“शिक्षक की सैलरी बहुत ज्यादा है, 8 घंटे स्कूल में नहीं रहते, 6 घंटे पढ़ाते हैं और छुट्टियाँ भी बहुत हैं…”
😂
भाई साहब, अगर शिक्षक की नौकरी इतनी ही आसान है तो अगली भर्ती ��ें आप भी फॉर्म भर देना… लेकिन पहले उसकी तैयारी करके दिखाना। 😄
शिक्षक बनने के लिए सालों पढ़ाई करनी पड़ती है, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती है, चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और नौकरी लगने के बाद भी पढ़ाई खत्म नहीं होती।
और स्कूल के उन “6 घंटों” में सिर्फ किताब खोलकर पढ़ाना नहीं होता—
बच्चों को पढ़ाना, उनकी कॉपियाँ जाँचना, परीक्षा और मूल्यांकन, रिकॉर्ड तैयार करना, ऑनलाइन काम, स��कारी योजनाओं की जिम्मेदारी, विभागीय रिपोर्ट, मीटिंग, प्रशिक्षण, अभिभावकों से संपर्क, स्कूल की गतिविधियाँ और न जाने कितने ऐसे काम होते हैं जो बाहर से दिखाई ही नहीं देते।
मजेदार बात ये है कि जब बच्चे अच्छे नंबर लाएँ तो श्रेय ट्यूशन को, बच्चे बिगड़ें तो जिम्मेदारी शिक्षक की, सरकारी स्कूल में बच्चा पढ़े तो शिक्षक कम काम करता है और निजी स्कूल में फीस जाए तो शिक्षा शानदार! 😂
रविवार और सरकारी छुट्टियाँ शिक्षक ने अपने घर से घोषित नहीं की हैं।
जिस व्यवस्था में बाकी कर्मचारियों को अवकाश मिलता है, उसी व्यवस्था में शिक्षक भी कर्मचारी है।
और हाँ…
शिक्षक की सैलरी देखकर हिसाब लगाने से पहले शिक्षक बनने की कीमत—मेहनत, योग्यता, परीक्षा, जिम��मेदारी और मानसिक दबाव—का भी हिसाब लगा लीजिए।
क्योंकि बाहर से देखने पर हर नौकरी आसान लगती है,
मुश्किल तब समझ आती है जब खुद जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। 🙏
और अगर फिर भी लगता है कि शिक्षक की नौकरी “बहुत आराम की” है…
तो अगली भर्ती में स्वागत है।
कुर्सी वही होगी, छुट्टियाँ वही होंगी… बस जिम्मेदारी भी आपकी है
सवाल:-
आज की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक कार्य के बारे में आपके क्या विचार है
सरकार ने जीमण किया सब ने खूब चटकारे मार मार कर खा लिया हम मुंह ताकते रहे सरकार हमें ही सौतेला क्यों मानती है हम भी राज्य सरकार के ही हैं फिर हमारे साथ अन्याय और भेदभाव क्यों ???? #तृतीयश्रेणीशिक्षक
कहीं राजस्थान में भी जंतर-मंतर जैसे हालात न बन जाएं… सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आंदोलन को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।
तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से अपनी जायज़ ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। अब हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय संवेदनहीन भाजपा सरकार आवाज़ दबाने में लगी है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक बंद कर दीं गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमारी मांग है कि सरकार को गंभीरता के साथ तुरंत शिक्षकों के ��्रतिनिधियों से वार्ता कर इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए। अगर समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की हठधर्मिता पर होगी।
@BhajanlalBjp @RajCMO
इतना समय तो संविधान बनने में लगा इतना पॉलिसी में लगा रहे हो हमें पता है आप बेवकूफ बना रहे हो जब शिक्षक वरिष्ठता त्यागने को तैया��� है अपने परिवार को चुनने को तैयार है तो क्या आप यह सोचते हो कि उसका परिवार आपको वोट दे देगा अपने 100 दिन में पॉलिसी बनाने का वादा किया था
सरकार बिल्कुल हल्के में नहीं ले नीम के पत्थर हम तैयार करते हैं पूरी शिक्षा व्यवस्था डगमगा जाएगी अगर तृतीय श्रेणी अध्यापकों को अपने डिप्रेशन में रखा तो आपके सेकंड ग्रेड फर्स्ट ग्रेड तब पढ़ाएंगे जब बच्चों को हम तैयार करके भेजेंगे और हमें आप प्रताड़ित करोगे आप सोचते हो ��ीम के पत्थर
जनगणना करनी है थर्ड ग्रेड
BLO बनाना है थर्ड ग्रेड
SIR करनी है थर्ड ग्रेड
सरकार की कोई योजना का प्रचार करना है थर्ड ग्रेड
E ग्राम विकास प्रभारी बनाना है थर्ड ग्रेड
लेकिन ट्रांसफर करने है तब इनको थर्ड ग्रेड याद नहीं आता? @madandilawar
विधायक शिव 🔱 , श्री रविन्द्र सिंह भाटी - #ट्रांसफर करने की मांग कि सरकार से। धन्यवाद @RavindraBhati__ 🙏👍
तृतीय श्रेणी कैडर शिक्षकों के सालों पहले हुए थे स्थानांतरण, तत्पश्चात शेष कई वर्गों के हो चुके हैं लेकिन एक बार फिर तृतीय श्रेणी को रखा शेष! ये अन्याय नहीं तो क्या है?
एक ही विभाग में समानता का व्यवहार क्यों नहीं!
#ना_डीपीसी_ना_ट्रांसफर🥺
"बरसों से दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे थर्ड ग���रेड शिक्षकों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों? परदेशी शिक्षक मोर्चा की एक ही मांग है कि हमारा वनवास खत्म किया जाए और हमें गृह जिला दिया जाए।#ThirdGradeTransferHaq #PardesiShikshakMorcha"
@BhajanlalBjp जी @madandilawar जी @RajCMO सरकार हद्धार्मिता छोड़ें तृतीय श्रेणी शिक्षकों को भी अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए हमारी आवाज सुने और तुरंत तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण खोले जाएं हमारा भी परिवार हमारा बरसों से इंतजार कर रहा है महोदय
व��धायक महोदय ने हमारे समर्थन में लेटर लिखा उनका तहे दिल से शुक्रिया एवं राजस्थान के सभी विधायक महोदय से निवेदन है कि हमारे समर्थन में उतरे और मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी को हमारी मांग रखें थर्ड ग्रेड शिक्षक भी इंसान होते हैं उनका भी परिवार होता है हमारे साथ भी न्याय हो
हम भी इंसान हैं परंतु सरकारें हमें भूत समझती हैं
थर्ड ग्रेड शिक्षकों को यह मदहोश अछूत समझती हैं
औरों के करते हो ट्रांसफर आप लोग बार-बार
और हम हमारा हक मांगते हैं तो हमको बेवकूफ समझती हैं @BhajanlalBjp@madandilawar@RajCMO हमारी भी पीड़ा समझो सरकार
मेरा प्रदेश सरकार से आग्रह है तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करें कोई भी कार्य हो इन्हीं से करवाते है फिर भी इन्हीं के साथ ये दोहरा मापदंड क्यों सभी विभागों के कर्मचारी अधिकारियों के ट्रांसफर होते है तो फिर lll श्रेणी शिक्षक��ं का क्यों नहीं?
@RajCMO
@madandilawar
@BhajanlalBjp
टाट-पट्टी से लेकर डिजिटल क्लास
तक का सफर कराया है, सरकारी शिक्षक ने हर विपरीत परिस्थि���ि में
पढ़ाना सिखाया है।चुनावी ड्यूटी हो या जनगणना, हर फर्ज उन्होंने हंसकर निभाया है,देश के भविष्य को गढ़ने में,
उन्होंने अपना पूरा जीवन लगाया है। ट्रांसफर के नाम पर
अपने आप को ठगासा पाया है
अब तो सुन लो भजन लाल सरकार रहम करो थर्ड ग्रेड शिक्षकों के ऊपर
आप तो गिर्राज महाराज के अनन्य भक्त हो ।
हम थर्ड ग्रेड वालो को मुराद पूरी कर दो माननीय मुख्यमंत्री @Bhajanlalofc जी
@DrRanjeetMeena