उत्तरप्रदेश- संभल की अमीना ने 5 दिन के अंदर 4 बच्चों को जन्म दिया है.
अमीना ने 9 मई को एक बेटे को जन्म दिया. 14 मई को अमीना ने एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया. सभी बच्चे सामान्य प्रसव प्रक्रिया से पैदा हुआ है. सभी बच्चे सकुशल, स्वस्थ है.
अमीना की कोख में 4 बच्चे है यह बात डाक्टर्स को प्रेग्नेंसी के दो महीने बाद ही पता चल गयी थी. डाक्टर्स लगातार अमीना की निगरानी कर रहे थे. अमीना की शादी दो साल पहले परचून कारोबारी मुहम्मद आलिम से हुई थी.
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अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
▪️1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
▪️2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
▪️3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
▪️4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
▪️5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
▪️6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
▪️7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
▪️8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
▪️9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
▪️10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
▪️11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
▪️12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई-देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी,पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है।अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है।तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
सादर धन्यवाद पढ़ने के लिए !!🙏
-साभार
थानेदार ने पहले जाति पूछी,,
ब्राह्मण नाम सुनते ही थानेदार आग बबूला,
कहा *मैं ब्राह्मणों का दुश्मन हूँ*
फिर जमकर पिटाई,,
क्या भाजपा सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्राह्मण प्रोटेक्शन बिल ला सकती है।
यह जो महिला एक व्यक्ति के पैर धो रही है, वह रुपाली चव्हाणकर हैं, जो महाराष्ट्र के महिला आयोग की अध्यक्ष हैं। सवर्ण हैं।
जिसके पैर धोए जा रहे हैं, वह व्यक्ति अशोक खरात है, जो दलित है और महाराष्ट्र में इनकी गिनती शायद महारों (बाबा साहब की जाति) में होती है।
यह डिलीट साहब ज्योतिषाचार्य और स्वयंभू भगवान हैं और सेक्स स्कैंडल में पकड़े गए हैं, 58 MMS इनके मोबाइल में मिले हैं।
बोलो "अंबेडकरवाद" मुर्दाबाद।
चंद्रशेखर आजाद रावण, पहले 👇
अगर UGC हटाया गया तो हम 85% बहुजन सड़कों पर उतर कर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे
चंद्रशेखर आजाद रावण, अब 👇
मैं अधिवक्ता हूं, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करता हूं, किसी के साथ अन्याय नही होना चाहिए, सवर्ण हमारे भाई हैं
झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए
यही हैं एकता का ताकत, साथ मिलकर काम करें
गुमशुदा की तलाश।
नाम - चन्दर सेखर
काम - हर बात में जनरल ओबीसी को जिम्मेदार ठहराना।
कद - जातिवादी कीडे बराबर
रंग - नीला
वजन - पाप के घडे बराबर
जब से दिल्ली में मोहम्मद साहिल ने दलित लडकी साक्षी की निर्ममता से हत्या की है तबसे यह लापता है जिसको भी जानकारी मिलें बांस लेकर पहुंचे।
वामपंथी इतिहास का कुचक्र देखिए।
शूद्रों को ब्राह्मणों के कुँए से पानी पीने नहीं दिया जाता था।
अच्छा बताइए! ब्राह्मणों के अत्याचार काल में शूद्र कहाँ से पानी पीते थे?
और अगर उन के कुएं थे, तो उन्हें ब्राह्मणों के कुएं से पानी क्यों पीना था?
यदि कुएं नहीं थे , तो उन्होंने खोदे क्यों नहीं?
और ब्राह्मणों के कुएं किसने खोद?
यदि ब्राह्मणों ने खोदे तो, ये झूठ फैलाया गया है कि केवल दलितों से मेहनत कराई जाती थी।
और यदि दलितों ने खोदे तो भला दलितों ने अपने कुएं क्यों नहीं खोद लिए?
यदि इतना ही छुआछूत का प्रभाव था तो दलितों द्वारा खोदे कुओं से ब्राह्मण कैसे पानी पी लेते थे?
वामपंथी इतिहास की उधेड़बुन में न फंसिए। अपनी अक्ल लगाइए!
अंग्रेजों की नीति थी , फूट डालो - शासन करो।
देश का दुर्भाग्य है, हमे भाषा से लेकर शिक्षा तक उन्हीं की दी जा रही है। जाति के नाम पर वाद फैलाकर बांटने वालों से सावधान रहें, सर्तक रहें, सचेत रहें और अंग्रेजों की नाजायज औलादों वाली राजनीति से बचें।
धन्यवाद।
#Thread When NASA's Gemini 11 spacecraft took pictures of Ram Setu...
जो लोग रामायण को मिथक कहते थे, उन्हें करारा जवाब तब मिला जब 1993 में नासा ने राम सेतु की तस्वीरें जारी कीं। राम सेतु की तस्वीर नासा को 14 दिसंबर 1966 को जेमिनी-11 से अंतरिक्ष से प्राप्त हुई थी।
एक भूभाग जो श्रीलंका के उत्तर-पश्चिम दिशा में धनुषकोटी और पंबन के बीच समुद्र में 48 किमी चौड़ी पट्टी के रूप में उभरा। इस 48 किमी चौड़ी पट्टी का स्थान मिला था जिसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है।
जब नासा ने राम सेतु की तस्वीरें दुनिया के सामने रखीं, उसके 22 साल बाद, ISS 1A ने तमिलनाडु तट से दूर रामेश्वरम और जाफना द्वीपों के बीच एक पानी के नीचे के भूभाग की खोज की और तस्वीरें खींचीं। इसने अमेरिकी उपग्रह के चित्रों की पुष्टि की दिसंबर 1917 में, साइंस चैनल पर एक अमेरिकी टीवी शो "प्राचीन भूमि पुल" में, अमेरिकी पुरातत्वविदों ने वैज्ञानिक जांच के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि श्री राम की वानर सेना के निर्माण की कथा श्रीलंका के लिए पुल सच हो सकता है।
जय सिया राम🚩
"द केरला स्टोरी" फिल्म निर्देशक महोदय से मेरा नम्र निवेदन है कि यह कहानी भी केरला की ही है,
इस स्टोरी पर भी एक फिल्म बनाने का साहस करें ताकि आज के युवा पीढ़ी को पता चले कि हमारे समाज में कभी ऐसा भी होता था😌
द केरला स्टोरी से पहले द नगेली स्टोरी बनना चाहिए
गंभीर विषय है सामान्य ना लें : कुछ समय पहले किसी फिल्मी हस्ती में हिम्मत नहीं थी कि वो कश्मीर का वह सच दिखा सके जिसके कारण कश्मीर घाटी करीब करीब हिन्दू विहीन हो गयी। उतनी ही हिम्मत की जरुरत थी #TheKerelaStory को बनाने में, जिसे बखूबी कर दिखाया गया इन्हीं कुकर्म को छुपाने के लिए कभी भी बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे विषयों पर फिल्म नहीं बनती, बल्कि शाहरुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान मुस्लिम होते हुए भी हिंदू का कैरेक्टर निभाते हैं। किंतु आज तक सब नासमझ बने रहे। फ़िल्म के कुछ संवाद जैसे "हमारे मिशन के लिए लड़कियों को करीब लाओ, उन्हें खानदान से ज़ुदा करो, जिस्मानी रिश्ते बनाओ और जल्द से जल्द अगले मिशन के लिए हैंडओवर करो। ऐसे अनेक संवाद है जो आपको हिलाकर रख देंगे, लेकिन पूरी फ़िल्म की सच्चाई एक संवाद में छुपी है। जब एक लड़की दहशत गर्दों से बचकर अपने पिता से माफ़ी मांगते हुए कहती है कि "हमारे इन हालातों के जिम्मेदार आप भी है। जिन्होंने बचपन से हमें पाश्चात्य और अन्य बाहरी संस्कार दिए, कभी भी हमें अपने धर्म के बारे में नहीं सिखाया। मुझे लगता है इस फ़िल्म को केंद्र और राज्य सरकारों को लड़कियों और महिलाओं के लिए निःशुल्क कर देना चाहिए। क्योंकि ये कोई सामान्य विषय नहीं है, इसके बावजूद अगर कोई लड़की या माता पिता ना समझे तो ये उनकी परेशानी है। केरल स्टोरी की पूरी टीम को बधाई, क्योंकि सच कड़वा होता है, आप सभी सहमत हैं तो कमेंट रिट्वीट कर अपनी राय जरूर दें ..?🙏💪🚩
#TheKerelaStory
"जय श्री राम"..!..❤️ 🙏💪🚩
@abhinav_blogger विकास दिव्यकीर्ति अपने मानसिक रोग को इतिहास समझता है, चंद्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, अशोका आदि मौर्य वंश के, नंद वंश के घनानंद आदि शासक शूद्र जाति से थे। जो लगभग 2000 वर्ष पूर्व हुए, क्या वो अनपढ़ थे? क्या उन्हें ब्राह्मणों ने शिक्षा नहीं दी??
ये ईर्ष्यालु जीवी है!
विकास दिव्यकिर्ति एक वीडियो में कहते हैं, की ब्राह्मणों को 3000 वर्षो तक शिक्षा में #आरक्षण था, ओर ये 70 साल में ही बैचेन है। 🤨
लेकिन दिव्यकिर्ति ये बताना भूल गये
➡️ सोनार को सोना चांदी बेचने में आरक्षण
➡️ लोहार को लोहे उद्योग में आरक्षण
➡️ शिल्पकार को मूर्ति उद्योग में आरक्षण
➡️ बढ़ई की मिट्टी उद्योग में आरक्षण
➡️ दर्ज़ी को कपड़े उद्योग में आरक्षण
➡️ यादव को गाय, दूध दही में आरक्षण
➡️ वैश्य समुदाय व्यवसाय का आरक्षण
➡️ क्षत्रियो को राजपथ का आरक्षण
➡️ चमड़ा उद्योग में चमार भाई को आरक्षण
➡️ राजपाठ लेखन में कायस्थ को आरक्षण
➡️ पशु उद्योग में चरवाहों, मवेशियों को आरक्षण
➡️ घर निर्माण में विष्वकर्मा वर्ग को आरक्षण
➡️ बाल काटने में नाई वर्ग को आरक्षण
प्राचीन काल मे सबका कार्य बंटा था, यही व्यवस्था आज भी चल रही है। आज वकीलों ओर डॉक्टर के लिये अलग एग्जाम क्यो लिया जाता है।
क्या आप IAS ओर IFS को एक काम दे पायेंगे।
वैसे ही प्राचीन काल मे सभी वर्गों के लिये कार्य निर्धारित थे, कोई अछूत नही। कोई छोटा नही, कोई किसी से ऊंचा नही।
जो प्रशासन, राज पाठ, मंदिर, ओर व्यवसाय में आना चाहते थे, उनको द्विज माना जाता था। वे गुरुकुल में शिक्षा लेकर जनेऊ धारण करते थे।
श्रमिक वर्ग को वैदिक ओर युद्ध आदि शिक्षा की जरूरत नही थी, वो लोग अपने घर मे अपने काम से जुड़ी शिक्षा लेते थे।
सारी व्यवस्था कर्म आधारित थी, न कि जन्म आधारित। बहुत ऐसे राजा हुए, जिनके पिता राजा महाराजा नही थे।
#DrishtiIAS
जिसने राज ठाकरे को अयोध्या में नहीं घुसने दिया, उसे तुम दिल्ली घेर कर रोकोगे @hanumanbeniwal
कान में तेल डालकर सुन लो नेताजी अभी शांत हैं अगर दिमाग में तुम आ गये न तो तुम्हारे घर नागौर में घुस कर धोबिया पछाड़ दांव मारा जायेगा! नेता जी एक इशारा हो हम लोग दिल्ली की साँसे थाम देंगे!
साक्षी मालिक्ख जी 12 साल से अगर शोषण हो रहा था तो आप इतने खुश कैसे दिख रहे थे?
अगर कोई शोषण करे तो तुरंत आवाज उठाती 12 साल बाद Career बनाने के बाद नहीं
और जो इंसान पसंद नहीं उसके साथ दूर से ही साष्टांग प्रणाम रहता ऐसे खुश होके Pics नहीं लेती.. Hmm क्या पता यह आपकी pic नहीं कोई और है 🤐