मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान में अब सवाल पूछना भी अपराध हो गया है क्या ?
जयपुर जिले में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था की हकीकत देखने पहुंचे CJP से जुड़े लोगों पर जिस तरह हमला हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। जिस स्कूल की तस्वीरें सामने आई हैं, वे राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं |
लेकिन सवाल यह है कि जब कोई व्यक्ति सरकारी व्यवस्था की कमियां सामने लाता है तो उसे जवाब देने के बजाय डराने-धमकाने और हमला करने की नौबत क्यों आती है ?
मैंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी यही सवाल उठाया था कि लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना गुनाह नहीं है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाले युवाओं, महिलाओं और आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग का मैंने विरोध किया था।
अब राजस्थान में भी वही सवाल खड़ा है कि क्या सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने के लिए सत्ता का संरक्षण प्राप्त लोगों को खुली छूट दे दी गई है ?
बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में बच्चों की मौत का मामला हो या झालावाड़ में हुई स्कुल त्रासदी,राजस्थान के अलग-अलग जिलों से सरकारी स्कूलों की बदहाली और लापरवाही की भयावह तस्वीरें लगातार सामने आती रही, माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त की मगर भाजपा सरकार ने सबक नहीं लिया |
अगर सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने लाना अपराध है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि स्कूलों की हालत सुधारने के बजाय सवाल उठाने वालों को डराने की कोशिश क्यों हो रही है ?
घटना के 24 घंटे बाद भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा हमले को सही बताने की कोशिश करना यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री के इशारे पर यह घटनाक्रम हुआ था |
मेरी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच हो, हमले के सभी दोषियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई हो |
@RajCMO@RajGovOfficial
I am so sorry that all of you have to go through this. None of you deserves to suffer like this.
NTA is the most incompetent institution in the history of India.
@Cockroachisback stands in full solidarity with all of you. We will do whatever we can to raise your voice.
LoP Shri @RahulGandhi received a warm welcome at Pune Airport.
He will soon join the Chhatron Ki Goonj event to hear the girls' stories, dreams and struggles.
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली HC में पॉलिटिकल कमेंटेटर अभिजीत अय्यर मित्रा और कई मीडिया संस्थानों के खिलाफ 2 करोड़ रुपए का मुकदमा दायर किया है
◆ सौरव का आरोप है कि इन लोगों ने उनके घर के पते और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों को सार्वजनिक कर उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन किया है
#CJP | CJP | #SauravDas | Saurav Das
पिता — PM
दादी — PM
परदादा — PM
माँ — 6 बार MP
खुद — विपक्ष के नेता
फिर भी यह आदमी पीड़ित और अपनी लीगल टीम के साथ FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन के बाहर प्रोटेस्ट करने को मजबूर है
सोचिए तानाशाही का लेवल क्या होगा...
फिर भी यह आदमी 140 Cr लोगों के लिए सड़कों पर लड़ रहा है। क्या लीडर है 🫡🔥
Rahul Gandhi Ji has once again shown that to protect the rights of the citizens of this country, he can go to any extent.
Long live Rahul Gandhi Ji.
@RahulGandhi
राहुल गॉंधी जी ने फिर से बता दिया है कि इस देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिये वो किसी भी हद तक जा सकते हैं।
ज़िंदाबाद राहुल गॉंधी जी।
@RahulGandhi
अगर छात्र हित के लिए 7 घंटे से ज़्यादा थाने में बैठना राजनीति है तो राहुल जी ये राजनीति करते रहेंगे !
#RahulGandhi#SansadMargPoliceStation
📍थाना, संसद मार्ग , नई दिल्ली
It took 30 days and a seven-hour dharna by the Leader of the Opposition (LS) to register an FIR in Delhi on a complaint by the victim
This is when the law declared by the Supreme Court is that on every complaint a FIR must be registered promptly
Congratulations to the victim Mr Sahil Lochab for his perseverance and to the LoP Mr Rahul Gandhi for proving the power of satyagraha
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।