@shivanya33 बाहर खेलने के स्थान कम हो चुके हैं और माता पिता भी बाहर नहीं जाने देना चाहते। घर में खेलने के लिए कोई साथ नहीं और जगह भी कम है। माता पिता को खुद मोबाइल की लत लग चुकी है। बच्चों को मोबाइल देकर माता पिता आजादी महसूस करते हैं। फिर बच्चों को दोष देते हैं।
@ManojYaSp भारत की लगभग सत्तर फीसदी आबादी का इलाज यही डाॅक्टर करते हैं जिन्हें हम लोग झोलाछाप डॉक्टर कहते हैं। भारत की सरकारों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।