मोहन भागवत का यह वीडियो सुनते हुए आप अंदाज़ लगा सकते हैं कि संघ कैसे झूठ फैलाता है।
१- 1933 में कांग्रेस का अधिवेशन जलगाँव नहीं कोलकाता में हुआ था जहाँ मालवीय जी की गिरफ़्तारी की वजह से नलिनी सेनगुप्ता ने अध्यक्षता की थी।
२- तीन रंगों वाला झंडा कांग्रेस ने 1924 में पहली बार नागपुर में फहराया। इसे स्वराज झंडा कहा गया।
३- पंडित नेहरू ने 1929 में रावी के तट पर झंडा फहराया था, पूर्ण स्वाधीनता की घोषणा की थी।
४- 1931 के कराची सेशन में पहली बार इसे कांग्रेस के आधिकारिक ध्वज का दर्जा दिया गया।
यानी जितना बोला उसमें एक शब्द भी सही नहीं है। अब यही ह्वाट्सऐप से आपके घर पहुंचेगा और इतिहास बन जाएगा।
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
भारत में OBC की आबादी मंडल कमीशन ने 52% बताई थी। बिहार सरकार के 2023 के कास्ट सर्वे में ओबीसी की आबादी 63.14% पायी गई। विशेषज्ञ, भारत में ओबीसी की आबादी 60% के आस पास मानते हैं, जिसमें मुस्लिम, सिख, ईसाई ओबीसी भी शामिल हैं।
भारत की पार्लियामेंट में भारत का कानून बनता है, उसी भारत की पार्लियामेंट में 15% आबादी का 44% प्रतिनिधित्व है, जबकि 60% आबादी वाले ओबीसी के पार्लियामेंट में केवल 22% सांसद हैं।
एक तबका लगभग तीनगुना ज्यादा रिप्रेजेंटेड है और एक तबका लगभग तीन गुना कम रिप्रेजेंटेड है।
लोकतंत्र में हर तबके के इंटरेस्ट की रक्षा होनी चाहिए, 15% की आबादी को 10% का ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन मिला है मतलब उस तबके को 64% का रिजर्वेशन है, जबकि देश में 60% आबादी वाले ओबीसी को केवल 27% रिजर्वेशन मिला हुआ है उसमें भी क्रीमी लेयर की वजह से केवल 22% सीटें ही भरी हैं।
उत्तर भारत में ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन का लाभ लेने वाली 15% आबादी में लगभग केवल 5 जातियां हैं, जबकि ओबीसी कैटेगरी में 5000 जातियां हैं, एस सी कैटेगरी में 1200 जातियां हैं, और एसटी कैटेगरी में 700 जातियां हैं।
भारत की सोशल हायरार्की में ऊपर की जातियों का भारत के हर स्ट्रक्चर में सबसे ज्यादा रिप्रेजेंटेशन है। ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान ओबीसी के लोगों का है। ओबीसी वर्ग सबसे बड़ा लूजर है।
इसी अन्याय को ध्यान में रखकर 7 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाल में शाम 6 बजे से 9 बजे तक ओबीसी कॉनक्लेव रखी गई है, जिसमें आप भारत के बुद्धिजीवियों को ओबीसी के मुद्दे पर सुन सकते हैं और उनसे संवाद कर सकते है।
कार्यक्रम में आपका स्वागत है, कृपया इस सूचना को अपने फेसबुक, व्हाट्सएप्प और एक्स सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर शेयर करें।
बिहार के सिवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
जो छात्र इसकी घातक फ़ायरिंग में घायल हुए हैं, उनके लिए पूरा देश चिंतित है।
पूरी दुनिया में फैले भारतीयों और ख़ासतौर से बिहार के मूल निवासियों के बीच इससे बेहद आक्रोश फैल गया है।
Kapil Sibal ji, your assertion indicates that you are present alongside the faculty members and students of India, who harbour apprehensions regarding their administration. In fact, the RSS and BJP prefer individuals who are neutral or do not share their ideology to remain silent. The apprehension of promotion and job insecurity has rendered faculty members mute, posing a significant threat to national progress. If educators fail to convey the truth to their students, the youth will remain uninformed, resulting in the proliferation of misinformation and falsehoods.
I appreciate your discourse on this matter; I am sincerely grateful for your remarks.
With Regards
@KapilSibal
https://t.co/ENOAEsifkb
एक बार जरूर सुने, अंदर से आपकी आत्म को झकझोर के रख देगी इसकी आवाज, मजदूरों का जीवन नारकीय है इस देश में, जबकि उन्हीं के श्रम पर सारे विकाश होंगे है इस देश के, मैं सभी जागरूक लोगों से अपील करत हूं कि वो सभी मजदूर वर्ग के लिए 8 घंटा काम, 8 घंटा परिवार के लिए और 8 घंटा उनके आराम की वकालत करें।
सभी इंशान को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है, यह इस देश नेताओं और जागरूक समाज की जिम्मेदारी है कि वो इसको पूरा करने के लिए देश में ऐसा माहौल बनाएं।
A must-hear, it encapsulates profound sentiment that reflects the authentic worries of the average Indian citizen. This individual is a treasure. All individuals are entitled to dignity; this is the essence of his discourse. The preamble of India accurately represents the essence of the nation, a fact that our political leaders often overlook, mistakenly believing they hold dominion over the citizens.
I request @RahulGandhi and @yadavakhilesh Ji to meet with this person.
🙏🏻🙏🏻🙏🏻
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
Authentic journalism ought to be acknowledged, compensated, and valued by all. Wishing you success in your sincere endeavor to show us the ground report.
@ajitanjum
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?