@NeelamShar4bhe@kharge@RahulGandhi भुगतनी की सही लहजे में कमेन्ट कर ले क्यों अपनी जुबान गंदगी कर रही है
शालीनता से कमेन्ट करो आपके दादा जी की उम्र के है और राहुल गांधी आपके पापा जी की उम्र के उम्मीद करूगा आगे से आप अच्छे से पेश आओ
"जय हिंद जय भारत "
लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
Open-ended सवालों के जरिए जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति अलग-अलग नामों और उपजातियों में दर्ज हुई तो आंकड़े बिखरेंगे और सबसे बड़ा नुकसान OBC, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।
हमारी मांग स्पष्ट है - मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों व जनता से व्यापक परामर्श किया जाए।
तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।
जाति जनगणना सिर्फ होनी नहीं चाहिए,
सही भी होनी चाहिए।
हमारी सरकार प्रदेश के अति गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रही है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र परिवार 20 सितंबर 2026 तक अधिकृत कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
हमारा प्रयास है कि कोई भी परिवार अभाव में न रहे और हर व्यक्ति सम्मान एवं गरिमा के साथ अपना जीवन जिए।
भाजपा के विधायक 10-10, 15-15 की संख्या में विजिलेंस के दफ़्तर ऐसे जा रहे हैं, जैसे कोई बहुत बड़ी आज़ादी की लड़ाई लड़कर आए हों।
विजिलेंस जो चीज़ माँग रही है, वह दीजिए। उसे देने में आखिर इतनी घबराहट क्यों है?
साफ है कि भाजपा के विधायकों के पास अब ड्रामा करने के अलावा कुछ नहीं बचा है।
भाजपा के लोग अटैची लेकर केवल ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता जानती है कि कौन प्रदेश के हित की लड़ाई लड़ रहा है। खाली अटैची लेकर आ गए। प्याज के दाम बढ़े हैं, अटैची में प्याज ही भर लाते या अटैची में चीनी ही भरकर ले आते।
ISBT का लैंड यूज चेंज करने में क्या घोटाला हुआ है, सबको पता है।
जब तक हम कुर्सी पर हैं, तब तक प्रदेश की संपदा को लुटने नहीं देंगे। हम हक की लड़ाई लड़ते हैं और हक दिलाते भी हैं।
यह वही चार्जशीट है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में नाम लिए थे। इसमें सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा और हर्ष महाजन के नाम हैं। महाजन के खिलाफ कोऑपरेटिव बैंक का मामला है।
विजिलेंस ने उसी के आधार पर कार्रवाई की, तो पूरी बीजेपी एकजुट होकर उनके समर्थन में खड़ी हो गई। लेकिन, आज वह आगे नहीं बढ़ पा रही, क्योंकि भाजपा पाँच गुटों में बंटी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में निवेश को नई गति देने के लिए 24×7 निर्बाध बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं। राज्य में निवेश के लिए आपका स्वागत है। हिमाचल की अपार संभावनाओं के साथ विकास की इस यात्रा का हिस्सा बनिये।
📍FHRAI, वाराणसी
लोग जापान की एवरेज एज की बात करते हैं, लेकिन हिमाचल में भी 80-82 साल की उम्र में लोग अच्छी तरह से चलते-फिरते हैं। आज भी 90, 95 और 100 साल तक की उम्र देखने को मिल रही है। इसकी बड़ी वजह अच्छा वातावरण, शुद्ध वायु और बेहतर खान-पान है।
हमारे स्थानीय उत्पाद हमारी ताकत हैं। ‘हिम ईरा’ के जरिए शुद्ध घरेलू उत्पाद लोगों तक पहुँचाए जा रहे हैं। ये ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
हिमाचल हेल्थ सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएँ बहुत कम लागत में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब हेल्थ टेक्नोलॉजी और AI में निवेश की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
आने वाले समय में हिमाचल हेल्थ टूरिज़्म का भी बड़ा केंद्र बनेगा। इलाज के साथ आराम और बेहतर वातावरण की सुविधा मिलेगी। हम 200-250 करोड़ रुपये के निवेश से ओल्ड-एज होम रिसॉर्ट भी विकसित कर रहे हैं।
📍FHRAI, वाराणसी
जिलाध्यक्ष के लिए सबसे फैज़ महमूद
सबसे अच्छे है इनके नाम पर " गुट बाजी " नहीं होगी
गुट बाजी वाले लोगों 500 रुपये में भीड़ लेकर दिखा रहे हैं आपको मेने देखा किस तरह से मीटिंग की आपने रोज कुछ ना कुछ हो रहा है
वर्तमान जिलाध्यक्ष ने तो पहले से ही विधानसभा और जिला पंचायत के टिकट फ़ाइनल कर रखे हैं किसने इस जिले में कुर्बानी दी कॉंग्रेस के लिए किसी को उससे koi मतलब ही नहीं है
जिलाध्यक्ष की कमेटी भी शुन्य है
कॉंग्रेस विंग जिलाध्यक्षों की कमेटी शुन्य है
और जिलाध्यक्ष सबको बनना है
@RahulGandhi@INCIndia@kharge@INCUttarPradesh@kashikirai@AdvRajendraPal@UPkaAlam
विधानसभा परिसर, शिमला में NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि से जुड़ी चिंता जाहिर की।
NSUI की माँग पर माननीय कुलपति से त्वरित बातचीत की और फीस वृद्धि की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित करने को कहा। साथ ही, यह भी कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई-लिखाई आर्थिक बोझ के कारण प्रभावित न हो।