10K रिपोस्ट होते ही ये भी चली जाएगी
दिखाओ अपनी ताक़त पहुँचाओ @LtGovDelhi तक अपनी शिकायत
अवैध निर्माण सैयद जलालुद्दीन (घण्टे वाले पीर बाबा) जोकि दिल्ली कैंट जैसे इलाके में रोड़ के बीच बनी हुई है।
दिल्ली के बुराड़ी से चौकाने वाली खबर
कैसे एक मंदिर को बना दिया मजार
मजार के अंदर मौजूद है देवी देवताओं की मूर्तियाँ
रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर टूट पड़ी जेहादियो की फौज
सच्चाई बाहर ना आये इसके लिए कैमरे पर हमला किया गया !!
आपका एक रिपोस्ट और 10K रिपोस्ट होते ही प्रशासन को संज्ञान लेना ही पड़ेगा
तत्काल प्रभाव से संज्ञान में लें @Varanasi_DM वाराणसी में अवैध मस्ज़िद स्वीकार नही.
हिंदुओं जागों और प्रशासन को भी जगाओं अन्यथा अंत निश्चित है तुम्हारा।
@sauravyadav1133 पहनावे का फर्क देखिये साहब,
भगवा धारी बमबम कह दे तो लोग भोले कह कर आगे बढ़ जाते है,
और अगर टोपी वाले बमबम कह दे,तो भगदड़ मच जाती है?😝😝
संसद में मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए ये आंकड़े बहुजनों की हकमारी और संस्थागत मनुवाद के पक्के सबूत हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के
- ST के 83%
- OBC के 80%
- SC के 64% पद जानबूझकर खाली रखे गए हैं।
वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के
- ST के 65%
- OBC के 69%
- SC के 51% ��द भी रिक्त छोड़ दिए गए हैं।
ये सिर्फ लापरवाही नहीं, एक सोची-समझी साजिश है - बहुजनों को शिक्षा, रिसर्च और नीतियों से बाहर रखने की।
विश्वविद्यालयों में बहुजनों की पर्याप्त भागीदारी नहीं होने से वंचित समुदायों की समस्याएं रिसर्च और विमर्श से जानबूझकर गायब कर दी जाती हैं।
NFS (Not Found Suitable) के नाम पर हज़ारों योग्य SC, ST, OBC उम्मीदवारों को मनुवादी सोच के तहत अयोग्य घोषित किया जा रहा है और सरकार कोई जवाबदेही लेने को तैयार नहीं।
ये पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सभी रिक्त पद तुरंत भरे जाएं - बहुजनों को उनका अधिकार मिलना चाहिए, मनुवादी बहिष्कार नहीं।