#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
Na mera janm, na garbh basera, baalak ban dikhlaya. Kashi nagar jal kamal par dera tahaan julahe ne paaya.
2Days Left Kabir Prakat Diwas
#GodMorningSunday
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में सहशरीर प्रकट हुए थे
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#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
600 साल पुराना रहस्य आज भी काशी की धरती गवाह है कबीर साहेब वहां अविनाशी परमात्मा है जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें संत रामपाल जी महाराज युटुब चैनल पर
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#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
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संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया हैं कि
जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं हैं वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता है, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा है, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
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अजन्मा परमेश्वर, जन्म-मृत्यु से परे कबीर साहेब
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा
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600 साल पुराना रहस्य आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं।
बंदीघोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 629 वां कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस
29 जून 2026कोमनाया जा रहा
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
"कबीर साहेब प्रकट दिवस" वह पावन दिन है,जब सर्व ब्रह्मांडो के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर,भटकती हुई जीवात्माओ को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
पांच तत्त्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।
जीव उदारन तुम को तारन, सीधा जग में आया।।
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
♦️ जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
पांच तत्त्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।
जीव उदारन तुम को तारन, सीधा जग में आया।।
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#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ।
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वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ।
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#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते।
वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे।
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ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
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600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ पूर्णिमा
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ पूर्णिमा को सशरीर प्रकट हुए
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