IT युवाओं की राजस्थान सरकार से माँग:
✅कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती को स्थायी रूप से चालू किया जाए
✅नई तकनीक की शिक्षा बिना प्रशिक्षित अनुदेशकों के अधूरी है।
✅ नियमित भर्ती
✅ स्थायी पद
✅ सम्मानजनक वेतन
@jack09_official
@ARVINDJANG65298 @pawansahu51@BaBarS0007 @BHUPEND92576511
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी ,सिर्फ AI की वैश्विक पटल पर Confrence में भाग लेने से कुछ नहीं होगा ! आप राजस्थान मैं कम से कम AI को विषय के रुप मैं पढ़ाने वाले Computer अनुदेशकों के #पदनाम परिवर्तन व वेतन विसंगती के साथ- साथ नये पदों पर भर्ती करवाने को अमली ज़ामा पहनाईये!
आज माननीय मुख्यमंत्री जी @BhajanlalBjp से सामान्य शिक्षा विभाग में नई कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती को लेकर कंप्यूटर अनुदेशक साथियों की मांग रखकर जल्द से जल्द नई भर्ती निकालने का निवेदन किया ।।
हमें पूरी उम्मीद है आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री जी हमारी मांग को प्रमुखता से संज्ञान लेंगे।
@jack09_official@Bhajanlalofc@RajCMO@manojpehul@HANUMANKISAN@Ravindrachdry
@ARVINDJANG65298 @pawansahu51 @BHUPEND92576511
✅कक्षा 1-5 में अध्यापन करवाता है अध्यापक ग्रेड-III(L1)
✅कक्षा 6-8 में अध्यापन करवाता है अध्यापक ग्रेड-lll(L2)
✅कक्षा 9-10 में अध्यापन करवाता है वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड-ll
✅कक्षा 11-12 में अध्यापन करवाता है व्याख्याता ग्रेड-l
▶️एक अकेला कंप्यूटर अनुदेशक कक्षा 1-12
क्यों❓
किताबें बांटने के लिए लाइब्रेरियन 1st ग्रेड, 2nd ग्रेड, 3rd ग्रेड
खेल खेलाने के लिए PTI 1st ग्रेड, 2nd ग्रेड, 3rd ग्रेड
अन्य सभी विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक 1st ग्रेड, 2nd ग्रेड, 3rd ग्रेड।
सिर्फ कंप्यूटर विज्ञान पढ़ाने के लिए बिना ग्रेड का कंप्यूटर अनुदेशक
ऐसा क्यों?
सबका साथ, सवर्णो का विकास
जब-जब जातीय जनगणना की मांग उठी, BJP और RSS ने इसे दबाने की साजिश रची.
BJP-RSS जातीय जनगणना के आंकड़े सामने लाने से डर रही है! इससे OBC, SC, ST को उनके आबादी के हिसाब से हक देने पड़ेंगे।
#CasteSensus#जातीय_जनगणन@garrywalia_@DrLaxman_Yadav
Elon Musk की X पोस्ट हो या Instagram की Reels
आज के टाइम में सोशल मीडिया सबसे ज्यादा वायरल होने वाला प्लेटफॉर्म बन चुका है।
चंद्रशेखर आज़ाद का अमेरिका टूर भी इंस्टाग्राम पर खूब वायरल हो रहा है।
असल में, अपने काम को दिखाने के लिए बस एक सही माध्यम चाहिए होता है और आज के दौर में X और Instagram से बेहतर कुछ नहीं।
इस्तेमाल करो
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के कुल 12 पद थे. OBC के मात्र 2 पद, उन्हें भी NFS कर दिया गया.
NFS यानी कोई भी अभ्यर्थी सुटेबल नहीं मिला. UR के सभी पदों पर सुटेबल मिल गए. केवल OBC के लिए नहीं मिले
इससे बड़ा भेदभाव और जातिवाद क्या हो सकता है?
@yadavakhilesh@Anjalisaini_@Manoj_Yadav_@AjaySPST@rajkumarbhatisp@akku408