Where’s the need to drag politics into devotional songs?
What has Jantar Mantar got to do with Ram Bhakti?
Did her husband’s party not used the Jantar Mantar in the past?
How come religious people allow such songs?
Raga led opposition is going to do parallel parliament sessions starting 28th. They will do impeachment of Gyanesh, and it will run as a parallel govt to show how the governance ought to be done.
✅ The Jugalbandi of Anjana ji with BJP 👏👏
✅ The Camaraderie of Anjana ji with BJP 👏👏
✅ At last, that smile of Anjana ji 👏👏
Real affection of @anjanaomkashyap ji for BJP is visible onscreen too 👇👇
@ratanlal72 👏👏
🚨 Advisory
घर मे कोई निठल्ला पागल है ,तो उसे X स्पसेस पर छोड़ दो,यदि बांध कर नही रख सकते
वरना ये परिवारजनों के लिए खतरनाक हो सकता है
इससे परिवार जन अपनी जिंदगी की जिम्मेदारियां बिना कष्ट निभा सकते है,और X पर मुफ्त की कॉमेडी भी मिल जाएगी
परिजनों के धैर्य और सहनशीलता को नमन🙏
माननीय @pushkardhami
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
एवं
@uttarakhandcops
उत्तराखंड पुलिस
विषय: भविष्य में संभावित अपराधों के एवज़ में सात दिन का अग्रिम कारावास स्वीकृत करने सम्बन्ध में
महोदयगण,
प्रार्थी उत्तराखंड का एक बेरोज़गार नागरिक है। दुर्भाग्यवश अभी तक स्वतंत्र भी है।
प्रार्थी को इस बात का कोई भरोसा नहीं कि उसकी स्वतंत्रता कब तक बनी रहेगी। क्योंकि प्रार्थी के भीतर अभी भी कुछ लोकतांत्रिक दुर्गुण जीवित हैं। वह सवाल पूछता है, असहमति व्यक्त करता है और सरकार को देश समझने की भूल नहीं करता।
अतः प्रार्थी को आशंका है कि आज नहीं तो कल किसी सवाल, असहमति, विरोध या प्रदर्शन के कारण उसे जेल जाना पड़ सकता है। इसलिए निवेदन है कि सात दिन की कैद अभी से काट लेने की अनुमति प्रदान करें।
जब कानून में अग्रिम ज़मानत का प्रावधान है, तो अग्रिम कारावास की कल्पना में क्या आपत्ति है?
इन सात दिनों को प्रार्थी के खाते में जमा कर लिया जाए। भविष्य में यदि किसी वास्तविक अपराध में सज़ा हो, तो उसमें से ये सात दिन घटा दिए जाएँ।
इसलिए निवेदन है कि प्रार्थी को सात दिन की अग्रिम कैद प्रदान करने की कृपा करें।
वैसे भी प्रार्थी के पास आजकल नौकरी भी नहीं है। कम-से-कम सात दिन भोजन और छत की व्यवस्था तो रहेगी।
महोदय, फिलहाल प्रार्थी ने इतना भर अपराध किया है कि वह अभी भी मानता है कि सरकार देश नहीं होती। वह मानता है कि सत्ता से असहमति राष्ट्र से असहमति नहीं होती, सरकार की आलोचना राजद्रोह नहीं होती और संविधान में दर्ज अधिकार किसी मुख्यमंत्री की कृपा से प्राप्त नहीं होते।
प्रार्थी को यह भी भ्रम है कि पुलिस संविधान के प्रति जवाबदेह है, किसी राजनीतिक सत्ता के प्रति नहीं।
इन विचारों के रहते भविष्य में किसी अप्रिय स्थिति की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसलिए बेहतर होगा कि जिस नागरिक की स्वतंत्रता को लेकर आशंकाएँ हों, वह अपनी कैद का कुछ हिस्सा पहले ही भुगत ले।
प्रार्थी जानता है कि कानून में अग्रिम कैद का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन इस आवेदन का उद्देश्य भी कानून बदलवाना नहीं, उस विडंबना को सामने रखना है जिसमें नागरिक को अपने अधिकारों के प्रयोग से पहले संभावित परिणामों का हिसाब लगाना पड़े।
महोदय, सात दिन की कैद तो काट लेंगे। चिंता बस इतनी है कि कहीं धीरे-धीरे पूरा समाज ही अपनी ज़ुबान को आजीवन कारावास की सज़ा न सुना दे।
भवदीय,
एक बेरोज़गार नागरिक,
जो अभी भी यह मानता है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है
नोट : सत्ता से असहमत होने वाले, सवाल करने वाले और आलोचना करने वाले सभी लोग सरकार से 7 दिन की अग्रिम कैद मांगे