Rap-ture
Yeah, yeah
Yo, it's Nitin G in the house, ethanol boss,
Flexin' on the pump, never takin' a loss.
Blend it up
Nitin G, Nitin G, push that E85,
Mix it heavy, watch the engines cry.
You stuck on E10, petrol pure?
Nitin G don't give a f, blend it higher!
Nitin G, Nitin G, farmer's delight,
Ethanol flowin' through the day and night.
Your old car coughin'? That's your fight,
Nitin G keep it movin', blend it right!
Nitin G in the ministry, green vision clear,
Sugarcane fields poppin', no more import fear.
E20, E30, push it to the max,
Your carburettor cryin'? Relax, the facts:
Got distilleries hummin', jobs on the rise,
Air gettin' cleaner while your mileage dies.
Compatibility? Bro, that's yesterday's news,
Cop a flex-fuel whip or stay in the blues.
Nitin G don't care if your tank start knockin',
Farmers eatin' good while your engine's rockin'.
Nitin G, Nitin G, push that E85,
Mix it heavy, watch the engines cry.
You stuck on E10, petrol pure?
Nitin G don't give a f---, blend it higher!
Pure petrol kings in they vintage ride,
Whinin' 'bout corrosion, Nitin G just slide.
"Bro, my seals gone, my fuel lines leak!"
Nitin G laughin', go run on CNG, freak.
This the Atmanirbhar wave, ethanol supreme,
Cut that oil bill, live the green dream.
Grandpa's Maruti or your daddy's sedan?
Adapt or get left, that's the master plan.
Nitin G spittin' policy, no apologies,
Blend it till the world smell like victory.
E20, E30, E85
Cane to the tank, keep the nation alive
You compatible? You not?)
Tough luck, tough luck
So crank it up, E100 in the tank,
Nitin G runnin' India, fillin' every blank.
You compatible? Cool. You not? Tough luck.
Nitin G out, ethanol up, haters shut the fuck up!
Blend it right!!!
ये गौरव त्रिपाठी है इन्होंने 4 साल पहले कानपुर देहात के विकास भवन में अफसरों को एक कार्यक्रम में 500 लांच पैकट दिए थे लेकिन भुगतान अभी तक न हुआ अफसरों ने लंच के बाद डिनर ब्रेकफास्ट सब कर लिया लेकिन गौरव को लंच पैकेट के रुपए अभी तक नहीं मिले गौरव अफसरों के चक्कर लगा लगा थक हार गए और फ़िर उन्होंने कल विकास भवन में आत्मदाह का फैसला कर लिया गौरव का मानना था कि मैं आत्मदाह कर लूंगा तो शायद अधिकारियों की आँख खुल जाए और अन्य लोगों को समय से इंसाफ मिल सके, आत्मदाह की सूचना पर ज़िला मुख्यालय में हड़कप मच गया पुलिस मौके पर पहुंची और गौरव को समझाया विभागीय अधिकारियों द्वारा जल्द भुगतान का आश्वासन मिला लेकिन पैसा फ़िर भी न मिला, गौरव अपनी पीड़ा बताते बताते रो पड़े है ये सिर्फ एक गौरव की कहानी नहीं है अफसरों की मनमानी की वजह से न जाने कितने लोगों को दफ्तरों की चौखट के बाहर रोते देख है
@CMOfficeUP@DMKanpurDehat@myogiadityanath@spgoyal@sanjaychapps1@sanjayjourno@MamtaTripathi80@yadavakhilesh
जिस देश में, हिंदुत्ववादी पार्टी के राज्य और राज में, स्टेज पर कुछ बोलने के लिए कोई काजल घंटों में अरेस्ट हो जाती है, और मंदिर पर 10000 की हिंसक भीड़ भेजने वाले क्लिपकटुए या TCS में कन्वर्ज़न-रेप-ब्लैकमेल का रैकेट चलाने वाली निदा उसी हिदुत्ववादी पुलिस को मिलती नहीं है, यह उस देश की न्यायिक व्यवस्था, पुलिस और सत्तारूढ़ दल के बारे में बहुत कुछ कहती है।
बाक़ी त्रिशूल, त्रिपुंड आदि तो चलता ही रहेगा!
Why aren’t we talking about this enough? How could a corporate BPO office&that too a big one like TCS continue to function without any accountability despite several women complaining about the harassment and abuse besides religious conversion attempts. https://t.co/kX4Ie2YEql
You think you’re drinking Fruit Juice? THINK AGAIN.
Big food brands are selling sugar water with shiny ‘fresh fruit’ pictures on the front. And hiding the truth in tiny fine print at the back of packet which reads ‘Pictures for marketing purposes only’. SERIOUSLY?
Today in Parliament, I called this out.
Because these misleading branding and false advertisement are pushing millions, especially kids, into diabetes and lifestyle diseases.
Time to expose the truth behind your juice box.
Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए। जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
एक समय था जब सवर्ण बहु बेटियाँ किसी काम वश अपने आँगन के दहलीज के बाहर कदम निकालती थी तो उनके नूपुर के आवाज़ मात्र से हीं जिन नील कबूतरों के बाप दादाओं के दरवाजे बंद हो जाते थे, और गलती से रास्ते में टकरा भी जाए तो, मजाल नहीं की उनके नज़र सवर्ण बेटियों के पैरों से ऊपर उठ जाए और आज वहीं नीलचट्टे, इतना हिम्मत जुटा लिए हैं कि एक सवर्ण बेटी को घर से उठा, अस्मत लूट उसे कुएँ में फेंक देते हैं, उसी कुएँ में जिस कुएँ का पानी ठाकुर ने उन्हें 5000 सालों से पीने नहीं दिया।
ये हिम्मत दरअसल उनका अपना नहीं है, ये गुस्ताखी उन्होंने अपने बलबूते नहीं की है, बल्कि मौजूदा सरकार चीख चीख कर उन्हें बताया है कि तुम हरि के जन हो, तुम सार्वभौम हो, तुम्हीं इस कलि के देव हो, तुम्हीं इश हो, तुम्ही सब हो, तुम्हारा किया कार्य कोई खराब नहीं माना जायेगा, जो मर्जी आये करो, सरकार तुम्हारे साथ है।
मैं तो बोलता हूं गनीमत ये रहा कि, पासवानों ने ये बोल कर FIR नहीं की थाने में कि, हुजूर माई बाप! जब हमने सवर्ण लड़की को घर से उठाया तो वो हमारा सहयोग नहीं कर रही थी, हमें जाति सूचक गाली दे रही थी, इसपर ST SC act लगना चाहिए.. कमाल तिसपर ये कि SHO लगा भी देता..
ये देश है हमारा अभी. गज़ज़ब मतलब गजव हीं हो रहा है। इस देश में लग रहा कि कुछ बड़ा हीं होगा तभी गाड़ी पटरी पर आएगी..
और देखिएगा आपलोग, एक भी चादर %&*.. सवर्ण नेता, कार्यकर्त्ता, साधु संत, मिडिया, एक भी नहीं जायेगा उधर झांकी मारने भी। क्योंकि पीड़िता सवर्ण जो है।
लानत है।
भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के सारन में राजपूत बच्ची को पाँच पासवान लड़कों ने खींचा, रेप किया और मरने के लिए कुएँ में फेंकने के पश्चात् व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया कि ‘दुल्हन बना कर ले जाएँगे’।
जब रुचि तिवारी को उसके ब्राह्मण होने के कारण पुलिसकर्मियों के सामने से दिल्ली में, भरी दोपहरी में खींचा गया था, मैंने तब भी कहा था कि अगली वारदात खुल्लमखुल्ला रेप और हत्या की होगी। वह आज हो गई है।
प्रदीप भारद्वाज को बाथरूम में बंद कर अग्निशामक चला कर मारने का प्रयास रुचि तिवारी के रेप/हत्या के प्रयास के कुछ ही दिनों के भीतर हुआ। दोनों में ही, मुझे संदेह है कि पुलिस ने अटेम्प्ट टू मर्डर या रेप के चार्ज लगाए होंगे।
जब पुलिस मूक हो जाती है, सत्ता पक्ष सामान्य वर्ग को सताने की नई नीतियों के आविष्कार में व्यस्त रहता है, तब ऐसे ही सवर्ण समाज की बच्चियाँ सत्ताधीश की जातिवादी कुंठा की बलि चढ़ जाती हैं।
@narendramodi जी, 22 से 47 नहीं, 87 कर दो, पर क्या उत्तर दोगे इस बच्ची की माँ को? @BJP4India के नेताओं, तुम्हारी मूक सहमति ऐसी क्रूरता को जनती है।
यही कारण है कि हमारी लड़ाई केवल UGC रोलबैक की नहीं है, हमारी लड़ाई इस तंत्र से है जिसने सामान्य वर्ग की बच्चियों को रेप-हत्या का सामान बना दिया है, जिसमें हमारी सुनवाई है ही नहीं।
राजपूत-ब्राह्मण-भूमिहार-लाला आदि को ले कर घृणा इतनी मेनस्ट्रीम हो गई है कि किसी पासवान समाज के दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित को लगता है कि सवर्ण बच्ची का रेप करना, उसके पूर्वजों के साथ हुए कथित अपमान का उचित बदला है।
उसे इसी सरकार ने यह हथियार थमाया है कि दीवारों पर लिखे नारों के मुँह तक पहुँचने, और देश छोड़ने के नारों से कब्र खुदने की बात तक, सवर्णों के प्रति घृणा सामान्यीकृत की जा चुकी है। ये नारे अब केवल नारे नहीं हैं, ये नारे दिल्ली में लगते हैं, बिहार में फोन पर देखे जाते हैं और किसी बच्ची को इस दुष्कृत्य का शिकार बना दिया जाता है।
आप ही बताइए, मैं केवल यूजीसी रोल बैक पर कैसे रुक जाऊँ?
The 28-Day “Monthly” Recharge SCAM.
I raised this in Parliament today.
Telecom companies call their plans “monthly” — but they last only 28 days.
That means prepaid users pay for 13 recharges in a year instead of 12.
28 days × 13 recharges = 364 days
If it’s monthly, it should follow the actual calendar month.
Consumers deserve better. Not these clever tricks.
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
रामलीला मैदान की रैली जितनी सफलता से रोकी जा रही है, शाहीन बाग भी रोका जा सकता था, लेकिन क्या है न कि वेडनसडे फिल्म के कॉमन मैन का एक कालजयी डायलॉग है-
जैसे ही आपको पता चला कि अच्छा! टेररिस्ट नहीं है, अराजक नहीं है। आम आदमी है तो आपके अंदर अचानक एक कॉन्फिडेंस आ जाता है, अच्छा तब तो जब चाहे, जैसे चाहे, जहां चाहे रोक दूंगा।
रोक भी दिया 🙂 पुराना लेकिन समीचीन दोहा है -
सबै सहायक सबल के कोउ न निबल सहाय।
पवन जगावत आग कौं दीपहि देत बुझाय॥
मुझे सवर्ण रैली में जीरो इंटरेस्ट है पर इस बात का रहस्य जानने में बड़ा इंटरेस्ट है कि ये सख्ती, ये तेवर, ये बंदोबस्त शाहीन बाग के टाइम किधर चला जाता है 🥴
रात्रि के पौने दो बज रहे हैं। मेरे घर पर नोएडा पुलिस के चार अधिकारी हैं। मैं एक बजे तक, साढ़े तीन घंटे लाइव था। वो तीन बार आए पूछने कि मैं कहाँ हूँ। अभी मिल कर आया और बताया कि उनकी उपस्थिति ने मेरी छवि अपनी सोसायटी में एक अपराधी की बना दी है।
उन्होंने कहा: पर सर हम तो गुड फेथ में आए हैं।
मैंने कहा कि यह बात मैं जानता हूँ, मेरे पड़ोसी नहीं जानते, न ही पूछने आएँगे।
मैं एक पत्रकार हूँ जो टीवी पर नहीं आता कि अपने सम्मान पर हो रहे इस चोट को अधिक लोगों तक पहुँचा सकूँ। मैं किसी पार्टी से नहीं, मेरी कोई संस्था नहीं, मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं परंतु @narendramodi जी ने मुझे दिल्ली बम धमाकों के आतंकियों और उत्तम नगर में तरुण के हत्यारों से बड़ा अपराधी बनवा दिया है।
मुझे कल को मकान मालिक इस बात पर निकाल सकता है कि मेरे कारण उसकी प्रॉपर्टी पर पुलिस वाले आ रहे हैं, समाज में उसका नाम खराब होगा। हर छः महीने अब मैं घर ढूँढता रहूँ या इस सतत मानसिक यातना में रहूँ कि कहीं यहाँ से भी न जाना पड़े! पर मैं जानता हूँ कि यह लड़ाई मेरी है और इसमें ऐसे पड़ाव आएँगे।
मैं आज सोने जा रहा हूँ तो इस पीड़ा के साथ कि कई आंदोलनकारी दिल्ली पहुँच तो गए हैं, पर उन्हें पता नहीं है कि वो कहाँ जाएँगे, क्या करेंगे। मैं उनसे कहूँगा कि आप रामलीला मैदान या जंतर मंतर जाएँ, पुलिस आपको जैसा कहे, उनकी बात मानें।
आप नारेबाजी करें, आप भीड़ में संवैधानिक अधिकार के साथ प्रदर्शन करें। पर हाँ ध्यान रहे कि पतित @BJP4India अब किसी भी स्तर तक गिर सकती है। आपके बीच वो किसी उद्दंड व्यक्ति को भेज कर भड़काऊ नारे लगवा सकती है, बस में आग लगवा सकती है। ऐसे लोगों से बचें।
साथ के जितने लोग भी हाउस अरेस्ट में हैं, चाहे वो शेखावत जी हों, आनंद स्वरूप जी हों, यति जी हों, उदिता जी हों, सर्वेश जी हों या अन्य जिनका नाम मैं नहीं जानता, मैं इस विषय पर आपके साथ हूँ।
अंत में, एक विचित्र बात। भाजपा के एक मित्र हैं, उन्होंने आठ बजे कहा कि उन्होंने फोन कर दिया है कि दो पुलिसकर्मियों को हटा दिया जाए ताकि मैं ठीक से सो सकूँ। मेरा लाइव आरंभ हुआ और जाते-जाते पुलिसकर्मियों की शिफ्ट बदली। अभी वो दो की जगह चार हो गए हैं, बाहर गाड़ी खड़ी है।
शुभरात्रि मोदी जी! जीवन के इस नए अनुभव के लिए आभार।
उत्तम नगर में भाजपा के प्रिय ‘दलित-वंचित-शोषित-पीड़ित’ समाज के तरुण खटीक की हत्या के तीन दिन बाद, एक ट्वीट करके खानापूर्ति करने वाली भाजपा से क्षुब्ध हिन्दुओं ने स्वयं न्याय करने का निर्णय लिया और हत्यारे के घर को तोड़ रहे हैं।
@KapilMishra_IND चाहते तो कैमरा के साथ, रेखा गुप्ता के पीछे चलते हुए थोड़ा क्रेडिट ले सकते थे, पर पार्टी से आदेश होगा कि भाजपा हिन्दू-मुस्लिम नहीं करना चाहती। मोदी जी की रैली है, वहाँ के लिए समर्थन जुटाओ।
UGC के नियमों से जो सहमत नहीं हैं , उन्हें इसके विरोध का पूरा अधिकार है---शांतिपूर्ण विरोध - प्रदर्शन करने वालों की गिरफ्तारी या हाउस अरेस्ट पूरी तरह अनुचित है--- लोकतंत्र में विरोध के अधिकार का भी सम्मान होना चाहिए ---#UGCRollBack@rashtravaaniIND
Every single law that has the potential for misuse, be it Section 498A IPC, the DV Act, 2005, or the Atrocities Act, is already being misused in this country.
And now this minister is offering nothing but an “aashvaasan ka jhunjhuna” over concerns about yet another regulation waiting to be misused.
As if his verbal assurance has any value against a written, constitutionally backed provision that clearly defines caste-based discrimination as discrimination solely on the basis of caste or tribe against members of SCs, STs, and OBCs.
Don’t buy this nonsense.