सुनो मंत्री परवेश वर्मा
@p_sahibsingh
तुम्हारे मानहानि मुकदमे से नहीं डरते
इस बलात्कार के मामले को 14 दिन हो गए, तुम इस इलाके के 10 साल सांसद रहे , अब मंत्री हो, तुम्हारा मुंह नहीं खुला।
तुमने यह नहीं कहा कि मैं 3 साल की बच्ची को न्याय दिलवाऊँगा।
तुम्हारा करीबी “अमरजीत सिंह बब्बू” फेसबुक पोस्ट डालकर तुम्हें स्कूल का ट्रस्टी बनाने पर तुम्हें धन्यवाद दे रहा है , तुम्हारा मुंह नहीं खुला, तब मानहानि नहीं हुई ।
तुमने ये नहीं कहा की स्कूल की ट्रस्टी वाली फाइल सरकार में कहाँ गायब हो गई , हमारी सरकार फाइल को सार्वजनिक करेगी।
तुमने यह नहीं कहा कि अपने करीबी अमरजीत सिंह बब्बू पर मानहानि करूँगा।
तुमने ये नहीं कहा पुलिस कमिश्नर से बात करके न्याय दिलवाएँगे ।
तुम्हारी सरकार और तुम जो हो सके कर लो, तुम्हारे मानहानि से डरते नहीं है ।
हार जीत तो चलती रहती है मैडम, आप तो “सवालों की लिस्ट” से ही तिलमिला गई । मैं बेरोजगार तो हूँ , मगर दलाल नहीं हूँ।
आप ने कहा आपने CM रेखा गुप्ता से बहुत कठिन सवाल पूछे,इसलिए आपको मैंने कुछ साधारण (obvious) सवाल बता दिए ।आपने तो अपना इंटरव्यू शो आने से पहले ही सरेंडर कर दिया।
आप अगली बार भी ये सवाल नहीं पूछ पाएंगी क्योंकि आपके लिए “बेरोजगार” होना बहुत बड़ी गाली है ।
मेरे लिए “दलाल” होना बहुत बड़ी गाली है ।
मंत्री क्यों भागे ?
मंत्री आशीष सूद की अपनी जनकपुरी विधानसभा में महिलाओं ने भाजपा सरकार की पोल खोल दी
महिला बोली - “केजरीवाल के ज़माने में कभी दिक्कत नहीं हुई, तुरंत मशीन आती थी”
मंत्री जी भाग गए
Dear @TOIDelhi readers
TOI had tom tommed this much hyped “non transparent” fee act inspite of repeated questions raised by us.
Now, TOI deliberately did not publish main opposition party’s view.
Can u trust such newspapers ?
Please provide the copy of FIR registered for impersonation, fraud for illegally trying to delete names of Valid voters and manipulating the electoral process.
This was clearly an organised syndicate to hijack free and fair elections. People are keen to know if there had been any arrests ?
It’s been 8 months so chargesheet should have been filed by now.
If you are waiting for an Affidavit, I am ready to sign the Affidavit and submit. We are not scared of frivolous prosecution by Govt.
ये हैं शिक्षा मंत्री आशीष सूद की टाउन हॉल, जिसमें पैरेंट्स के सवालों पर भड़क रहे हैं
TownHall का मतलब होता है आप सवालों का जवाब दोगे, मगर यहाँ पर भाषण सुनने के लिए बुलाया गया।
ऐसा स्कूल फीस क़ानून है जो स्कूल मालिकों के लिए बनाया गया है , पेरेंट्स का शोषण को क़ानूनी जामा पहना दिया है
भाजपा सरकार के आते ही प्राइवेट स्कूलों ने मनमानी फीस बढ़ाई
इन्होंने कहा कानून लाएंगे, मगर किसी पेरेंट्स बॉडी से सलाह नहीं ली, कोई पब्लिक कंसल्टेशन नहीं किया
CM @gupta_rekha जी आज ग्रेटर कैलाश में हैं, और दिल्ली में मेगा सफ़ाई अभियान चल रहा है।
देख लीजिए GK1 गुरुद्वारे और मंदिर का क्या हाल है। कूड़ा ही कूड़ा।
आज दिल्ली के कौने कौने से प्रतिष्ठित लोग गुरुद्वारे आए थे, एक बड़ी सामाजिक महिला का चौथा था। मंदिर में शोभा यात्रा की तैयारी हो रही है । और पॉश इलाकों का ये हाल है ।
कृपया इवेंट मैनेजमेंट की जगह सफ़ाई पर ध्यान दें ।
दो मरे, कई घायल-
दिल्ली को याद हैं कुछ महीने पहले तक LG साब दिल्ली के कौने कौने में जाकर सरकार की कमियाँ ढूंढा करते थे, वीडियो बनाते , ट्वीट करते , चिट्ठियाँ लिखते थे।
आज उनके राजभवन के सामने दीवार गिर गई , दो लोग मर गए, कई लोग घायल हैं। मगर LG साब अभी तक मिलने भी नई गए। ना ट्वीट, ना फोटो, ना चिट्ठी । अब दिल्ली की चिंता खत्म हो गई ?
ऐसा क्यों ?
भाजपा का U-turn
दो साल पहले दिल्ली में इसी ITO बैराज के कारण बाढ़ आई थी। ये बैराज भाजपा की हरियाणा सरकार के आधीन है और उस वर्ष उन्होंने इसके गेट नहीं खोले, जिसकी वजह से यमुना से पानी निकल नहीं पाया और यमुना का पानी आस पास के इलाकों में बाढ़ की शक्ल में बिखर गया।
उस समय जब हमने ये बात कही थी तो LG और भाजपा को बहुत परेशानी हुई थी। उस वक्त गंदी मानसिकता के चलते दिल्ली भाजपा पूरी तरह हरियाणा सरकार के साथ खड़ी थी । बाद में जाँच हुई तो सच सामने आया । हरियाणा ने अपने चीफ़ इंजीनियर को सस्पेंड भी किया।
दिल्ली की आप सरकार कई वर्षों के हरियाणा ji की भाजपा सरकार को निवेदन कर रही है कि ये बैराज दिल्ली में है और इसे दिल्ली सरकार को दे दिया जाये । मगर यहाँ भी राजनीति सोची जाती थी ।
खैर अब भाजपा को थोड़ी अक्ल आई है और सच सबके सामने है ।
CM @gupta_rekha जी, इसकी गहन जाँच होनी चाहिए
दैनिक भास्कर में छपी खबर में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जाँच होनी चाहिए
- बताया गया है कि वरिष्ठ डॉक्टरों पर फाइल साइन करने का दबाव डाला जा रहा है। सवाल है ऐसा क्या साईन करवाया जा रहा है ?
- बताया गया है कि वरिष्ठ डॉक्टर दबाव के कारण सरकारी नौकरी से इस्तीफ़ा दे रहे हैं
IAS officers who were Blue eyed boys of LG transferred out of Delhi.
Earlier AAP Govt & Committees of Delhi Assembly, on multiple occasions found that these officers (Mr AC Verma IAS and Mr SB Deepak Kumar IAS) are incompetent and were deliberately creating problems.
One stopped funds of DJB creating problems of sewage overflow, another one stopped funds for Farishtey scheme, stopped payments to various vendors on frivolous grounds, deliberately caused shortage of medicines in Govt Hospitals and Mohalla clinics. Shameful that they did this as IAS officers.
No Govt wants incompetent officers . So when it’s BJP Govt in Delhi , they are being shunted out.
दस साल तक दिल्ली के अफसरों को सिखाया गया कि मंत्री और विधायकों की बात नहीं सुननी। विधायकों और मंत्रियों के फ़ोन नहीं उठाने, चिट्ठी का जवाब नहीं देना।बात बात पर आम आदमी पार्टी को ज्ञान देने वाले आज ख़ुद परेशान हैं ।
अब भाजपा की सरकार बनी तो अफसरों की मनमानी समझ आ रही है । पहले यही भाजपा इन्ही अफसरों की तरफदारी करती थी, अब उन्हें कर्तव्य सिखाया जा रहा हैं ।
आज भाजपा को समझ आया है कि प्रजातंत्र को कमज़ोर करने से देश और जनता का सिर्फ नुक़सान ही होता है ।
आज ही सिलेंडर लिया हूँ,मेरे शहर में गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 1200/- ₹ है,इस डायन महंगाई का वही गुणगान कर सकता है जो या तो हराम की खाता होगा, या तो वो लकड़ी के चूल्हे में खाना पकाता होगा।आज भी मेरी आंखें उन मूर्ख अनपढ़ों को खोज रही हैं जिन्होंने अच्छे दिनों की आस में 400/-₹ के गैस सिलेंडर के स्थान पर 1200/- ₹ का गैस सिलेंडर टिकाने वाले इन लुटेरों की सरकार को चुना था।
हस्तिनापुर का हक़ जो पांडवों को मिला था,
कौरवों ने छल-कपट से छीन कर पांडवों को 12 साल के वनवास और 1 साल के अज्ञातवास पर भेज दिया।
आज के भारत में महाभारत दोहराई जा रही है।
Modi Govt ने छल-कपट करके @msisodia, @SatyendarJain जी को Jail भेज दिया।
#AAPKiMahaRally