क्या यह सरकार एक पिता की पीड़ा समझ पाएगी? क्या यह सरकार बच्चों की मानसिक स्थिति कभी समझ पाएगी?
प्रधानमंत्री जी, आपकी सरकार में बार-बार पेपर लीक हुए। छात्रों के सामने बार-बार असमंजस, अनिश्चितता और मानसिक तनाव की स्थिति पैदा की गई।
गलती सरकार की है, निकम्मापन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का है, लेकिन सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं।
परीक्षा व्यवस्था बार-बार सवालों के घेरे में रही। फिर भी छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी तरह की राहत का प्रावधान क्यों नहीं था?
मध्य प्रदेश के विदिशा में NEET re-exam के दौरान महज़ दो मिनट की देरी ने तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहना महापाप है।
📍आगरा, उत्तर प्रदेश
"मेरे बाबा की सुबह -सुबह डेथ हो गई, उन्हें मारकर फांसी पर लटकाया गया है और पुलिस वाले शव को जलाने के लिए जबरदस्ती कर रहे हैं"
"शव को क्यों जला दें, इंसान मरा है कुत्ता नहीं"
नितिन गडकरी भड़वे 👇
इथेनॉल के ब्रांड एंबेसडर भाजपा नेता परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को गाड़ी मालिक ने दी ताबड़तोड़ गलियां
इथेनॉल युक्त पेट्रोल डालकर लोग मेहनत की जमा पूंजी से खरीदी गाड़ी को ,बर्बाद नहीं करना चाहते ,कब समझेंगे भाजपा नेता
"कोयला खा गए, गैस खा गए, तेल खा गए, SAIL खा गए, एयरपोर्ट खा गए, रोड खा गए, पोर्ट खा गए, पेपर लीक में हजारों करोड़ खा गए, और अब भगवान श्री राम को भी नहीं बख्शा। मंदिर के चढ़ावे में भी चोरी कर ली।
'चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो।'"
आज राहुल गांधी ने वो कहा जो सालों से कोई बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
भारतीय जनता पार्टी सुन ले:
तुम भारत नहीं हो।
तुम सेना नहीं हो।
तुम सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी हो।
हम तुम्हें चुनौती दे रहे हैं,
देश को नहीं। 🔥
ये नोएडा का दृश्य है। पुलिस की गाड़ी तोड़ दी गई।
क्या योगी आदित्यनाथ की पुलिस इनको चिह्नित करके संपत्ति की वसूली करेगी या ये स्कीम सिर्फ मुसलमानों पर लागू होती है?
जरा ध्यान से सुनिए जज मा. स्वर्ण कांता शर्मा जी को क्यों इस केस से खुद को अलग कर लेना चाहिए।
ये तो सिर्फ एक कारण है ऐसे कई कारण @ArvindKejriwal जी ने कोर्ट को बताया।
क्या आपको याद है इन्ही न्यायमूर्ति महोदया ने ED के हक़ में क्या फैसला दिया था?
जिस केजरीवाल को RSS का छोटा रिचार्ज बताते रहे उसने कोर्ट में खड़े होकर जज से पूछा है कि-
आप 4 बार RSS के प्रोग्राम में जा चुकी हैं, आप निष्पक्ष कैसे हुईं?
अब ऑनलाइन सुनवाई होती है रिकॉर्ड उठाकर देखो इसके पहले संघी जजों से सवाल पूछने की हिम्मत किसकी हुई?
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