RSS द्वारा देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर क़ब्ज़े की कहानी : भाग 2
आजकल शिक्षा जगत पर RSS के बढ़ते प्रभाव और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को लेकर देशभर में गंभीर चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मैं आपके लिए कुछ ऐसे सबूत साझा करने की यह श्रृंखला लेकर आया हूँ, जिन्हें हमने पिछले कई वर्षों से लगातार आपके सामने रखा था, ताकि समय रहते आपको आगाह किया जा सके। आज वही सवाल राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुके हैं।
यह वीडियो भी कुछ महीने पुराना है, जिसे मैंने अपने सोशल मीडिया संग्रहालय से आपके लिए निकाला है। इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार @harshdelhise ने बनाया था। आज इसे दोबारा साझा करने का उद्देश्य केवल इतना है कि लोग देखें—जो बातें तब कही जा रही थीं, वे आज किस तरह वास्तविकता के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में "युवा कुंभ" जैसे आयोजनों के नाम पर RSS से जुड़े कार्यक्रम खुलेआम आयोजित किए जा रहे थे। कई जगह कॉलेज प्रशासन अलग-अलग नामों से अनुमति देकर इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनता दिखाई दिया। ऐसे आयोजनों को लेकर छात्र संगठनों और शिक्षकों के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय की संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाए और विरोध भी दर्ज कराया।
विश्वविद्यालय विचार, बहस, शोध और आलोचनात्मक चिंतन के केंद्र होने चाहिए। लेकिन जब सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी एक वैचारिक एजेंडे के प्रचार के लिए होने लगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम का सवाल नहीं रह जाता, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का प्रश्न बन जाता है।
छात्र विरोध में उतर चुके हैं, जनता सवाल पूछ रही है और कैंपस का माहौल बिगाड़ने की यह कोशिश अब सबके सामने है। सरकारी संस्थानों को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर गंभीर बहस और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज़ों, वीडियो और तथ्यों के साथ हम उन घटनाओं को सामने लाते रहेंगे, जिन्हें उस समय नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन जिनके परिणाम आज पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं।
इस देश के राष्ट्रपिता के लिए अपशब्द कहने वाली इस बदतमीज रिद्धिमा पर अब तक FIR क्यों नहीं हुई ?
ये तो प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचती है और रीलबाजी करती है ?
अगर PM अपमान करना गलत है तो राष्ट्रपिता का अपमान करने वाली पर #NSA लगना चाहिए।
@narendramodi अभी तक इसे छूट क्यों दे रखी है ?
अभिजीत दीपके: BJP की तरफ़ से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर धमकियों के साथ मिला,
उनके मुताबिक कहा गया कि BJP जॉइन कर लो तो उनके और उनके परिवार की ज़िंदगी बेहतर हो जाएगी।
इस पर अभिजीत ने कहा, मैं मोदी और अमित शाह के पोते-पोतियों की उम्र का हूँ अगर बच्चों को धमकाना पड़े तो ऐसी ताकत का क्या मतलब।
नेहा ने सरकार को खुल्ला चैलेंज दिया है?
अब देखना है कि क्या सरकार छात्रों को रिहा करेगी? या ये आंदोलन ओर बड़ा होगा?
नेहा पीछे हटने वालो में से नहीं है उसकी लड़ाई ओर हिम्मत, जज़्बे को सलाम
'मैं मुस्लिम हूं, अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं करता', वंदे मातरम विधेयक पर ओवैसी का तीखा रिएक्शन - asaduddin owaisi says i worship only allah opposes vande mataram bill - Navbharat Times https://t.co/EZlo3G7IxP