सुनो मेरी ह्रदय वल्लभा,
मैं प्रतिदिन टकटकी लगाए उस हरश्रिंगार के पेड़ को निहारता रहता हूं,
कि कब उसपे फूल आएंगे और कब मैं उन फूलों से बनाऊंगा गजरा जिसे सजाऊंगा तुम्हारे बालों में,
मैं बनाऊंगा उन्हीं फूलों से बाजूबंद जिन्हें सजाऊंगा तुम्हारी बाहों में,
बाबा साहेब आंबेडकर का ‘आशीर्वाद’ देखिए…
हमारी शिक्षा व्यवस्था को ‘ऊंचाई’ तक पहुंचाने में उनका योगदान’ देखिए…
ख़बर यूपी के उन्नाव से है: सिकंदरपुर सरौसी के एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने अंग्रेज़ी की शिक्षिका से किताब से कुछ पंक्तियाँ पढ़ने को कहा। शिक्षिका अंग्रेज़ी की कुछ पंक्तियाँ भी नहीं पढ़ सकीं।
भारत की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में झोंकने के लिए आरक्षण का यह जाल बिछाया गया है। इसका विरोध होना चाहिए।
Abhijeet dipke must be regretting doing this interview 🚨
Reporter - Sir, are you not receiving any messages from Jharkhand students? I just saw an interview where an ST student was asking you to come there and help them
Abhijeet - Yes, I have been receiving many messages. We will surely look into this soon. BJP used it's sources to file an FIR against my father who has no connection with this. I am currently dealing with it and trying to get it removed
Reporter - Sir, many children of Delhi Police officers were also crying on national tv after their fathers were beaten and hospitalised. You haven't addressed any of them but when it is your father, you are focused only on him. Can you imagine what those kids went through?
Abhijeet - Look, that was not done by me or my protesters. It was done by goons
Reporter - Sir, the FIR against your father was also not filed by BJP or Modi. It was filed by someone else. So why does the blame go to BJP?
He had no reply so he started making that annoying face again. Give this reporter a raise man 🙏
आज @tehseenp को हाउस अरेस्ट किया गया। क्यों? क्योंकि शांतिपूर्ण तरीके से, सारी अनुमतियों के साथ, संविधान के वृत्त में, मौलिक अधिकारों के साथ प्रदर्शन करने वालों से सरकार को भय लगता है?
हाउस अरेस्ट के प्रोविजन्स क्या हैं? क्या इसका कोई लीगल प्रावधान है? @DelhiPolice क्या चाहती है? अब लोग प्रदर्शन के अधिकार के लिए भी कोर्ट से अनुमति लें?
यूजीसी पर दो बार अनुमति दे कर रोका गया। इथेनॉल पर तीन बार तहसीन पूनावाला को रोका गया। क्यों? क्योंकि हमारे हाथ में पेट्रोल बम नहीं है? क्योंकि हम केवल बात कहना चाहते हैं?
@PMOIndia इस अंधेरे में न रहे कि जनता इसे मोदी जी की रीलबाजी से भूल जाएगी। इस पूरे वर्ष का लेखा-जोखा हम उचित समय पर निकालेंगे। तुम्हें भी पता है कि ठाकुर-ब्राह्मण की स्थिति, स्थानीय भ्रष्टाचार, जनता के विषयों के फुनसी का बवासीर तुम बना चुके हो।
ऐसी हर एक मूर्खता, तुम्हारे लिए कर्ण की भाँति मुख्य युद्ध में चक्का धँसने और मंत्र भूलने जैसे श्राप साबित होंगे। कोई रील, कोई चाटुकारों की पोस्ट काम नहीं आएगी। हम सड़कों पर अभी नहीं उतरेंगे, पर जब जीना हराम कर दोगे, तब देख लेंगे।
भिखारी अगर सक्षम हो जाए तो भीख मांगना छोड़ देता हैं लेकिन -
आरक्षित भिखारी करोड़पति होने के बाद भी आरक्षण नहीं छोड़ता है ,
देश का शत्रु आरक्षण है, देश के प्रगति में बाधा आरक्षण है,
इसे अब खत्म देना चाहिए!!
नमस्कार साथियों 🙏
लगातार 4 घंटे की मेहनत के बाद हमने अकाउंट को फिर से रिकवर किया है जो लोग हमारे आंदोलन के खिलाफ है वो अकाउंट की रिपोर्ट कर रहे हैं जिसके कारण अकाउंट कुछ समय के लिए ब्लांक कर दिया गया था वह लोग याद रखें आप कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन हम हिम्मत नहीं हारेंगे अन्तिम समय तक प्रयास करेंगे....
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳
'Reservation Hatao Andolan'
#reservationhataomovement
शिक्षा में आरक्षण है- भारत 129वें नंबर पर है
मेडिकल में आरक्षण है- भारत 69वें नंबर पर है
मीडिया में आरक्षण है- भारत 151वें नंबर पर है
तो अगर भारत को नंबर 1 बनाना है, विश्वगुरु बनाना है
तो आरक्षण को हटाना होगा !!
दोस्तों इस देश में एक काम होना चाहिए कि
जनरल श्रेणी के लोग अपने श्रेणी के डॉक्टर से इलाज करवाएंगे,
बाकि लोग अपने अपने श्रेणी के डॉक्टर से इलाज करवाएंगे,
जब बड़ी बड़ी बीमारियाँ फ़ैल जाएँगी और कोई इलाज नहीं मिलेगा तो ?
तो इस देश में लोगो की आंख 10 साल में अपने आप खुल जायेगा कि आरक्षण क्यों हटाने की जरुरत है !!
THERE ARE TWO SIDES TO EVERY STORY. BUT POLITICS ENSURES ONLY ONE IS TOLD. BUT THIS YOUNG WOMAN DEMANDS TO BE HEARD.
"My father was almost lynched to death. He suffered head injuries. He was dragged by a violent mob. His uniform was soaked in blood. But when I opened social media, I was shocked to see my father being portrayed as the villain."
INDEED. They perform one of the most thankless jobs in the country.
A job that demands they put their lives on the line so that law and order holds.
Whatever your politics, no family should have to watch a loved one risk their life in service, only to see them vilified without regard for the facts.