कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब प्रदेश के प्रभारी श्री Sachin Pilot जी एवं NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री Vinod Jakhar जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
तथागत आप दोनों को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर सफलता प्रदान करें।
जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन का हिस्सा रहीं निशु आज़ाद और उनके परिवार के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है। निशु के पिता पर BJP के कार्यकर्ता द्वारा हमला किया, आरोपी खुलेआम मीडिया के सामने FIR दर्ज न होने की बात स्वीकार करता है, फिर भी कार्रवाई नहीं होती।
जब FIR दर्ज कराने के लिए भी हर दरवाज़ा बंद हो जाए, तो सवाल है देश में लोकतंत्र और जवाबदेही कहाँ बची है?
नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी पहले दिन से निशु और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। NSUI भी न्याय मिलने तक पूरी मजबूती से उनकी लड़ाई लड़ेगी।
अब तो एनडीए के मंत्री रामदास अठावले भी कह रहे है-यह खरगे का अपमान नहीं है बल्कि हमारे समाज का अपमान है... जिन लोगों ने शुद्धिकरण किया, उनके खिलाफ एक्शन हो....
पूरा क्रेडिट इन मैडम जी को जाता है जिन्होंने एक अपराधी से उसके सारे जुर्म एक ही पॉडकास्ट में उसके ही मुंह से उगलवा लिए! 🔥
जो काम दिल्ली पुलिस नहीं कर पाई वो काम इन मैडम ने कर दिया! ☠️☠️☠️
Good Job 🙂
विद्या संबल योजना के अंतर्गत 76,791 पदों पर गेस्ट टीचर्स की भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर अवगत कराया।
पत्र के माध्यम से आग्रह किया कि भर्ती प्रक्रिया में राज्य सरकार की आरक्षण नीति एवं निर्धारित नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आरक्षित वर्गों क��� अभ्यर्थियों को उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्प��्षता और आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम है। माननीय मुख्यमंत्री जी से इस विषय में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करवाने का आग्रह किया।
1. ब्राह्मण समाज से आने वाला स्वतंत्र भारद्वाज ने एक दलित छात्रा के पिता का सिर फोड़ दिया, उनके सिर में सात टांके आए और वह मौत की कगार तक पहुंच गया।
2. दिल्ली सरकार में कानून मंत्री के पद पर बैठे कपिल मिश्रा ने स्वतंत्र भारद्वाज के बचाव में सिस्टम को लगा दिया
3. दिल्ली पुलिस के DCP पद पर बैठे सचिन शर्मा ने स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा की हुई इस घटना को सिर्फ मामूली विवाद माना
4. उसके बाद दिल्ली पुलिस के ACP अजय शर्मा ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने में कोई रुचि नहीं दिखाई और वो रात भर खुला घूमता रहा
अब आपको समझ में आ गया होगा.. कि संवैधानिक व्यवस्थाओं का दुरुपयोग कौन कर रहा है लोकतंत्र का सत्यानाश कौन कर रहा है?
सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा पहले ही बेरोजगारों, छात्रों को कॉकरोच बता चुका है
अब पीड़ित SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक अपने न्याय के लिए जाएं तो कहां जाए? - ओमेश नागर
#jantarmantarprotest #cjp #cjpprotest #paperleak #studentsucide
केंद्रीय मंत्री @iChiragPaswan ने खुलकर निशू आज़ाद के पक्ष में स्टैंड लिया है और उस गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज से किसी भी तरह के रिश्ते से इंकार किया है . इसके लिए चिराग़ की तारीफ की जानी चाहिए . क्या कपिल मिश्रा जैसे बीजेपी नेता यही बात कह सकते हैं ?
इसका नाम अभिषेक ठाकुर है यह भी स्वतंत्र भारद्वाज के आतंकी गैंग का आदमी हैं
देश की राजधानी दिल्ली में यह लोग खुले आम मार पीट करते है और अपना भौकाल दिखाने के लिए उसका वीडियो बना कर वायरल करते हैं।
दिल्ली पुलिस जनता की क्या रक्षा करेगी जब इन मार पीट करने वाले गुंडों श्रे दे रही हैं
72 घंटे के अंदर अगर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार नहीं किया गया तो हम वापस आ के यहां बैठ जायेंगे और त��ला लगा देंगे ऐसे दफ्तरों का जिसमें हमारी बहन बेटियों को न्याय नहीं मिलेगा
अगर हम अपनी बहन बेटियों की रक्षा नहीं कर सकते तो हमें पद पर रहने का कोई हक नहीं।
- सांसद चंद्रशेखर आजाद
नाम = मदन गोपाल मेघवाल
पद = पूर्व आईपीएस (RPS से प्रमोटेड)
वर्तमान पद = कोंग्रेस जिलाध्यक्ष (बीकानेर)
घटना = सरेआम पिटाई का शिकार
मदन गोपाल मेघवाल नगर निगम चुनाव में वार्ड 50 के प्रत्याशी नवरत्न डागा के चुनाव कार्यलय का उद्घा��न करने आए। आरोप है कि पूर्व कोंग्रेस पार्षद दीपक अरोड़ा के बेटे मोहित अरोड़ा और उनके सहयोगियों ने उनकी पिटाई करी।।
एक पूर्व आईपीएस को इस तरह कोई पिट दे। यह केवल अनुसुचित जाति के आईएएस/आईपीएस के साथ ही हो सकता है। ब्राह्मण व क्षत्रिय आईपीएस को हाथ लगाकर दिखाओ। सोचकर ही कांप जायेंगे। पास भी नही फटकेंगे।
कारण?
अब इनका तो मुझे पता नही की समाज का कितना काम किया।।
लेकिन 95% से उपर अधिकारी एससी/एसटी आरक्षण की मजबूरी के कारण सिविल सर्वेंट बन जाते है लेकिन रिटायर होने तक डर डरकर चुपचाप नौकरी निकाल देते है। जब डर डरकर करेंगे तो न तो रुतबा पैदा होगा और न ही दवाबकारी समूह का हिस्सा बनेंगे। समाज से जुड़कर रहते न���ी। इसलिए मनोबल कँहा से आएगा। बसपा की जब सरकार बनी तब ऐसे ऐसे सिविल सर्वेट थर जो कहने की सिविल सर्वेंट थे लेकिन बाबू से ज्यादा महत्व नही रखते थे। बहनजी ने सभी एससी/एसटी अधिकारियो को निकाल निकालकर मुख्य पदों पर बैठाया। मनोबल दिया। जिसमें काफी प्रसिद्ध भी हुए। लेकिन रिटायर होते ही "मायावती हाय हाय" आजतक करते है।
जबकिं क्षत्रिय व ब्राह्मण सिविल सर्वेंट किसी भी जिले में रहे। आपसी सहयोग भी रखते है। अपने समाज से कनेक्ट रहते है। जब कनेन्ट रहते है तो उनका मनोबल हमेशा उच्च रहता है।
अब बताओ। मामूली सा दो टके का पूर्व पार्षद का लड़का इतने बड़े पद पर रहे व्यक्ति को सरेआम पिट रहा है
निंदनीय।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati
@AnandAkash_BSP