पिछले 15-20 दिनों में इसे देश में 4 SC/ST एक्ट के केस दर्ज हुए जो पूरे देश में चर्चित हुए:-
- राहुल गांधी, आशुतोष रांका, अजीत भारती स्वतंत्र भरद्वाज
- इन चारों ने ही प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष किसी दलित समाज का उत्पीड़न नहीं किया, ना ही किसी पर जातिसूचक टिप्पणी करने के सबूत मौजूद हैं
- स्वतंत्र भारद्वाज 14 दिन की हिरासत में हैं, अजीत भारती की अग्रिम जमानत रिजेक्ट हो गई है
- राहुल गांधी और आशुतोष रांका का कोई बाल-बांका नहीं कर सकता
Congress Govt in Kerala registered a case against BIG TV anchor Aparna Kurup for criticising Sunni Cleric Abubacker Musaliyar in a news channel debate about his statements that women should stay home and not take part in dances.
This is how Rahul Gandhi smashes patriarchy !!!
Kerala 🚨
Congress govt has registered an FIR against journalist Aparna Kurup.
Why: because she criticised this Maulana for his anti-women views.
Any naari shakti here?!
The names of the rap*sts are
1) Md Sameer
2) Md Waleen
3) Md Salman
All three are Muslims.
Now read her tweet. How “smartly” she linked the incident with Hindu festivals, as if Hindu festivals were synonyms for r*pe. R*pe don't happen on other religions festivals?
Clowns like @Chinmayi hide behind a feminist face but are bigger Islamists than the real ones.
29 जनवरी, 2014, लाजपत नगर। अरुणाचल से बीस साल के नाइदो तनियम के बालों के रंग के कारण उसे मिठाई की दुकान पर लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला। किसकी सरकार थी?
नस्लीय घृणा सरकार के कारण नहीं होती। यह बस होती है। तुम श्रद्धांजलि दो कि हम सब घटिया समाज में रहते हैं। बाकी सब राजनीति है।
बेचारा अपने पूर्वजों की गलती के गिल्ट में जीकर मोनेटाइजेशन के माध्यम से कुछ डॉलर्स कमा लेगा तो आपका क्या बिगड जाएगा? आजकल रीच इसी में है। बोल लेने दीजिए।
ये वही लोग हैं जो मुगल राज में उनकी पीपनी बजाने लगते थे। अंग्रेजी राज में उनके जूते चाटे। कांग्रेस आई तो उनके तलवे चाटे। दल्लन टोपी में भाजपा का गुणगान किया और अब जब लग रहा है कि विरोधी खेमे की रीच बढिया जा रही है तो सीधा जीभ लगाकर चाटने में लगे हैं। अब ये लोग धोने भी नहीं देंगे।
ऐसा चेनल जो हिन्दुत्व के खिलाफ लगातार अजेंडा चलाता है
ये हिन्दुत्व के लिए रवीस ,अजित अंजुम से लाख गुना खतरनाक है
इसने "स्वतंत्र भारद्वाज" के मुद्दे पर पूरी तरह एक तरफा रिपोर्टिंग की
पूरा प्रयास किया की --सनातन को गुंडा बताया जाए
इसने एक बार भी निशु आजाद के बाप की विडिओ नहीं चलाई
ना इसने निशु आजाद के हिन्दू देवताओ के खिलाफ बयानों का जिक्र किया
पत्रकारिता एक धर्म तरफा दिखाना है या निष्पक्ष रहना ...?
इस चैनल का बहिष्कार करने की जरूरत है ...
@Abhinavpinch@TheNewspinch
Easy, Saurav. Perhaps start with your own identity before offering lessons to the Republic. Governments are elected at the ballot box, not on the streets. The next general election will decide who governs this country and not street violence, intimidation, or the chaos you and your minions have orchestrated. Also Saurav, if you do plan to contest in the elections, just make sure you’ve sorted out the ‘father’s name’ column by then.
RAHUL, ITS DONE BRO 🥺
We’ve started our new initiative where we’ll fact check your every claim, right from the beginning of your political journey.
22 years of speeches, interviews, rallies and claims. Let’s fact check it all 🫵🏻
मैं इसको गाली दूँगा तो लोग बोलते है गाली मत दो ?
इस भड़वे दलाल को ये पता नहीं है के जय श्री राम राजनीतिक नारा नहीं है ।
त्रेता युग से जय श्री राम चलता आ रहा है ।
बीजेपी जब नहीं थी तब भी फ़िल्में आई थी और जय श्री राम ही बोला जाता था ।
मेरे नाना जी राम लीला में सुग्रीव बनते थे और हज़ारों वर्षों से राम लीला है जय श्री राम ही बोला जाता है ।
पैसे के लिए पत्रकारिता के आड़ में चैनल चलाने के परेशानी यही के बैलेंस करना पड़ता है ।
जय श्री राम कभी भी राजनीतिक नारा नहीं था न है ।
जय भीम राजनीतिक नारा है इसका इतिहास अंबेडकर के बाद से शुरू होता है ।