Court Discharged accused of creating Muslim women auction APP.
Muslim women were auctioned online & accountability still remains elusive, it is not the victims who are failed. But the promise of equality, dignity & justice under the Constitution is put to the test.
@flipkartsupport कहां तक ऑर्डर id भेजे भेजा जाए तुम्हे? अपने कुरियर पार्टनर को चेक करो जो हैवी शिपमेंट गोदाम से उठाने को बोलता है कास्टमर को, और 1 शिपमेंट होता है तब डिलीवरी देने नहीं आते, वेट करते हैं कि मल्टिपल पार्सल हों तब जाएं🙏🙏🙏👎👎👎
@flipkartsupport This not about only return experience, this is about your delivery process. You are not delivering door to door, atleast not covering whole pin code.👎👎👎
@Mayawati कौन हो आप? हमलोग तो भूल ही गए कि आप भी हो, कभी करती थी आप हमारे हितों की रक्षा, अब आप बोल ही नहीं पा रहीं, डर रहीं इस तानाशाही सरकार से। पिछले कितने सालों से आप विलुप्त सी रहीं कितना अत्याचार हुआ और हो रहा मुसलमान पर, अब इलेक्शन है शायद इसीलिए बोल रहीं?
@Cyberdost@cyberpolice_up@CCTNS_UP@Uppolice
महोदय किसी असामाजिक व्यक्ति ने मेरी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मेरे मित्रों से पैसे की मांग कर रहा है, कृपया लिंक में उपलब्ध फेसबुक 🆔 से संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने की कृपा करें।
https://t.co/XDOkdKfLOF
For lakhs of old Waqf assets, a rushed, glitch‑ridden digital race is not reform, it is quiet dispossession.
A structured extension or suo motu Tribunal protection would uphold Article 14 equality and Article 25 religious freedom.
#FixUMEEDPortal#SaveWaqf
@ptiwari7600@BankofIndia_IN कुछ विरले ही लोग इस दुनिया में बचे हैं जो ईमानदारी से अपनी नौकरी और काम करते हैं , अपने देश में सबको ऊपरी कमाई चाहिए होती है।
इस लड़की का नाम गुलफिशा फ़ातिमा है जो कि 9 अप्रैल 2020 से UAPA के तहत तिहाड़ जेल में बंदी है, यानी साढ़े चार साल से जामिया की छात्रा इसलिए जेल की दीवारों में क़ैद है क्योंकि वो मज़हब से मुसलमान है औऱ जमानत नियम उन पर लागू नहीं किया जा सकता, गुलफिशा की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की जाती है तो हाई कोर्ट जाने के लिए कहा जाता है, याचिका हाई कोर्ट में दाख़िल की जाती है तो जमानत देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज़ कर दी जाती है, HC से खारिज़ होने के बाद याचिका SC में डाली जाती है तो फिर सुनवाई टाल दी जाती है, SC में सुनवाई के लिए तारीख़ पर तारीख़ मिलती है फिर कुछ माह या वर्ष बाद याचिका खारिज कर HC जाने के लिए कह दिया जाता है, पिछले साढ़े चार सालों से उनका परिवार उनका एडवोकेट हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट दौड़ रहे है ,परिवार टूट रहा है गुलफिशा के माता पिता अपनी बेटी के लिए तड़प रहे है बिलख रहे है और नींद ना आने पर नींद की दवाईयों को सहारा बना सो जाते है, हर रोज़ इसी उम्मीद में बूढ़ी आंखे खुलती है कि आगामी सुनवाई की तारीख़ पर जमानत मिल जायेगी और जल्द हमारी बेटी हमारे बीच होगी, बस इसी उम्मीद में उनके साल माह की तरह गुज़र रहे है और बूढ़ा शरीर उम्मीद जी रहा है!
आरोपियों को बिना ट्रायल जेल में रखना न्यायपालिका के वज़ूद के बारे में दर्शाता है कि किस तरह अदालतों के अंदर की रीढ़ की हड्डियां टूट चुकी है औऱ झुक कर किसी को तो सलामी दे रही है, अब गिरफ्तारी ही सज़ा बन गया है, ट्रायल से पहले ही जेल में रख आरोपी को नही बल्कि पूरे परिवार को सज़ा दी जा रही है, और सज़ा भी ऐसी कि ना सुनवाई चल रही ना दलीलें अगर कुछ चल रहा है तो वो आदेश जो सत्ताधीशों द्वारा लिखे जाते है!
#ReleaseGulfishaFatima #GulfishaFatima
राजस्थान का चीफ़ मिनिस्टर एक तुच्चे से भगौड़े गुंडे रैंडम सेना के कहने पर वाजिद को अरेस्ट करवाया है।
पहले हल्के धारा लगे थे, फिर सरकार के सलाहकारों ने गंभीर धाराएं लगवाके एक मुस्लिम की जिंदगी खराब कराने को अंजाम दिया
इन सरकारी पालतू का आतंक समझें 👇
#IStandWithWajidKhan