द्रोणाचार्यों की खैर नहीं! 🚨😡
केरल के कन्नूर डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. कोडंडा राम ने नितिन राज को भरी क्लास में जातिगत रूप से जलील किया। वह आए दिन दलित छात्रों को जलील करता रहता था।
नितिन राज इस अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सका, और कॉलेज की छत से कूदकर अपनी जान दे दी। यह इसी साल अप्रैल की घटना थी। जिला कोर्ट ने उस प्रोफेसर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। फिर वह हाई कोर्ट गया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून को हाई कोर्ट ने भी उसे राहत देने से मना कर दिया।
हालांकि जातिवादी प्रोफेसर कोडंडा को भला कैसे बर्दाश्त होगा कि किसी दलित की आत्महत्या के मामले में वह जेल जाए। दलित तो कीड़े मकोड़े होते हैं। उनकी जान की क्या ही कीमत है? अतः वह अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन उसके तमाम कुतर्कों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे कोई राहत देने से मना कर दिया है। अब उसे कानूनी कार्रवाई तो झेलनी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संस्थागत उत्पीड़न को अत्यंत संवेदनशील माना और कहा:
"उस प्रोफेसर को अपने कृत्यों के नतीजों का एहसास होना चाहिए। अगर क्लासरूम में किसी स्टूडेंट की इस तरह बेइज्जती अथवा अपमान किया जाता है, तो इसका उस स्टूडेंट पर क्या असर होगा? वह टीचर इस तरह का बर्ताव करके बच नहीं सकता। समाज में एक कड़ा संदेश जाना चाहिए।"
सरकार, न्यायपालिका एवं अन्य सभी संस्थाओं को जाति के मुद्दे को लेकर अत्यंत संवेदनशील होना चाहिए। दलितों के प्रति जातीय कुंठा के भाव से घिरे हुए प्रोफेसर इस धरती पर एक कलंक हैं, जो आज भी किसी अर्जुन को महान बनाने के लिए एवं जातीय दुर्भावना के चलते किसी एकलव्य का अंगूठा काटने को तैयार हैं। सच कहें तो आज की स्थिति उससे भी अधिक भयावह है। आज के मनुवादी प्रोफेसर दलितों का सिर्फ अंगूठा नहीं काटते, बल्कि उनका गला ही काट रहे हैं। उन्हें इतना प्रताड़ित किया जा रहा है कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं। न जाने कितने दलित छात्र आज भी रोहित वेमुला की तरह प्रताड़ना के तले घुट-घुटकर जी रहे हैं।
अर्जेंटीना से ताजमहल देखने आई एक महिला टूरिस्ट साड़ी पहनी थी। साड़ी बार-बार खुल जा रही थी, तो यूपी पुलिस की एक महिला सिपाही ने उसकी साड़ी बांधी।
महिला टूरिस्ट ने यूपी पुलिस का धन्यवाद किया।
अभी दो दिन पहले ही बलिया में पुलिसकर्मियों ने एक दलित को थाने में इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। कस्टोडियल डेथ के मामलों में भारत अत्यंत भयावह स्थिति में है। यहाँ का दलित और आदिवासी समुदाय जितना जातिवादी गुंडों से डरता है, उससे कहीं ज़्यादा वह पुलिसकर्मियों से डरता है।
पुलिस प्रशासन हो या सरकारी तंत्र, धार्मिक पंडाल हो या सिविल सोसायटी.. भारतीय लोग विदेशी गोरों को देखकर जिस तरह का संस्कारी व्यवहार करते हैं, काश वैसी ही संवेदनशीलता और सम्मान उनके भीतर अपने ही देश के दलितों एवं आदिवासियों के प्रति भी होता। मगर अफ़सोस, जो भारतीय दलितों से श्रेष्ठ होने का दंभ भरते हैं.. गोरी चमड़ी के विदेशियों के आगे उनका सारा श्रेष्ठता बोध नतमस्तक हो जाता है।
दरिंदा डॉक्टर हुआ गिरफ्तार।
लखनऊ में दलित छात्रा को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर
OT में उसके साथ क्रूरतापूर्वक रेप करने वाला डॉ विजय गिरी गिरफ्तार हो गया है। डॉक्टर का लाइसेंस रद्द किया गया और हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है।
ये कैसी मेरिट है? कुछ लोग इसी मेरिट का तबला बजाते हैं।
एक देश,दो कानून ?
छतीसगढ़ की ब्राह्मण जाति की अनामिका उपाध्याय ने बाबासाहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर और भारत के सबसे बड़े जातीय समूह 'जाटव' पर बेहद ही अभद्र,अपमानजनक एवं जातिसूचक टिप्पणी कीं। सवर्णों के दबाब में छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे दो दिन बाद छोड़ दिया।
गुजरात के एससी वर्ग के निखिल चावड़ा पर महज अभद्र टिप्पणी व एक फ़ोटो एडिटिड करने का आरोप लगा था। भाजपा नेताओं और सवर्णों के दबाब में गुजरात पुलिस ने निखिल चावड़ा को जेल भेज दिया। निखिल पिछले एक हफ्ते से जेल में बन्द है।
बहुजन समाज के लोगों याद रहे कि आप कानून में विश्वास रखते हैं,लेकिन कानून सत्तारूढ़ दलों के अधीन चलता है।
एक देश में दो कानून कैसे हो सकते हैं? जब अनामिका उपाध्याय को रिहा कर दिया गया है,तो फिर निखिल चावड़ा को रिहा करने में कौन-सी परेशानी आ रही है?
क्या सवर्णों और बहुजनों के लिए अलग-अलग कानून है? बहुजन समाज के लोगों को चिन्तन-मनन करना चाहिए।
बहुजन नेताओं,स्वघोषित बहुजन मीडिया और बहुजन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को निखिल चावड़ा को जेल से बाहर निकलवाने में मदद करनी चाहिए।
@The_Mooknayak@TheNewsBeak
BJP का 'हत्यारा सिस्टम'
दिल्ली के रहने वाले कमल ऑफिस से घर के लिए निकले, रास्ते में बड़ा सा गड्ढा खुदा हुआ था। कमल बाइक के साथ गड्ढे में गिर गए, उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
ये गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था, लेकिन न गड्ढे को कवर किया, न कोई बैरिकेड लगाया और न चेतावनी का बोर्ड।
अभी कुछ दिनों पहले ही नोएडा में 27 साल के इंजीनियर युवराज की पानी से भरे गड्ढे में गिरकर जान चली गई थी।
ये हादसा नहीं- निर्मम हत्या है, जिसे BJP की 'निकम्मी सरकार' और 'नाकारा सिस्टम' ने अंजाम दिया है।
नरेंद्र मोदी ने वादा तो 'स्मार्ट सिटी' का किया था, लेकिन उनका सिस्टम लोगों की जान ले रहा है।
माननीय न्यायलय को 2 दिन का चंद मुट्ठीभर सवर्णों का प्रोटेस्ट दिख गया और जिन लोगों ने जाति भेदभाव के चलते जान गंवा दी वह दिखाई नहीं दिया,
जिन नियमों को लागू करने में 14-15 साल का समय लग गया उसे 1 मिनिट में रोक लगा दी, कुछ तो रहमदिली दिखाते, कुछ तो दलित पिछड़ा आदिवासी में न्याय की उम्मीद जगाते,
मिलार्ड कब तक सिर्फ बहुजनों पर अत्याचार करोगे, आज़ादी के इतने सालों बाद भी न्याय नहीं है दलित आदिवासी पिछड़ा के लिए ।
➡️राजस्थान के बाड़मेर जिले के कौशलु गांव की बच्चियों को हर दिन स्कूल जाने के लिए 300 मीटर लंबे जलभराव से गुजरना पड़ता है।
➡️यह समस्या बीते 6 महीने से बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
➡️स्थानीय लोगों ने बताया कि कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे हुए भी आधा साल हो चुका है, लेकिन गरीब घरों की इन बेटियों की सुनवाई नहीं हो रही।
#RajasthanNews #educationcrisis
#WaterLoggingCrisis
पता नही लोग आक्रामक विदेशी नस्ल का कुत्ता क्यों पाल रहे हैं. कुत्ता पालना स्टेटस सिंबल बन चुका है.
वायरल सीसीटीवी में रॉटविलर कुत्ता महिला और उसकी गोद में चार महीने की बच्ची पर हमला कर देता है. हमले में बच्ची की मौत हो जाती है.
दर्दनाक घटना गुजरात के अहमदाबाद की है. पुलिस ने रॉटविलर कुत्ते के मालिक को गिरफ्तार कर, कुत्ते को नगर निगम के हवाले कर दिया. गुजरात सरकार ने कहा है वो कठोर नियम बनाएगी.
पिटबुल या रॉटविलर जैसे आक्रामक नस्ल के कुत्तों देश में कई लोगों के मौत का कारण बन रहे हैं,
इन्हें पालने पर प्रतिबंध लगना चाहिए. अमेरिका के 20 राज्यों में पिटबुल और अन्य आक्रामक तेवर के कुत्तों के पालने पर प्रतिबंध है.
भाजपा का देखो खेल, दिल्ली पुलिस भर्ती में कर गये खेल, 10% ईडब्लूएस को 810 पद, 27% ओबीसी को 2037 पद के सापेक्ष दिया मात्र 429 पद, इसके पहले यूपी में आई टेस्टिंग ऑफिसर में एससी का आरक्षण किया शून्य, उसके भी पहले ग्रा.पं.अधि./ग्रा.वि.अधि. की भर्तियों में एसटी के आरक्षण पर डाली थी डकैती।
यानी "अंधा बाँटे रेवड़ी, अपुन-अपुन को देय।"
'सप्लाई में बाधा डाली तो पाताल से ढूंढ निकालेंगे': हड़ताल पर बिजली कर्मियों को मंत्री की चेतावनी; वाराणसी DM ऑफिस की बिजली गुल
#Uttarpradesh#Lucknow
https://t.co/3v77WZucyE
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र #वाराणसी के काल भैरव मंदिर की बिजली गुल है श्रद्धालु सुबह से ही अंधेरे में बिना बिजली के दर्शन पूजन कर रहे है , दूसरी तरफ़ प्रदेश के मुखिया विकास कार्यों की समीक्षा करने में व्यस्त है !
➡️सीतापुर: बिजली कर्मियों की हड़ताल से शहर की बिजली गुल
➡️53 उपकेंद्रों की करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित
➡️घरों में पानी न होने से लोग नलकूपों से भर रहे पानी
➡️मोमबत्ती के सहारे परीक्षा को लेकर पढ़ाई कर रहे बच्चे
@DmSitapur#sitapur
बाराबंकी
➡️बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का मामला
➡️24 घंटे से लगभग 300 गांवों की बिजली गुल
➡️कई सरकारी कार्यालयों की बिजली आपूर्ति बाधित
➡️क्षेत्र में हुई बारिश के चलते कई फीडर ब्रेकडाउन में
➡️उपकेंद्र से कर्मचारी बिजली घर छोड़ कर चले गए
➡️विद्युत कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने नहीं जा रहे
➡️सिरौलीगौसपुर विद्युत उपकेंद्र का है मामला.
#Barabanki
*सीएम योगी के आने से ठीक पहले वाराणसी में सर्किट हाउस की बिजली गुल, अफसरों के छूटे पसीने*
बिजली जाने के बाद इसको सही करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने कारण कल से आधा शहर अंधेरे में हैं, जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम बनाया और बड़े बड़े दावे किए लेकिन आज ये दावे फुस्स हो गए,
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर कई अन्य शहरों अयोध्या , गोंडा , प्रयागराज , आजमगढ़ , मैनपुरी लगभग हर शहर में बिजली गुल
धरने पर बैठे कर्मचारी ,
@myogiadityanath जी मुसलमानों का पवित्र महीना रमज़ान आने वाला है आपसे अनुरोध है बिजली गुल की समस्या का जल्द से जल्द निवारण करें ।
अयोध्या
➡️बिजली कर्मियों की हड़ताल का बड़ा असर
➡️11 घंटे से बिजली गुल, रामभरोसे विद्युत उपकेंद्र
➡️3 फीडर की लाइन बंद, 250 गांव अंधेरे में
➡️फाल्ट नहीं हो रहे ठीक, इलाकों की बिजली गुल
➡️क्षेत्र के करीब 25 हजार उपभोक्ता परेशान
➡️अमानीगंज, सोहावल व कुमारगंज पावर हाउस का मामला.
#Ayodhya @MVVNLHQ@UPPCLLKO
उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की हड़ताल का दिखने लगा असर, लखनऊ के विधानसभा मार्ग स्थित कस्टमर केयर सेंटर की बिजली गुल
हाई कोर्ट में दाखिल किया गया कर्मचारियों के खिलाफ याचिका, कर्मचारी नेताओं के खिलाफ वारंट जारी
उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के हड़ताल से लोग परेशान