भाजपा के दो समर्थक, दोनों कट्टर दक्षिणपंथी, सनातनी और राष्ट्रवादी, 20% एथेनॉल नीति पर चर्चा कर रहे हैँ । इनका कहना है कि जितना पेट्रोल आप एथेनॉल मिलाकर बचाते हैं, उससे 10 गुना ज़्यादा ईंधन ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों में बर्बाद हो जाता है। बाइक और कार मालिकों को एथेनॉल के कारण अपने इंजन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त किट लगवानी पड़ेगी, उसका खर्च कौन देगा? इथेनोल के उत्पादन में भारी मात्रा में पानी की खपत होती है और इसके पर्यावरणीय प्रभावों पर भी कहीं गंभीर चर्चा नहीं हो रही।
इन दोनों से अलग मेरा कहना है कि अकेले दिल्ली में प्रवेश करते समय सभी बॉर्डर पर टोल ��े कारण जो लंबा जाम लगता है, उसमें जितना पेट्रोल बर्बाद हो जाता है, उसे 100% एथेनॉल नीति भी नहीं बचा पाएगी।
@ARanganathan72 @ajeetbharti
Dear @narendramodi and @nitin_gadkari, I urge you to heed science, reason, and the concerns of ordinary Indians.
Here, I explain why India’s E20 policy hurts vehicle owners, water resource, and the environment; and helps the politician-middleman, the sugar, and the liquor lobby:
कानपुर: रेप के आरोपी ACP को सस्पेंशन के बाद सीधे साइबर मुख्यालय में पोस्टिंग।
19 महीने से FIR, SIT, पर न चार्जशीट, न गिरफ्तारी। पीड़िता IIT छोड़ UP से बाहर चली गई।
#KanpurNews#UPPolice#JusticeForVictim
प्रधानमंत्री के पास ऐसी बकलोली के लिए समय है, परंतु UGC, NEET और राम मंदिर जैसे राष्ट्रव्यापी विषयों हेतु एक वाक्य नहीं निकल रहा मुँह से।
मुझे इस से समस्या नहीं है कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की सरलता पर PM लिखें, पर जब अन्य ��िषयों पर इनका मौन देखता हूँ तो विचित्र लगता है।
आप सभी को बड़े दुख के साथ बताना चाहता हूँ कि एक लंबी लड़ाई के बाद अब IAS आसिफ़ के यूसुफ की नौकरी जाने वाली है,
फर्जी OBC सर्टिफिकेट बनाने वाले तहसीलदार के ऊपर भी कार्यवाही होगी, लगातार खुरपेंच करने से चीजें बदलती हैं
Good win for HINDU WING..💪
After massive outrage BJP govt in GOA forced to cancel the ₹5.6 crore contract it awarded to a Muslim for renovation of a Hindu temple
This is how Hindus must keep hammering any party which works against its interest.
Glory to our devas 🙏
हम आह्वान करते हैं कि दलित समाज के लोगों को बुद्धिष्ट हो जाना चाहिए :- जीतन राम माँझी (केंद्रीय मंत्री)
कट्टर हिंदूवादी BJP हिंदू विरोधी इस व्यक्ति को क्यों ढो रही है? अब य�� सरकार भी तो नहीं गिरा सकता? यहाँ 3 बातें हैं:-
- पहली बात तो ये कि जीतन ना तो माँझी समाज का ठेकेदार है, ना ही दलित समाज का। इन्हें बुद्धिष्ट, इस्लाम, ईसाई जो भी होना है ख़ुद बन जाए। कोई नहीं रोकेगा। कल ही पूरा परिवार अपना ले
- दूसरी बात “मम्मी रे, पापा रे हमको अधिक-अधिक दे नहीं” तो मैं धर्म बदल लूंगा” ये ब्लैकमेल करना बंद कर दो। अब कोई भी समाज इस ब्लैकमेलिंग से ��हीं डरेगा। जो बनना है बनो
- तीसरी बात BJP को अब गठबंधन के ऐसे साथियों के ऐसे दो टके के बयानों पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए।
"प्रतिभा हर जगह मौजूद है। मेरिट सिर्फ एक बहाना है जिसका इस्तेमाल विशेषाधिकार प्राप्त लोग हाशिए पर पड़े लोगों को अवसरों से वंचित करने के लिए करते हैं"
-पवन वर्मा
देखिये पवन जी,
पहले, अगर प्रतिभा होती तो आरक्षण मांगते नहीं!
दूसरे, मेरिट से नफरत वही करते हैं, जिनके पास होती नहीं!
भ्रष्टाचार रत्ती भर कम नहीं हुआ है।
घूसखोरों की 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता समाप्त करने और 01 वर्ष में फाँसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
@PMOIndia@narendramodi
देखिए इन जवानियां गांव के सामंती करोड़पति ब्राह्मणों को
बाकी जातियों को तो बसने के लिए जमीन मिली थी बिलौटी में बसने के लि�� जिनके लिए शहीद भरत तिवारी जी अपनी जान दे दिए
लेकिन उसी गांव के ब्राह्मण भूमिहार और यादव को जमीन तक नहीं दिया गया लिस्ट में नाम तक नहीं रखे गए
जब गांव सही था तो इन्हीं ब्राह्मणों ने अपने जमीन पर बाकियों को बसाया था और आज यही ब्राह्मण खाने और रहने के मोहताज है
सरकार से लेके संविधान तक ये सामंती और शोषक हैं
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को खेजड़ी की जगह पीपल का पौधा थमा दिया,
ये बिल्कुल वैसे ही जैसे पाचप धारी रिफाइनरी में आग लगने की जिम्मेदारी किसी और के कंधे पर डालकर मामला रफा-दफा कर दिया गया
पुरुष अधिकारी 1000 करोड़ रुपयों का घोटाला करके बच जा रहे है ,
लेकिन एक महिला ने 350 करोड़ का घोटाला क्या किया पुरुष अधिकारियों के आँखो में चुभ गई ,
एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बात करते हो दूसरी तरफ जब कोई महिला आगे बढ़ती है तो यही पुरुष समाज उनके पैरों में जंजीर बांध देता है।
सरकार इन्हें हर महीने ईमानदारी से ₹85,000 की सैलरी देती है। लेकिन जब ACB (Anti-Corruption Bureau) ने इनके घर का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ ग��। ₹85,000 कमाने वाले इस साहब के घर से ₹100 करोड़ से ज्यादा का साम्राज्य निकला
नाम है मोहन नाइक। पद सुनेंगे तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा— 'Engineer in Chief, Roads & Building Department'। यानी हमारे राज्य की सड़कों और सरकारी इमारतों के 'भाग्यविधाता'।
20 एकड़ जमीन (मानो पूरा गांव ही खरीद लिया हो)
5 किलोग्राम खरा सोना (सोने के बिस्कुट और जेवरात)
7 आलीशान लग्जरी फ्लैट्स
1 ट्रिपलेक्स विला (जिसकी सिर्फ रजिस्ट्री कराने में ही ₹2.5 करोड�� फूंक दिए)
कुकटपल्ली में एक और आलीशान मकान (कीमत ₹62 लाख)
और हां, रसूख और अय्याशी के शौक के लिए 60 विदेशी शराब की बोतलें मुफ्त!
फिलहाल, साहब को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में ��ेज दिया गया है। लेकिन असली तमाशा तो अब शुरू हुआ है...
मानसून आते ही सड़कें क्यों बह जाती हैं? आज जवाब मिल गया!
हम और आप हर साल मानसून में रोते हैं। सरकार को कोसते हैं कि साहब, अभी चार महीने पहले ही तो सड़क बनी थी, पहली ही बारिश में इसके परखच्चे क्यों उड़ गए? कोई पुल चालू होने से पहले ही क्यों ढह जाता है?
आज जवाब आपके सामने है! जब किसी सड़क या पुल के बजट का आधा पैसा इन बड़े अधिकारियों के विला की ईंटों में, इनके फ्लैटों के मार्बल में और इनकी तिजोरियों के सोने में तब्दील हो जाएगा... तो सड़क पर कोलतार (डामर) की जगह सिर्फ धूल और मिट्टी ही तो बचेगी!
सड़कें और इमारतें भ्रष्टाचार के इसी दीमक के कारण ढहती हैं। हम गड्ढों में गाड़ियां उछालते हैं, अपनी रीढ़ की हड्डी तुड़वाते हैं, एक्सीडेंट में अपनों को खोते हैं... और ये साहब लोग हमारे ही खून-पसीने की कमाई से खरीदे गए ट्रिपलेक्स विला के सोफे पर बैठकर विदेशी शराब की चुस्कियां लेते हैं।
सुबह अलार्म बजने से पहले उठने वाले नौकरीपेशा भाई, धूप में दुकान का शटर उठाने वाले व्यापारी, और नमक-रोटी खाकर भी ईमानदारी से टैक्स भरने वाले आम नागरिक... जरा एक पल रुक कर सोचना।
तुम मार्च का महीना आते ही एक-एक रुपए का टैक्स बचाने के लिए सीए के चक्कर काटते हो। मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा चुपचाप सरकार की झोली में डाल देते हो ताकि देश तरक्की करे, अच्छी सड़कें मिलें, सुरक्षित इमारतें मिलें।
लेकिन सच तो ये है कि तुम्हारा टैक्स देश के विकास में नहीं, बल्कि इन मगरमच्छों के पेट के विकास में जा रहा है!
यह सिर्फ एक 'मोहन नाइक' की कहानी नहीं है। सिस्टम के गलियारों में न जाने कितने ऐसे 'नाइक' छिपे बैठे हैं जो जनता के पैसों को दीमक की तरह चाट रहे हैं। जब ��क ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की पूरी संपत्ति जब्त कर के उसे सरेआम नीलाम नहीं किया जाएगा, और इन्हें ऐसी सजा नहीं मिलेगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बने, तब तक यह देश ऐसे ही गड्ढों में रेंगता रहेगा।
🥺🥺
She is Dr Vatsala Agarwal.
In August last year, she was appointed Director General Health Services of Delhi. She wasted no time and immediately started buying medicines and equipments at highly inflated rates by allegedly manipulating the tender processes, misusing hundreds of crores in public funds. By the time the Delhi police arrested her today, she had already allegedly created a health scam worth 600 crores.
Almost everyone in govt service, from top to bottom, seems to make massive money whenever an opportunity arises. Imagine the scale of systemic corruption if a single official can siphon off 600 crore rupees in less than a year. And it's not like she was honest for her 30 years of service till now, and suddenly turned corrupt; she only got caught now. Her life long scam would be much more than 600 crores.
It is truly surprising that India continues to grow despite such staggering leaks in the system.
ये दंगाई रुद्र प्रताप कुशवाहा है कह रहा है कि भरत तिवारी के मां-बाप और पूरे परिवार का एनकाउंटर होना चाहिए। 1 हज़ार ब्राह्मणों का एनकाउंटर हो। तब जाकर दिल को तसल्ली मिलेगी? अपराधी गोल्डन दास पर ���ार्यवाही न करने वाली बिहार पुलिस क्या इस व्यक्ति पर कार्यवाही करेगी? टैग कर रहा हूं।
House- Huge bungalow
Car - BMW
Phone- iPhone 17 Pro Max
But Status - Backward
Category - Reservation
College fee- ZERO
If this isn't a joke on General category, then what is?
MISINFORMATION ALERT!
Chitra Tripathi says “its RSS/VHP/BJP which fought for ram mandir from ground to courts”
Is this trut? NO , NO , NO
This is the one of BIGGEST LIE ever spoken and spread !
RSS /BJP /VHP did not fight the case in COURTS!
Here is the the Untold story of the real Architects of the Ram Mandir Victory
Story which shameless BJP lapdogs like @chitraaum will never tell you ..
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It is the brahmaleen Shankaracharya Swaroopanand Saraswati ji Maharaj who formed Akhil Bhartiya Sri Ram Janam Bhoomi Punarudhar Samiti which fought the Ram mandir case relentlessly in the courts!!
And it is two names from this body which deserve to be remembered as the ultimate legal and historical spine of the victory:
Its Advocate P.N. Mishra and Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati Ji (under the guidance of late Swami Swaroopanand Saraswati Ji).
Here is how their powerful synergy legally won the birthplace of Prabhu Sri Ram:
🔥 The Brains in the Court: Advocate P.N. Mishra
👉The 24 Day Stand: He brilliantly shook the opposition during the high-stakes Allahabad High Court hearings.
👉Dismantling Claims: He used his excellent knowledge of Islamic law and architectural history to prove the disputed structure lacked mosque essentials.
👉Supreme Court Triumph: His relentless legal arguments laid the concrete foundation for the final win.
Now t The Proof on the Ground that the place right under the central dome of Babri masjid is the Ram Lala birth place,it’s Shankaracharya Avimukteshwaranand Ji who provided the master evidence !
👉The Skanda Purana Puzzle: Scriptural maps showed the sacred boundaries, but a critical "fourth corner" was physically missing in court records.
👉The Ground Breakthrough: Swami Ji did tireless field research in Ayodhya to physically locate & map that missing boundary.
👉The Final Verdict: The Supreme Court officially accepted his geographical findings in the final 2019 judgment copy.
Without P.N. Mishra’s sharp legal mind and Avimukteshwaranand Ji's flawless scriptural proof, the boundary of the Janmabhoomi could never have been legally sealed.
Salutations to these true heroes of the Ram Janmabhoomi movement! 🙏
It’s them who put their blood , heart and soul to win this case while RSS/VHP/BJP looted the temple !
& shame on GODI MEDIA for falsely appropriating hard work of others to sangjis🤮
अधिकारियों पर पहले १०-२० करोड़ के भ्रष्टाचार उजागर होते थे। अब SI भी १०० करोड़ रखने लगा है। IAS आदि अब १००० करोड़ के रेंज में जा चुके हैं, अधिकारी सब १०० के मल्टीपल्स में।
अच्छी बात यह है कि मंत्री लोग और मंत्रालयों का भ्रष्टाचार नहीं चल रहा। यदि कभी ऐसा हो भी गया, तो लाख करोड़ से कम को मैं गंभीरता से नहीं ले पाऊँगा।