कॉकरोच नहीं ये आंधी है, देश का तीसरा गांधी है।
दूसरे गांधी अन्ना हजारे थे। जिन्होंने आंदोलन की आड़ में देश को टोपी पहना दी। उस आंदोलन में ऐसे ऐसे नगीने पैदा हुए जो आगे चलकर बीजेपी की सरकारों में सेट हो गए। अब बारी कॉकरोच की है।
2024 के लोकसभा चुनाव ने बताया कि 2014 में उगा हुआ सूरज ढलने की दिशा ��ें बढ़ गया है। ताजा राजनीतिक हालात कहते हैं कि कुछ राज्यों को छोड़कर पूरे देश में 2029 की लड़ाई आमने-सामने की होगी। यानि एक तरफ NDA प्रत्याशी और दूसरी तरफ कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन का प्रत्याशी।
तो क्या इसी डर का नाम है 'कॉकरोच जनता पार्टी'?
'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया की पैदाइश है। युवाओं के बीच इसका क्रेज पैदा हुआ है। युवा गुस्से में हैं। बेरोजगार लाठी लेकर खड़े हैं। गुस्सा EVM पर निकलेगा। लेकिन EVM पर तो कॉकरोच भी नजर आएगा। जो विरोध में पैदा हुए वोट को दो हिस्सों में बांटेगा और फायदा किसी तीसरे को होगा।
क्रोनोलॉजी कहती है कि कॉकरोच को खूब कवरेज मिलेगा। जैसा अरविंद केजरीवाल और हुमायूं कबीर को मिलता आया है।सत्ता पक्ष इसका खूब विरोध करेगा ताकि हेडलाइन बनती रहे। समय-समय पर विवाद खड़े होते रहेंगे ताकि कॉकरोच को सियासी खाद-पानी मिलता रहे। और अंत में मिलेगा चुनाव चिह्न 'कॉकरोच'!
वक्त आने पर कॉकरोच भी केजरीवाल की तरह सियासी रूप से मसल दिया जाएगा। तब तक 10 साल बीत चुके होंगे। और उसके बाद कोई दूसरा 'मगरमच्छ' आएगा। जो लोगों की भावनाओं से खेलेगा। जनहित का सौदा करेगा। सत्ता उखाड़ने का ढोंग करेगा। लेकिन मक��द कुछ और होगा।
तो कॉकरोच से सावधान रहिए, ये विषखोपड़ा है!
#IndiaRejectsCJP
जवाहरलाल नेहरू जिस भारत के प्रधानमंत्री थे, वह गरीब भारत था जिसे अंग्रेजों ने लूटकर खोखला कर दिया था। क्या नरेंद्र मोदी भी 1950 में जी रहे हैं? क्या 2026 का भारत, 1950 में पहुंच गया है? तब भारत की जो शक्ति थ���, क्या आज भी वैसी ही है? क्या नरेंद्र मोदी को भी वही लुटा हुआ भारत चाहिए ताकि नेहरू से प्रतियोगिता कर सकें? इसीलिए ट्रंप से निर्देश लेकर तेल खरीदते हैं?
ट्रंप को छींक आए तो मोदी जी को बुखार आ जाता है, फिर आत्मनिर्भरता के नारे का क्या हुआ? पिछले 12 साल में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए क्या प्रयास किया गया?
2014 में भारत अपनी जरूरत का 27% तेल उत्��ादन खुद करता था। यह घटकर 13% कैसे रह गया? जिस ONGC के पास 2014 में 13000 करोड़ का कैश रिजर्व था, आज वो 78000 करोड़ के क़र्ज़ में कैसे डूबी है? यह भी नेहरू ने किया है?
12 साल तक सत्ता में रहने के बाद थोड़ा तर्क तो ढंग से खोजा कीजिए! हर बात पर 70 साल पहले के भारत से तुलना करना बेहद शर्मनाक तो है ही, इससे यह भी पता चलता है कि मौजूदा सत्ता के पास भविष्य और वर्तमान को लेकर कोई दृष्टि नहीं बची है।
با رئیسجمهور ایران، دکتر مسعود پزشکیان، گفتوگو کردم تا وضعیت جدی د�� منطقه را مورد بحث قرار دهم.
نگرانی عمیق خود را نسبت به تشدید تنشها، از دست رفتن جان غیرنظامیان و همچنین آسیب به زیرساختهای غیرنظامی ابراز کردم.
ایمنی و امنیت شهروندان هندی، همراه با ضرورت تداوم بدون مانعِ انتقال کالا و انرژی، همچنان از اولویتهای اصلی هند است.
بار دیگر بر تعهد هند به صلح و ثبات تأکید کرده و خواستار گفتوگو و دیپلماسی شدم.
@drpezeshkian
अब बताओ…?
भाजपा की गलत-नीतियों की वजह से अयोध्या में राम-रसोई व प्रसाद की सनातनी परंपरा भी टूट रही है।
भाजपा की सनातन विरोधी सोच यहाँ तक पहुँच जाएगी, ये कभी किसी ने नहीं सोचा था।
भाजपा जाए तो सदाव्रत आए!
Big Breaking,
अमेरिकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट ने बहुत बड़ा खुलासा किया है,
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक ट्रम्प को ईरान पर हमले के लिए इजराइल ने नहीं
सऊदी क्रा��न प्रिंस MBS यानी कि
मोहम्मद बिन सलमान ने उकसाया था,
वॉशिंगटन पोस्ट के दावे के मुताबिक मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने डोनाल्ड ट्रंप को कई बार प्राइवेट कॉल की थी,
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले का फैसला तब लिया,
जब मोहम्मद बिन सलमान ने बार-बार तेहरान पर हमले के लिए लॉबिंग की,
मैं दुनिया के सभी यहूदियों को मार सकता था, लेकिन मैंने कुछ को ज़िंदा छोड़ा ताकि तुम समझ सको कि मैंने उन्हें क्यों मारा!
: एडोल्फ हिटलर (1945)
आज वास्तव में दुनिया समझ गई हिटलर ने यहूदियों क्यों मारा था!
अगर आपका अकाउंट किसी भी बैंक में है वो चाहे कोई सा भी बैंक हो PNB SBI HDFC आदि.
और यह जो नंबर है इन्हें सेव कर लो
SBI= 9022690226
PNB=9264092640
HDFC=7070022222
ICICI=8640086400
Axis =7036165000
BOB=8433888777
Kotak=9718566655
::यह सारे बैंक के ऑफिशियल वाट्सअप नंबर है इस नंबर को सेव करने के बाद whtsp पर msg hyy लिखे
:और फिर बैंक अकाउंट से लेके मिनी स्टेटमेंट से लेकर कार्ड ब्लॉक या अनब्लॉक से लेकर या पिन सेट से लेकर
::चेक बुक की रिक्वेस्ट से लेकर maltb बैंक मै जो काम आप करते है वो आप अपने घर बैठे कर सकते है
मीडिया, बड़े नेताओं से इंटरव्यू करके बड़ा नहीं बनता।
मीडिया बड़े नेताओं से मुश्किल सवाल करने से बड़ा बनता है। सबसे ताक़तवर मीडिया वो है जो सबसे ताक़तवर सत्ताधारियों को जवाबदेह ठहराये।
जो बेग़ैरत एंकर 11 साल में अपने प्रधानमंत्री से एक सवाल न पूछ सके, वो पुतिन का इंटरव्यू करे या ट्रंप का, क्या फ़र्क़ पड़ता है ?
अंग्रेज़ो ने मुसलमानों से सत्ता छीनी,
कांग्रेस ने मुसलमानों से लीडरशिप छीनी,
जनता पार्टी ने मुसलमानों से सरकारी नौकरियां छीनी,
जनता दल ने मुसलमानो��� से देशभक्ति छीनी
समाजवादी ने मुसलमानों से आरक्ष��� छीना,
अब BJP मुसलमानों से पंक्चर की दुकान, फल सब्ज़ी का ठेला, और नागरिकता भी छीन लेना चाहती है।
आपको सोचना चाहिए जब आपने अपने घर के शेर को खुद ही मार दिया तो फिर आप कैसे बाहर के लकड़बग्गो से अपनी हिफाज़त की उम्मीद कर सकते हैं ?
अगर आपकी लीडरशिप नही छिनती,
न तो आपकी सरकारी नौकरियां छिनती, न बड़े कारोबार छीनते, न आपका आरक्षण छीनता, आप भी देश मे बराबर के नागरिक समझे जाते, न तो आप को कोई शक की नज़र से देखता न आप से कोई नफ़रत करता क्योंकि आपका इतिहास सबको मालूम रहता कि आप के बुजुर्गों ने इस देश को बनाने में कितना योगदान दिया आपके पूर्वजो ने देश के लिए अपना जान-माल-इज़्ज़त सब दाव पर लगा दिया।
इसलिए अपनी क़यादत को मज़बूत कीजिये आप मज़बूत होंगे तो हमारा देश भारत मज़बूत हो��ा।
मिलिए भरत जैन से 🔥🔥🔥
भाई मुंबई में पहले खुद भीख मांगता था,
अब 18,000 भिखारियों की फौज खड़ी कर दी
◆ महीने की कमाई 7 करोड़ रुपये भिखारियों को शेल्टर-खाना देता है, बदले में 20% हिस्सा वसूलता है
◆ घर से 460 करोड़ कैश बरामद हुए
◆ 8 विला, 8 लग्जरी फ्लैट, 2 बेशकीमती बंगले है।
◆ 22 करोड़ का नया घर लेने गया तो पकड़ा गया
◆ IIM कोलकाता का पढ़ा-लिखा बंदा है ये है
Note -: यह अब तक का सबसे अमीर भिख���री है, भीख मांगने का अविष्कार किसने किया आप जानते हैं।
कल दिल्ली में लाल किले के पास एक भक्तजन कह रहे थे कि 👇🏼
“मोदी सरकार में जो बम फोड़ने आता है, उसे बॉर्डर पर ही खल्लास कर दिया जाता है।”
ये शब्द बोलते ही धमाका हो गया और 13 लोगों की जान चली गई।
काहे के प्रोफेसर हो....इतना भी पता नहीं कि बख्तियार खिलजी तो बिहार गया ही नहीं था....
और नालंदा विश्वविद्यालय जलाने वाला खिलजी नहीं वे ब्राम्हण थे जिन्हें बौध्द धर्म के विस्तार से ख़तरा दिख रहा था।
ब्राम्हणों ने हजारों बौद्ध विहारों क�� जलाया, नष्ट किया और लाखों बौद्धों का नरसंहार किया।
ये सब ऐतिहासिक तथ्य हैं, वह नहीं जो आप बता रहे हो।