कुणाल कामरा मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है उसमें कुछ इस तरह से वार्तालाप हो रहा है।
कॉल वाला व्यक्ति: तूने CM साहब के बारे में क्या बोला?
कुणाल कामरा: वो CM नहीं डिप्टी CM हैं
कॉल वाला व्यक्ति: किधर रहता है तू?
कुणाल कामरा: तमिलनाडु
कॉल वाला व्यक्ति: किधर आने का?
कुणाल कामरा: तमिलनाडु
कॉल वाला व्यक्ति: अभी तमिलनाडु कैसे पहुंचेगा भाई? 🤣😂🤣
वायरल वीडियो राजस्थान के शिक्षक-शिक्षिका का बताया जा रहा है.
संबंध चाहे जायज हो या नाजायज हो, किसी के आंतरिक पलों का SEX वीडियो बनाकर वायरल नही करना चाहिए.
दो अधेड़ उम्र लोग अपनी रजामंदी से संभोग कर रहे हैं. वीडियो को कोई जबर्दस्ती नजर नही आ रही है. हो सकता है दोनों का संबंध नाजायज हो.
लेकिन हम और आप कौन होते हैं जजमेंटल बनने वाले. जिस खबर को वायरल करना था उसे तो किसी ने नही किया.
कुंभ मेले में एक साधु 12 साल की नाबालिग लड़की जो किसी कारणवश घर से भागी हुई थी, उसे गलत इरादे से बहला फुसलाकर अपने साथ रखकर एकांत में भुजा खिला रहा था.
पत्रकार की नजर पड़ी तब जाकर पुलिस ने कार्यवाही की. और नाबालिग बच्ची सकुशल भदोही उसके घर पहुंचा दिया गया.
@RajAgra95255439@jitender4489h@AshrafFem Hamare desh ka ek hi bordar hai china to America se mila hua yr musalmano ke khilaf aisa jahar ghool diya ki aap ko har musalman bura lagne laga, itni bhi nafrat mat karo ki kal ko apne aap par hi sharm aane lage jab aap ki aankhe khulegi ki rajniti me ye kiya hua
@jitender4489h@AshrafFem Ek sainik ki bhasha or uska musalmano ke khilaf dvesh thanks bhai hame to pahle hi pata hai desh ki koe bhi sanstha musalmano ke sath nhi hai
3 जबकि उनके इंसाफ़ की मांग को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
आज का संभल उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के ऊपर ज़ुल्म की वाज़ेह मिसाल है।
में लगातार लोक सभा में इस मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहा हुँ। ज़ालिम को सज़ा मिले और मज़लूम लोगों को इंसाफ़ मिले।
1.सम्भल से एक तल्ख हकीकत सामने आ रही है। पाँच मुसलमानों की जान लेने के बाद भी मुस्लिम मोहल्लों में खौफ पैदा करने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा है मुतास्सिरीन को इंसाफ़ दिलाने के बजाय मुसलमानों को शक की बुनियाद पर जेलों में डाला जा रहा है,और उन पर बेबुनियाद इल्ज़ामात लगाए जा रहे हैं
2. और उन्हें जिस्मानी और ज़ेहनी अज़ीयत दी जा रही है। इस ज़ुल्म का शिकार सिर्फ मर्द ही नहीं बल्कि औरतें और यहां तक कि हो रहे हैं,जिसकी वजह से पूरे ख़ानदान बेबस और ख़ौफ़ज़दा हैं
यह ज़ुल्म एक हौलनाक तस्वीर पेश करता है मासूम लोगों को कुसूरवार ठहराया जा रहा और उन्हें सज़ा दी जा रही है