने के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया।
उसके लिए ये सिर्फ 2 मिनट नहीं हैं, बल्कि पूरे साल की मेहनत, घरवालों की उम्मीदें और डॉक्टर बनने का सपना है।
#neet2026
May be Vivek Bindra is fraud,
Because he is against the youths.
He is promoting to convict person khan sir who was making fool to student about selection.
There is need of reform.
Education minister should resign as soon as possible.
फैजल खान एक बात याद रखना, भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं
तुमने एक हंसते खेलते परिवार की खुशिया लूटी है।
राकेश यादव सर आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं..
रोशन आनंद इस दर्द से कभी नहीं उभर पाएंगे।
सभी को रोशन से का साथ चेना चाहिए,उनके साथ खड़ा होना चाहिए।
झूठ की उम्र लंबी नहीं होती than sir..
उत्तर प्रदेश में जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याओं के समाधान से ज्यादा रील बनवाने में IPS अधिकारी व्यस्त है तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
शायद यही वजह है कि कुछ लोग IPS अजय पाल महोदय को "रीलवाज अधिकारी" कहकर संबोधित करते हैं।
जनता को कैमरा नहीं, समाधान चाहिए।
रिजल्ट अपने पक्ष में आएं या नहीं घबराना नहीं है। थोड़ा ताना बाना सुनेंगे पर सुनने की क्षमता होनी चाहिए।
हालांकि एक सप्ताह तक आप लोगों को घर वालों से सुनने को जरूर मिलेगा।
#bpsc#70thbpscresult
70वीं BPSC का फाइनल रिजल्ट जारी
इस बार BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में 2035 पदों के लिए चयन किया गया है। मुख्य परीक्षा में 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 5,401 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए सफल हुए।
🏆 टॉप-3 अभ्यर्थी
1. श्रद्धा पांडेय – 593 अंक
2. शशांक गौरव – 592 अंक
3. आयुष विजयन – 592 अंक
चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति SDM, DSP, राज्य कर अधिकारी समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों पर होगी।
आयोग के अनुसार, 70वीं BPSC में 5450 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया, इसलिए परिणाम जारी होने में अधिक समय लगा। तुलना करें तो 68वीं BPSC में सिर्फ 324 और 69वीं में 475 रिक्तियां थीं, जबकि इस बार 2035 पद थे।
सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई। अब बिहार को बेहतर प्रशासन, ईमानदार व्यवस्था और जनसेवा की नई उम्मीद आपसे है। 🎉👏 #Bpsc
खान सर-रोशन सर प्रकरण के बहाने कोचिंग जगत और सेलिब्रिटी टीचर संस्कृति की हकीकत पर @abhinaymaths के साथ चर्चा!!
इस दुर्भाग्यपूर्ण मुद्दे पर हमें यह बातचीत करनी पड़ी। यह बातचीत इसलिए भी ज़रूरी हो गई थी क्योंकि एक तरफ से अंधाधुंध PR और प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वीडियो के बाद तो और भी आक्रामक PR अभियान चलाया जा रहा है।
मीडिया ने जिस कोचिंग माफिया शब्द का इस्तेमाल किया है, पढ़ाई-लिखाई के स्पेस में जिस तरह की प्रथाएं और तौर-तरीके सामने आ रहे हैं, वे कहीं न कहीं उस शब्द को सही साबित करते दिखाई देते हैं।
मुजफ्फरपुर जिले में एक BPSC से नियुक्त शिक्षिका को लेकर विवाद सामने आया है। पति पक्ष का आरोप है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान शिक्षिका ने अपनी वैवाहिक स्थिति की सही जानकारी नहीं दी और खुद को अविवाहित बताया, जबकि उनकी शादी पहले ही हो चुकी थी।
परिवार के अनुसार दोनों की शादी दिसंबर 2022 में हुई थी। इसके बाद शिक्षिका ने TRE-1 परीक्षा पास कर नवंबर 2023 में मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में नौकरी ज्वाइन की।
पति पक्ष का कहना है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद शिक्षिका के व्यवहार में बदलाव आया और उन्होंने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को आवेदन देकर जांच की मांग की गई है।
वहीं शिक्षिका ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वह अपनी बात कोर्ट के सामने रखेंगी। अब विभागीय जांच और कोर्ट की प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।