@HDFC_Bank@HDFCBank_Cares
You never fail to add charges and penalties, but a simple DOB update becomes impossible. Miss one bill by a day and suddenly there are endless fees. Customer support only works when it’s time to charge money. Worst service! #customerhelp#bank#hdfc
@X@XCorpIndia@Support@premium Does your support team review emails or messages at all, or is the appeal feature ineffective? I haven’t received any response.
जिस देश की राष्ट्रपति की पहचान डेढ़ अरब लोगों की प्रथम नागरिक होने के बावजूद भी आदिवासी ही है,
जिस देश का प्रधानमंत्री 12 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अभी भी खुद को पिछड़ा बताता हो,
वो देश महान ही है।
यहां सिर्फ जाति के आधार पर तीन पीढ़ियों से क्लास वन अफसर रही फैमिली अभी भी शोषित मानी जाती है और सिर्फ जाति के आधार पर केवल दो बीघा जमीन पर गुजारा करने वाला परिवार सक्षम।
धन्य है भारत देश हमारा।
@HDFC_Bank@HDFCBank_Cares Your branch staff are not helping with updating my KYC. I have visited the branch three times, but no one has helped me. I am facing an issue because I corrected the details on my Aadhaar, and it now requires a manual update.
सामान्य वर्ग के नागरिको, दिल्ली पहुँचो!
आने वाले कुछ माह (और यदि सरकार हमारी बातें न माने, तो कुछ वर्ष) हमारे भविष्य के लिए निर्णायक होने जा रहे हैं। कुछ लोगों ने मुझे कहा था कि 5-6 दिन मैं प्रधानमंत्री को कुछ न कहूँ, वो लोग ‘कुछ’ कर रहे हैं।
सरकार ने कुछ भी नहीं किया, कोई संकेत भी नहीं किया। सरकार ने वही किया जो ये करते रहे हैं: इस बात पर दाव लगाया कि लोग सुप्रीम कोर्ट, केजरीवाल और ईरान के समाचारों के बीच यूजीसी समाप्त हो जाएगा, यदि कुछ बड़े हैंडल लिखना बंद कर दें।
अभी बिहार चुनाव चर्चा में है, नए सीएम की घोषणा तक समाचारों में वही विषय बना रहेगा। ऐसा @BJP4India और @narendramodi जी के सूचना संचालन दल का सोचना है।
अतः, आठ मार्च को दिल्ली आइए। जहाँ तक मुझे ज्ञात है, जंतर मंतर और रामलीला मैदान, दो स्थानों पर प्रदर्शन है। मैं आयोजकों से आग्रह करूँगा कि रामलीला मैदान में ही यह प्रदर्शन हो, ताकि एक स्थान पर अधिकाधिक लोग आ सकें।
यह प्रदर्शन राजनैतिक रूप न ले, इसका ध्यान करें। उचित बातें हों, और अपनी संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। सरकार चाहेगी कि मंच से कुछ विचित्र बोला जाए, और मैं जानता हूँ कि कुछ लोग आपके बीच सेंधमारी कर चुके होंगे। उनकी पहचान करें।
सरकार से हमने आरक्षण हटाने को नहीं कहा, हमने यह नहीं कहा कि तुम जय भीम करना बंद कर दो। हमने उनसे सवर्णों पर हो रहे घृणास्पद बयानबाजी, नारेबाजी, पोस्टरबाजी और हिंसक व्यवहारों को उसी तरह अपराध बनाने को कहा, जैसे इन्होंने SC/ST और BC एक्ट में किया है। हमारी एक भी माँग अनुचित नहीं बताई गई है।
अन्य माँगों की एक सूची हमने सार्वजनिक कर रखी है, जो बेयर मिनिमम है। हमारे और आपके ऊपर कॉन्ग्रेसी, सपाई समेत कई पार्टियों के एजेंट होने के आरोप लग चुके हैं, पर हमारी माँगों को अनुचित बताने का कोई तर्क नहीं है इनके पास।
किसी ने भी ‘तुम्हारी भाषा सही नहीं है’ और दो कौड़ी के झाँटू तर्क कि ‘स्टे तो लग ही गया’, के इतर तीसरी बात नहीं कही है।
इसलिए, वापस लिखना चालू कीजिए, वीडियो बनाइए, दलित-वंचित-शोषित-पीड़ित के तुष्टिकरण के हर पर्चे को सार्वजनिक कीजिए। पार्टी या सत्ता के जो भी भ्रम हैं, वो दूर कीजिए। यह हमारे भविष्य की लड़ाई है और भाजपा-संघ को इसे धागे भर का अंतर नहीं पड़ता।
इन पतितों के सामने, इस आंदोलन से जुड़ी हर लड़की का चरित्र हनन इसी भाजपा के कुछ CMO में बैठे लोगों ने किया। भाजपा के आइटी सेल (और वानाबी आइटी सेल) के दलालों की शब्दावली आप देख चुके हैं। इन्होंने नैतिकता की हर सीमा लाँघी है। इनके नेता आज भी चुप ही हैं।
पार्टी ने न तो उन्हें रोका है, न ही वो स्पेस आदि में गाली देने से रुक रहे हैं। स्पष्ट है कि इन चिरकुटों को पार्टी का मौन समर्थन है और वो वही कर रहे हैं जो पार्टी चाहती है। अतः, इनको उचित उत्तर देते रहिए।
सुप्रीम कोर्ट के सामने इस सरकार का लिजलिजापन हम सबने देख लिया। पूरी सरकार रेंगने लगी, नरेन्द्र मोदी स्वतः संज्ञान लेने लगे, उनकी नाराजगी की खबर ‘सूत्रों के हवाले से’ लीक करा कर चलाई गई। पर यह पार्टी यूजीसी पर फेविकोल पी कर सोई हुई है।
यह मैं विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि सरकार पिछले सात दिन को अपनी सफलता मान कर नाच रही होगी। उन्हें लग रहा है कि यह समाचार दब गया, विश्व युद्ध के ग्राफिक्स में लोग भूल जाएँगे।
ठीक है, ये मान कर भी देख ही लो।
PS: भाजपा/संघ के लोगों से आग्रह है अब मुझे संपर्क करने की चेष्टा न करें। आपको बहुत समय दे दिया गया, आपने धोखेबाजी की है।
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्त: प्रणश्यति॥
(गीता - 9.31) 🙏
भगवान कृष्ण: हे अर्जुन, तुम निडर होकर घोषणा कर दो/प्रतिज्ञा कर लो कि मेरे भक्त का कभी नाश (हार) नहीं होता। 🔥