बेटी बचाओ चेतवानी थी कि बेटी बचा कर दिखाओ!अभी भी नही समझे तो कुछ नही हो सकता।वैसे मोदी साहब सब ठीक कर देंगे ।इतने यशस्वी लोग है भरोसा रखिये चौकीदार पे,थोड़ा आँख लग गई थी नाईट ड्यूटी बहुत हो गया था न!#मणिपुर
समय और धैर्य....
एक साधु था, वह रोज घाट के किनारे बैठकर चिल्लाया करता था, "जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे।" बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नही देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे। एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा और उसने उस साधु की आवाज सुनी, "जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे" और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया।
उसने साधु से पूछा - महाराज आप बोल रहे थे कि ‘जो चाहोगे सो पाओगे’ तो क्या आप मुझको वो दे सकते हो जो मैँ जो चाहता हूँ ?
साधु उसकी बात को सुनकर बोला - हाँ बेटा तुम जो कुछ भी चाहता है मैं उसे जरुर दुँगा, बस तुम्हे मेरी बात माननी होगी। लेकिन पहले ये तो बताओ कि तुम्हे आखिर चाहिये क्या ?
युवक बोला - मेरी एक ही ख्वाहिश है मैं हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनना चाहता हूँ।
साधू बोला - कोई बात नहीँ मैँ तुम्हे एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने भी हीरे मोती बनाना चाहोगे बना पाओगे ! और ऐसा कहते हुए साधु ने अपना हाथ आदमी की हथेली पर रखते हुए कहा - पुत्र, मैं तुम्हे दुनिया का सबसे अनमोल हीरा दे रहा हूं, लोग इसे "समय" कहते हैं, इसे तेजी से अपनी मुट्ठी में पकड़ लो और इसे कभी मत गंवाना, तुम इससे जितने चाहो उतने हीरे बना सकते हो"।
युवक अभी कुछ सोच ही रहा था कि साधु उसका दूसरी हथेली पकड़ते हुए बोला - पुत्र, इसे पकड़ो, यह दुनिया का सबसे कीमती मोती है, लोग इसे "धैर्य" कहते हैं, जब कभी समय देने के बावजूद परिणाम ना मिलें तो इस कीमती मोती को धारण कर लेना, याद रखना जिसके पास यह मोती है, वह दुनिया में कुछ भी प्राप्त कर सकता है।
युवक गम्भीरता से साधु की बातों पर विचार करता है और निश्चय करता है कि आज से वह कभी अपना समय बर्बाद नहीं करेगा और हमेशा धैर्य से काम लेगा और ऐसा सोचकर वह हीरों के एक बहुत बड़े व्यापारी के यहाँ काम शुरू करता है और अपने मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक दिन खुद भी हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनता है।
'समय और धैर्य' वह दो हीरे-मोती हैं जिनके बल पर हम बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। अतः ज़रूरी है कि हम अपने कीमती समय को बर्वाद ना करें और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए धैर्य से काम लें।
आज पटना विवि द्वार पर विज्ञप्ति प्रति" जलाकर डोमिसाइल नीति हटाने के खिलाफ़ विरोध किया गया। आइसा स्थानीयता नीति हटाने का पुरजोर विरोध करता है बिहार सरकार से मांग करता है कि स्थानीयता नीति को अविलंब लागू करे नहीं तो राज्यभर में आक्रमक आंदोलन किया जाएगा।
#BPSC_TRE_ONLY_BIHARI
तुम हाथ थाम लेते हो
मैं चल पड़ती हूँ
तुम नज़र भर देखते हो
मैं मुस्कुरा देती हूँ
तुम क़रीब आ जाते हो
मैं शरमा जाती हूँ
तुम आग़ोश में भरते हो
मैं सिमट जाती हूँ
तुम माथे को चूम लेते हो
मैं समर्पित हो जाती हूँ