So according to the BJP, Delhi Police which reports to Amit Shah is taking actions 500 metres away from Parliament without the approval of Home Minister?!
So who approved the attacks on students at the heart of our capital?
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और ��न्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
धर्मेंद्र ��्रधान यांचा राजीनामा हा सत्यासाठी लढणाऱ्या विद्यार्थ्यांच्या संघर्षाचा आणि त्यांच्या पाठीशी ठामपणे उभ्या राहिलेल्या लोकसभा विरोधी पक्षनेते @RahulGandhi यांच्या नेतृत्वाचा विजय आहे. संसदेपासून रस्त्यापर्यंत राहुल गांधी यांनी विद्यार्थ्यांच्या न्यायासाठी सातत्याने आवाज उठवला आणि सरकारला जाब विचारला. त्यांचा हा संघर्ष एकच सांगतो, अन्यायाविरुद्धचा आवाज कधीच व्यर्थ जात नाही!
The resignation of Dharmendra Pradhan is a victory for the students who fought for truth and justice, and for the steadfast leadership of the Leader of the Opposition in the Lok Sabha, @RahulGandhi, who stood firmly with them. From Parliament to the streets, Rahul Gandhi consistently raised the voice of students, demanded accountability, and held the government to account.
This struggle sends one clear message: a determined fight against injustice never goes in vain.
@INCIndia
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
भारत के ‘छात्रों की गूँज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुँच गई।
ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई।
ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।
ये उन सभी परि���ारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है।
ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज़ उठाई।
अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी माँगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की।
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत���रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्��ेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
खोटे गुन्हे दाखल करून आतापर्यंत किती तरूणांचे आयुष्य उद्ध्वस्त केले ?
महाराष्ट्र पोलीसांचं नेमकं काय सुरू आहे? पोलिस केव्हापासून ड्रग्ज विकायला लागले ? तरुणांचे प्रश्न ऐकून घेण्याऐवजी त्यांच्या खिशात ड्रग्ज टाकून खोटे गुन्हे दाखल करण्याच्या धमक्या दिल्या जात असेल, तर हा केवळ का��ी विद्यार्थ्यांचा नाही, तर संपूर्ण राज्याच्या कायदा-सुव्यवस्थेवरील विश्वासाचा प्रश्न आहे. अशा प्रकारच्या धमक्या देणाऱ्या अधिकाऱ्यांची चौकशी होणार का? आतापर्यंत अशा पद्धतीने किती तरुणांना खोट्या गुन्ह्यांत अडकवण्यात आले आहे, याची स्वतंत्र चौकशी सरकार करणार का? महाराष्ट्राच्या गृहमंत्र्यांनी यावर उत्तर द्यावं.
@TV9Marathi @zee24taasnews @ibn_lokmat @LoksattaLive @pudharionline
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और ���ूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
छात्रों को पिटवाना गुंडागर्दी है- ऐसी गुंडागर्दी करने वालों को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो
📍 दिल्ली