मोदी सरकार त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड से सिलीगुड़ी कॉरिडोर को अभेद्य बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रही है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरीं द्वार।
तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर॥
अमर महाकाव्य 'श्रीरामचरितमानस' के रचयिता, भक्तिधारा के महान कवि, 'पूज्यपाद' गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई।
उन्होंने अपनी दिव्य कृतियों के माध्यम से प्��भु श्री राम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों के अमृत संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। उनका कालजयी साहित्य लोकमंगल का शाश्वत पथप्रदर्शक है।
महान संत एवं महाकाव्य 'श्री रामचरितमानस' के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर उन्हें नमन।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने प्रभु श्रीराम के जीवन-मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाकर मानवता को भक्ति, सेवा और धर्म का अमर संदेश दिया।
उनका साहित्य-सृजन और भारतीय जीवन-दर्शन समाज को मर्यादा, कर्त्तव्य एवं सदाचार के पथ पर सदैव अग्रसर होने की प्रेरणा ��ेता रहेगा।
14 अगस्त 1947 का दिन इतिहास के उस क्रूरतम अध्याय का साक्षी है, जिसमें अमानवीय पीड़ा सहते हुए लाखों लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा और करोड़ों लोगों को घर, संपत्ति व अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। देश के बँटवारे का यह दंश, जो कांग्रेस की देन है, उसे इतिहास कभी भूल नहीं पाएगा। इस विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले और अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ।
मोदी सरकार #PartitionHorrorsRemembranceDay के माध्यम से इस त्रासदी की स्मृतियों को युवा पीढ़ी तक पहुँचा रही है, ताकि देश को फिर से तोड़ने वाली ताकतें कभी सफल न हो सकें और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ ही हमारा सर्वोच्च ध्य���य बने।
महान वीरांगना, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। धर्म, लोकसेवा और जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण व देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में आपके अतुलनीय योगदान सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
संसद का मानसून सत्र एक नेता के अहंकार, अनुशासनहीनता और उद्दंडता की भेंट चढ़ गया। वो हैं नेता प्रतिपक्ष राह��ल गांधी।
राहुल गांधी अपनी बहन के साथ बिना अनुमति प्रधानमंत्री आवास के गेट पर बैठ गए। राहुल गांधी के पिता, दादी, परनाना प्रधानमंत्री रहे हैं, प्रधानमंत्री के निवास का क्या महत्व होता है, वो उनको मालूम है। जब वहां गृह सचिव, और PMO के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह जी गए, तो उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए और चर्चा के लिए तैयार हैं।
जब उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो राहुल गांधी ने कहा कि हमें इस्तीफा चाहिए।
- श्री @rsprasad
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लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूँ।
लोकमाता ने मंदिरों के जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण से लेकर तीर्थों के विकास तक, विरासत के संरक्षण व पुनर्स्थापना में अतुलनीय योगदान दिया।
नारी शिक्षा और विधवा विवाह को बढ़ावा देकर महिलाओं को सशक्त करने वाली अहिल्याबाई होल्कर जी ने लोककल्याण, न्याय व सुशासन का आदर्श स्थापित किया। उनका जीवन धर्म, संस्कृति, जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है।
लोकमाता अहिल्याबाई होळकर यांच्या पुण्यतिथीनिमित्त त्यांचे स्मरण करू�� मी त्यांना कोटी कोटी नमन करतो.
मंदिरांचा जीर्णोद्धार आणि पुनर्निर्माणासोबतच तीर्थक्षेत्रांचा विकास करून, त्यांनी सांस्कृतिक वारशाचे रक्षण व पुनरुत्थान करण्यात अभूतपूर्व योगदान दिले. स्त्री शिक्षण आणि विधवा विवाहाला प्रोत्साहन देऊन महिलांना सक्षम करणाऱ्या अहिल्याबाई होळकर यांनी लोककल्याण, न्याय आणि सुशासनाचा एक आदर्श प्रस्थापित केला. त्यांचे जीवन धर्म, संस्कृती, जनसेवा आणि रा���्ट्रहिताप्रती असलेल्या समर्पणाचे एक प्रेरणादायी उदाहरण आहे.
IIT की परीक्षा में syllabus होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सबकुछ out of syllabus होता है।
Life में curiosity बनाए रखिए, अपनी learning instinct को जगाए रखिए, चेतना बनाए रखिए। जो बातें बिना सोचे-समझे स्वीकार कर ली जाती हैं, जरा उन्हें परखिए, उन पर सवाल उठाइए। लेकिन सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकिए, उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिए।
Tributes to Pingali Venkayya Ji on his Jayanti.
He made an immortal contribution to designing the Tiranga, our National Flag, which flutters high as the symbol of our pride and aspirations. His role in the independence movement and development of different streams of knowledge will always inspire Indians.
భారతదేశ జాతీయ పతాక రూపకర్త, స్వాతంత్ర్య సమర యోధుడు పింగళి వెంకయ్య గారి జయంతి సందర్భంగా ఆ మహనీయునికి ఘన నివాళులు అర్పిస్తున్నాను.
దేశ గౌరవం మరియు ఆకాంక్షలకు ప్రతీకగా ��న త్రివర్ణ పతాకాన్ని రూపకల్పన చేయడంతో పాటు, దేశానికి అమూల్యమైన సేవలను అందించారు. స్వాతంత్ర్య సమరంలో వారి పాత్ర భారతీయులకు ఎల్లప్పుడూ స్ఫూర్తిదాయకంగా నిలుస్తుంది.
भारत की आन, बान और शान 'तिरंगे' को स्वरूप देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया क��� जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
आपकी दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक हमारा तिरंगा प्रत्येक भारतीय के ह���दय में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का संचार करता रहेगा।
भारत को आगे बढ़ता देख आज दुनिया के बड़े-बड़े देश घबरा रहे हैं।
भारत को जितना खतरा बाहरी ताकतों से है उतना ही खतरा अंदर बैठे कुछ लोगों से भी है।
: अजित डोवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
युवाओं को आजादी का असली मतलब नहीं भूलना चाहिए।
आजादी का मतलब कुछ भी करना नहीं होता है, इस आजादी को पाने के लिए बहुत लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी दी थी, इसलिए इसे हल्के में कभी मत लीजिए।
: अजित डोवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार उधम सिंह के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश की आजादी के लिए उन्होंने जिस पराक्रम, शौर्य और वीरता का परिचय दिया, वह सदियों तक माँ भारती की सेवा के लिए अनुकरणीय रहेगा।
अमर शहीद उधम सिंह जी के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में नमन करता ��ूँ।
अद्वितीय साहस व पराक्रम के प्रतीक उधम सिंह जी ने जलियाँवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए देशवासियों क��� लंदन में प्रतिशोध लेकर अंग्रेजी हुकूमत को दहशत में लाने का काम किया। साथ ही, गदर पार्टी के माध्यम से उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों के मन में आजादी की अलख जगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वाधीनता के लिए हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूमने वाले शहीद उधम सिंह जी का जीवन धैर्य, संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अप्रतिम उदाहरण है।
ਅਮਰ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਵਸ 'ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚਰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਣਾਮ ਕਰਦਾ ਹਾਂ।
ਅਦੁੱਤੀ ਸਾਹਸ ਅਤੇ ਬਹਾਦਰੀ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਕ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੇ ਜੱਲ੍ਹਿਆਂਵਾਲਾ ਬਾਗ ਦੇ ਸਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਦੇਸ਼ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਲੰਡਨ ਵਿੱਚ ਬਦਲਾ ਲੈ ਕੇ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਹਕੂਮਤ ਨੂੰ ਦਹਿਸ਼ਤ ਵਿੱਚ ਪ���ਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ, ਗਦਰ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਮਾਧਿਅਮ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਰਹੇ ਭਾਰਤੀਆਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ਵਿੱਚ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੀ ਜੋਤ ਜਗਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਈ।
ਆਜ਼ਾਦੀ ਲਈ ਹੱਸਦੇ-ਹੱਸਦੇ ਫਾਂਸੀ ਦੇ ਰੱਸੇ ਨੂੰ ਚੁੰਮਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਜੀਵਨ ਧੀਰਜ, ਸੰਕਲਪ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਦਾ ਇੱਕ ਬੇਮਿਸਾਲ ਉਦਾਹਰਨ ਹੈ।