वो अखलाख के घर गए
तबरेज के घर गए
पहलू के लिए मातम मनाए
क्या आप चंदन गुप्ता के घर गए ???
क्या आप डॉक्टर नारंग के घर गए ??
क्या आप आगे आओगे उन लोगों के लिए जो किसी के एजेंडे में नहीं आते
जो साधारण जीवन जीते हैं
क्या आप इन संतो के अखाड़े में जाएंगे
नीच को कोस कर और नीच मत बनिए
तुम चाहे 17 करोड़ का पैलेस बुक कर लो या बाली में प्री वेडिंग ,, उसे अगर दूसरे का लं ड लेना है तो वो तुम्हे धक्का भी दे देगी और तुम्हारी तेरहवीं पे भी एनल कर के आएगी पूड़ी ठूसने ..
रात के 12 बजे से लगी हूँ form भरने के लिए; हम अभ्यर्थी हैं, हमें जिस समय पढ़ना चाहिए, उस समय आप हमसे ये करवा रहे बार-२। मैं सदैव से आपकी प्रशंसक रही हूँ, क्योंकि मुझे लगा है कि आप युवाहित में काम कर रहे हैं।
यदि ये भ्रम था मेरा तो इसे अबकी तोड़ दीजियेगा। #upsssc@myogiadityanath
परीक्षा लीक पर एक कमेंट करने पर दौड़ा दौड़ा कर, ढूँढ ढूढ़ कर FIR करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस, अयोध्या में श्री राम मंदिर में हुई धन ki चोरी पर खामोश है।
SIT रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पैसा बरामद हो रहा तो कहाँ जा रहा है, यह भी किसी से न तो पूछ रही और न ही किसी को बता रही है।
अगर जमीन की खरीद फरोख्त के समय ही तन्द्रा टूट गई होती तो आज पैसे की हेर फेर का दिन ही न आता ।
लेकिन उस समय इनको गुमान था कि जनता और वोट इनकी मुट्ठी में बंद हैं । इसलिए इन्होंने अपने लोगों को करोड़पति बना दिया और सोचे थे कि कोई रिएक्शन नहीं होगा ।
सही बताए अगर 2024 के चुनाव में छीछालेदर नहीं हुई होती तो आज भी ये कुछ जांच वांच न करते ।
ये तो जस्ट एक साल से कम समय में चुनाव है और पहले एक बार झंउसा चुके हैं । इसलिए कार्यवाही कर रहे हैं।
यह सब सोच विचार ,मंथन के बाद कार्यवाही हो रही है।
नहीं तो पहले दिन तो चंदा का हिसाब मागने की ऑथोरिटी पूँछ रहे थे ।
फैजल खान Vs रोशन आनंद मामले में पटना पुलिस की कार्रवाई भेदभाव पूर्ण रही है,
एक शिकायत के आधार पर रोशन आनंद को आनन फानन जेल भेज दिया गया,
जबकि अपने गार्ड्स को उकसा कर फायरिंग करवाने वाले फैजल खान की गिरफ़्तारी नहीं हुई,
जबकि फैज़ल खान के खिलाफ इसी मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था,
फैजल को अग्रिम जमानत हासिल करने का पूरा मौका दिया पुलिस ने,
ये सब निश्चित ही पोलिटिकल फेवर की वजह से ही हुआ,
सवाल ये है कि बीजेपी सरकार में फैज़ल को किसका संरक्षण हासिल है,
>लखनऊ में छात्रों ने पहले से ही 12 जून को आंदोलन प्लान कर रखा था
>अभिजीत दीपके ने जान बूझकर तारीख 12 जून रखी
>जिससे आयी हुई भीड़ को CJP की भीड़ बताकर मस्त रील और फोटो खिंचवा सकें
>लेकिन उत्तर प्रदेश के छात्रों ने आंदोलन हाइजैक नहीं होने दिया
>और अभिजीत दीपके को वहाँ से भागना पड़ा
आज लखनऊ में यूपी के तमाम कोचिंग सेंटर्स द्वारा आंदोलन के लिए बुलाए गए छात्रों को तिलचट्टे अपनी भीड़ बताते फिरेंगे और बोलेंगे ये एक क्रांति है जो हम ला रहे हैं और जब डंडे खाने की बारी आएगी तो सबसे पहले भागेंगे।
लखनऊ इको गार्डन में चलने वाला प्रोटेस्ट लेखपाल परीक्षा, UPSI परीक्षा , रोडवेज कन्डक्टर परीक्षा से संबंधित है,
ये आंदोलन कोचिंग संचालकों, छात्रों के द्वारा इकठ्ठी की गयी भीड़ का है,
कुछ पेड न्यूज चैनल्स इसको cockroach का मूवमेंट बता रहे थे, छात्रों से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस मूवमेंट का CJP से कोई मतलब नहीं,
वो अपनी आवाज उठाने आए है, उनकी अपनी अलग माँग और लड़ाई है।
मुझे नहीं पता मेरी ये पोस्ट कितने लोगों तक कहां तक पहुंचेगी पर जितने लोगों तक ये पहुंचे, उनसे हाथ जोड़ के निवेदन है कि एक तो अपने बच्चों को अनावश्यक जिम जाने से रोकें और अगर जाते ही हैं तो उनके प्रोटीन सप्लीमेंट लेने पर तत्काल रोक लगाएं।
एक लड़का जो मेरा भांजा लगता था,25 साल का गुड़गांव में अभी नौकरी करने गया था। एक साल पहले।
जिम के चक्कर में पड़ा। कानपुर आया था। कुछ पेट खराब हुआ। डॉक्टरों ने रिपोर्ट दी, उसकी लीवर, किडनी डैमेज थी सब।
वो न दारू पीता था, न सिगरेट, न ड्रग्स।
टोटल नुकसान प्रोटीन सप्लीमेंट से।
उसका कमरा खोला तो, प्रोटीन के बहुत से डब्बे निकले।
लड़के ने मरने के पहले खुद बताया कि वो जिम ट्रेनर के कहने पर ये प्रोटीन सप्लीमेंट लेता था।
मूड इतना खराब हो गया था कि क्या बोलें।
इन लड़कों को समझ आना चाहिये कि बॉडी प्रोटीन से नहीं बनती।
ब्रूस ली कौन सा बॉडी बिल्डर था?
आपको कानून की जानकारी किसी सीनियर वकील से भी ज्यादा हो सकती है, पर बग़ैर एलएलबी किये और बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के बगैर आपके ज्ञान की वैधानिक मान्यता नहीं होगी। वकील नहीं मान लिये जाओगे।
ऐसे ही हर चीज की एक वैधानिक मान्यता होती है और लोग उस मान्यता को प्राप्त करने के लिये जिंदगी बिता देते हैं। सबको नसीब नहीं होती।
एक प्रोफेसर और एक यूट्यूबिया में यही अंतर है।
यूट्यूब से पैसे कैरी मिनाती ने भी कमाये है और फैंस तो ऐल्विश यादव के भी हैं।
अश्लीलता से भरी इंटरनेट की दुनिया में बिना पैसे लिये या पैसे लेकर भी पढ़ाना सराहनीय कार्य है।
पर इससे आपको दूसरों का उपहास उड़ाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।
क्योंकि जब ऐसा करोगे तो आपके चीथड़े उड़ जायेंगे और लोग आपको आपकी हैसियत याद दिला ही देंगे।
लेकिन सर वो जो आप मंदिर पर तंज कसते थे, चुनाव के विषय में मोदीजी को लेकर बोलते थे, हिंदू मुस्लिम वाला ताना मारते थे, मोदी जी की इटली यात्रा का जो वीडियो था वो मैथ्स के किस चैप्टर में था
क्यों कि मेरी किताब में मिल नहीं रहा
जरूरी सूचना🚨🚨
आप सभी का उत्तर प्रदेश आरक्षी नागरिक पुलिस का एग्जाम 8, 9 और 10 जून को है, अगर आप चाहते हैं कि एग्जाम सेंटर्स पर कुछ गड़बड़ी न हो तो सबसे हाथ जुड़ विनती है, आप जिस भी कमरे में अपना पेपर दे रहे हों, वहाँ उस कमरे में जो भी परीक्षार्थी अनुपस्थित होता है, अपने साथ उन सबके रोल नंबर लिखकर लेके आये, और जब फिजिकल का रिजल्ट आए तब सभी एक बार उन रोल नंबर को चेक करके जरूर देखना, अगर रिजल्ट में किसी का रोल नंबर मिलता है तो, सिद्ध हो जाएगा कि उस सेंटर पर धंधली हुई है। आपको यह अटपटा और हंसने वाला मजाक लग सकता है, लेकिन यकीन कीजिए आप ये करने से कुछ भी जो गलत हो सकता था उसे रोक पाओगे। यह सबसे उचित तरीका है उन सेंटर्स को पकड़ने का जो पैसे लेकर अलग कमरों में पेपर दिलवाते हैं। एक और विनती है आपसे, आप जितने भी टेलीग्राम ग्रुप में हों इस जानकारी को सबके साथ शेयर करें, ताकि ये जागरूकता हर उस मेहनती परीक्षार्थी तक पहुंचे, जिसके लिए ये भर्ती उसके जीवन का आखिरी मौका है✅
धन्यवाद👏👏
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपने निजी जीवन में जो भी करते हैं, उनका व्यक्तिगत फैसला है। वे किसी को उपदेश नहीं दे रहे, किसी पर कुछ थोप नहीं रहे। फिर भी लोग उनसे नफ़रत करने का कारण ढूंढ लेते हैं। लगता है कुछ लोगों को दूसरों की खुशी से ही एलर्जी है।
एक रीलबाज बकैत अंजना को बच्चों से गालियां दिलवाने की धमकी दे रहे थे
जूते खाने वाली हरकतें हैं और इज्ज़त इनको "गुरुजी" वाली चाहिए
उपर से बुद्धि से भी पैदल हैं, अरे बकचोद इतने सालों से लगभग सारा ही विपक्ष दिन-रात उसको तरह-तरह की गालियां ही दे रहा है तो तू कौन सा नया कुछ कर लेगा और
सर आप दो कौड़ी के शिक्षक के नाम पर ऑफेंड क्यों हो गए जबकि आप कई बार खुद ही गुस्से में और चीख चीख के कह चुके हो कि यूट्यूब पे चैनल या ऐप खोलकर कुछ लोग बच्चों को गुमराह करते हैं और न जाने क्या क्या बताते रहते हैं..... हो सकता है दो कौड़ी के शिक्षक श्रेणी में वो लोग आते हो पर आपका इस तरह दो कौड़ी के शिक्षक पर गर्माना बताता है कि आप इसे खुद पर ले लिए हो या शायद खुद हो