साथी आसिम वक़ार जी का कॉंग्रेस परिवार में स्वागत है।
राहुल गॉंधी जी के म���हब्बत के कारवॉं में आपके जुड़ने से मुहब्बत की आवाज़ें और बुलंद होंगी।
@syedasimwaqar @INCIndia
एक टीवी डिबेट में मोहम्मद साहब के बारे में मेरे द्वारा कही गई बातों के कुछ हिस्से को वायरल करके कुछ लोग सोशल मीडिया पर मेरे लिए लगातार गाली बक रहे हैं । इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें मैं व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं और अब तक उनके बारे में पॉजिटिव राय रखता था । किंतु जिस तरह इस मुद्दे पर उनकी नफरत और कट्टरपन सामने आया है मैं आश्चर्यचकित हूं । कुछ लोगों के दिमाग में जो एक गलत बात बैठा दी गई है कि हमारे धर्म में सब कुछ अच्छा ही अच्छा है और दूसरे के धर्म में सब कुछ खराब ही खराब है यह देश, समाज और मानवता के लिए बहुत खतरनाक है । सभी जाति, सभी धर्म में पैदा हुए महापुरुषों ने मानवता के लिए कुछ कुछ अच्छे संदेश दिए हैं । हमें उन्हें ग्रहण करना चाहिए । हर जाति, हर धर्म में कुछ खराब बातें घुस गई हैं उनका त्याग कर देना चाहिए ।
मैं इस्लाम में घुस गई कुप्रथाओं, अंधविश्वासों, कट्टरता और अज्ञानता का कतई समर्थक नहीं हूं । किंतु मोहम्मद साहब को बहुत बड़ा महापुरुष मानता हूं और मानता हूं कि उनकी शिक्षाएं मानव मात्र के लिए हैं ।
मोहम्मद साहब की शिक्षा क्या है ? उन्होंने कहा था:-
* ईश्वर एक है
* ईश्वर निर्गुण निराकार है
* मूर्ति पूजा गलत है
* नशा करना गलत है
* जुआ खेलना गलत है
* ब्याज लेना गलत है
* बेटियों की हत्या करना गलत है
* वेश्यावृत्ति गलत है
यही बातें बुद्ध, महावीर, कबीर, नानक, रैदास, दयानंद, विवेकानंद ने कहीं । इनमें से कौन सी शिक्षा गलत है ?
जिस वीडियो के हिस्से काट कर चलाए जा रहे हैं उसके शुरू में मैंने बोला कि श्री राम और श्री कृष्ण के आदर्श केवल हिंदुओं के लिए नहीं, मानव मात्र के लिए थे । मुसलमान भाइयों को भी उन्हें अपनाना चाहिए । इसी तरह मोहम्मद साहब की शिक्षाएं केवल मुसलमान के लिए नहीं पूरी मानव जाति के लिए हैं । इसमें गलत क्या है ? दूसरी बात मैंने यह कही कि मोहम्मद सा���ब अकेले ऐसे महापुरुष हैं जो धर्म संस्थापक भी थे, समाज सुधारक भी थे और राजनीतिक भी थे । अगर कुछ लोग मेरी इस बात से सहमत नहीं है और उन्हें यह अपने महापुरुषों से तुलना करने जैसा लगा तो मैं उसके लिए माफी चाहता हूं । क्योंकि मेरा उद्देश्य किसी महापुरुष की महिमा को कम करके किसी भाई की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल भी नहीं था । मेरी स्पष्ट राय है कि सभी महापुरुषों ने हमें अच्छे संदेश दिए हैं और उन स��� का हमें सम्मान क���ना चाहिए । धर्म और जाति के आधार पर किसी महापुरुष से नफरत नहीं करनी चाहिए । यह भी याद रखना चाहिए कि रसखान ने कहा था-"मानस हो तो वही रसखान बस्यों ब्रज गोकुल गांव के ग्वारन ।"
और अल्लामा इकबाल ने कहा था- "है राम के वजूद पर हिंदुस्तान को नाज ।"
इसलिए संकुचित दृष्टि से बाहर निकलिए और सभी महापुरुषों का आदर करना सीखिए ।
वैसे मुझे यह भी पता चला है कि बीजेपी आईटी सेल ने नोएडा में गुर्जर युवाओं की एक मीटिंग बुलाकर निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया पर इस क्लिप को ज्यादा से ज्यादा चलाकर राजकुमार भाटी को बदनाम करिए। यह हमारे द्वारा गुर्जर समाज में चलाए जा रहे राजनीतिक जागरूकता अभियान की बौखलाहट है।
रेल मंत्री को तुरंत बुलवाओ
उनसे भी धक्का लगवाओ!
लगता है भाजपा की ‘डबल इंजन की सरकार’ में आज इलेक्टोरल बॉण्ड का ईंधन नहीं पड़ा तभी अमेठी के निहालगढ़ क्रॉसिंग पर लोग धक्का लगाने पर मजबूर हैं।
राहुल होना आसान नहीं है !
आसान था धर्म का रास्ता चुनना!
आसान था अपने और परिवार के ऊपर हुए घटिया राजनीतिक हमलों का जवाब देना !
पर राहुल ने शिष्टता की सीमा कभी नहीं लांघी! एक होसटाइल मीडिया के दौर में राहुल ने राहुल बनना नहीं छोड़ा!
यही राहुल की जीत है
अपने शहर की ताज़ा हवा ले के चला हूँ,
हर दर्द की यारो मैं दवा ले के चला हूँ।
मुझको यक़ीन है कि रहूँगा मैं कामयाब,
क्योंकि मैं घर से मॉं की दुआ ले के चला हूँ।
इंशाल्लाह कल 20.05.2022 को सुबह सूरज की पहली किरण के साथ मेरे वालिद इंशाल्लाह एक नए सूरज की तरह जेल से बाहर आएंगे और इस नई सुबह की किरणे तमाम जुल्मतों के अंधेरों को मिटा देंगी ll
आज जौनपुर में जो जन समर्थन मिल रहा है वो अभूतपूर्व है जो ‘बदलाव के इंक़लाब’ का सीधा संदेश दे रहा है… घंटों हो गये हैं चले हुए… अभी आधा ही सफ़र हो पाया है और आधा बाक़ी है… जगह-जगह मिल रहे जनता के स्नेह को विनम्र प्रणाम!
धीमी चाल बता रही है, गति तेज़ होगी!
#बाइस_में_बाइसिकल