Message from Sonam :
20th JULY
आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत
Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)
India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success
Sent through Gitanjali
from my illegal detention at Safdarjung
राजस्थान पुलिस के कुछ अफसरों की हठधर्मिता और दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के चलते मेरी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिसकर्मी को आज मैने रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है ।
यह निर्णय केवल मेरी सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। बिना पुलिस कप्तान वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों तथा रिजर्व पुलिस लाइन, नागौर के जिम्मेदार कार्मिकों द्वारा जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाना न केवल मेरी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी संभावित अप्रिय घटना अथवा पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य संबंधी संकट की स्थिति में मुझे अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराकर मेरी सार्वजनिक छवि एवं प्रतिष्ठा को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।
मैंने विस्तृत रूप से केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत करवाया है |
@HMOIndia@RajCMO@PoliceRajasthan
आपने नितिन जी के बारे में जानकारी दी, इसके लिए शुक्रिया।
प्रधानमंत्री जी, पूरा देश जानना चाहता है की श्री राम मंदिर में हुई चोरी, ज़मीन घोटाले और निर्माण में कमीशन खोरी करने वालों को क्यो बचाया जा रहा है। उन्हें सख़्त सज़ा कब मिलेगी?
बाड़मेर जिले के क्रूड ऑयल दोहन क्षेत्र में केयर्न वेदांता कंपनी की पाइपलाइन से बार-बार हो रहा क्रूड ऑयल रिसाव गंभीर लापरवाही को उजागर करता हैं। भाग्यम वेलपैड-12 के पास कई घंटों तक रिसाव होने के कारण हजारों लीटर कच्चा तेल किसानों के खेतों में फैल गया, जिससे आसपास के बड़े क्षेत्र की कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी, देश आज ऊर्जा सुरक्षा और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में पाइपलाइन से बहकर हजारों लीटर अथवा बड़ी मात्रा में मूल्यवान क्रूड ऑयल का नष्ट होना राष्ट्रीय संपदा व संसाधनों की गंभीर बर्बादी है। यह आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ परिचालन सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न है।
क्रूड ऑयल क्षेत्र के क्षेत्रवासी कंपनी की मनमानी के चलते भयंकर रूप पर्यावरण प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। कंपनी की लापरवाही से बार-बार होने वाले क्रूड ऑयल पाइपलाइन रिसाव तथा तेल और गैस के दोहन के दौरान किए जाने वाले विस्फोटों के कारण आसपास की आवासीय ढाणियों, जलाशयों, टांकों तथा सार्वजनिक भवनों में दरारें पड़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसके साथ ही रासायनिक अपशिष्ट एवं दूषित पानी के भूमि में समाहित होने से कृषि कुओं का जल प्रदूषित हो रहा है, जिससे खेत बंजर होने की कगार पर पहुँच रहे हैं। यह केवल किसानों की आजीविका का संकट नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, भूजल सुरक्षा और राष्ट्रीय ऊर्जा संसाधनों की रक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
क्रूड ऑयल में मौजूद रासायनिक तत्व मिट्टी की उर्वरता, भूजल, कृषि उत्पादन तथा मानव एवं पशु स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन दुष्प्रभाव डाल सकते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रत्येक घटना के बाद भी समय पर रिसाव को नियंत्रित नहीं किया जा रहा, जिससे कंपनी और संबंधित प्रशासन की कार्यप्रणाली तथा जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
किसानों की भूमि, पर्यावरणीय संसाधनों, भूजल, जैव विविधता तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। औद्योगिक विकास तभी सार्थक है, जब वह पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, सुरक्षा मानकों तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों के अनुरूप संचालित हो। किसानों की जमीन, पर्यावरण और राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
सरकार से माँग है कि रिसाव को तत्काल बंद कराया जाए, प्रभावित भूमि, मिट्टी और भूजल की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराई जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। किसानों को हुए नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए, प्रदूषित भूमि के वैज्ञानिक पुनर्स्थापन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लापरवाह कंपनी को अनियमितताओं व सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन हेतु पाबंद व निर्देशित किया जाए।
@PMOIndia@PetroleumMin@HardeepSPuri@BhajanlalBjp@RajCMO@RajGovOfficial@MoEnvironment@RSPCB@CPCB
नागौर जिले के रियां उपखंड में मानसून के बावजूद नदी क्षेत्र से जिम्मेदारों के संरक्षण में रात भर बजरी का खनन जारी है। रातभर ओवरलोड वाहनों से बजरी का अवैध परिवहन होता है। सरकार अवैध खनन और अवैध परिवहन पर "जीरो टॉलरेंस" की बात करती है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है।
एमई नागौर, एएमई गोटन तथा पुलिस व अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से लीज की आड़ में अवैध खनन और अवैध परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। बजरी माफिया खुलेआम कहते फिरते हैं कि "सरकारी तंत्र में बैठे लोगों की मेहरबानी से काम कर रहे हैं और चौथ वसूली का हिस्सा ऊपर तक जाता है।"
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से जानना चाहता हूं कि यह "ऊपर तक" कौन है जिसका जिक्र बजरी माफिया करते है ? जनता यह भी जानना चाहती है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है?
एक तरफ बजरी माफियाओं द्वारा दर्ज कराए गए झूठे मुकदमों में आज भी नागौर पुलिस ने 6 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी तरफ उन्हीं ग्रामीणों द्वारा बजरी माफियाओं के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों पर पुलिस चुप क्यों है?
आखिरकार ऐसे बजरी माफियाओं और उनके संरक्षकों पर कार्रवाई कब होगी?
राजस्थान की जनता जानना चाहती है कि सरकार का "जीरो टॉलरेंस" केवल भाषणों तक सीमित है या फिर बजरी के अवैध खनन पर वास्तव में कार्रवाई भी होगी ?
@RajCMO@PoliceRajasthan@IgpAjmer
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा हुआ है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक- महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में संगठित रूप से चढ़ावा चोरी को अंजाम दिया गया।
👉जब महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या 10 से 12 गुना तक बढ़ गई तो चढ़ावे की गिनती के लिए ट्रस्ट की सिफारिश पर एक्स्ट्रा स्टाफ जोड़ा गया
👉इस एक्स्ट्रा स्टाफ में कौन से लोग शामिल होंगे, ये ट्रस्ट ने ही तय किया था
👉एजेंसी का कहना है कि एक्स्ट्रा स्टाफ में शामिल लोगों ने कभी बैंकिंग, कैश काउंटिंग का काम नहीं किया था। ये पहले हाउसकीपिंग का काम करते थे
एजेंसी के मुताबिक- वे अपनी मर्जी से लोगों को नहीं चुन सकते थे। उन्हें आदेश था कि बेसिक वेरिफिकेशन कर लोगों को चढ़ावा गिनने के काम पर लगा दिया जाए।
साफ है: BJP-RSS ने पूरी प्लानिंग के साथ इस लूट को अंजाम दिया और ऐसा कर करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
सवाल है:
• नरेंद्र मोदी इस चढ़ावा चोरी पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे?
• 'डकैती' के बाद भी ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया जा रहा है?
• चंपत राय समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
• क्या मोदी सरकार इस लूट के गुनहगारों को बचाने में लगी है?
जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को गुमराह किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकसभा में 1 अगस्त 2024 को केन्द्र सरकार ने लिखित में माना कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8% काम पूरा हो चुका था। दिसंबर 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी जिसके दौरान इतना काम हुआ था।
ढाई साल में बारिश में टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं कर पाने वाली राजस्थान की भाजपा सरकार ने क्या जादू करके 6 महीने में 80% रिफाइनरी बना दी?
केन्द्र सरकार ने तो मार्च 2025 में काम पूरा करने का संसद में वादा किया पर आज इसके सवा साल बाद काम पूरा हुआ यानी डबल इंजन में भी रफ्तार धीमी रही।
सच्चाई यह है कि कोविड जैसी भीषण महामारी, लॉकडाउन और लेबर की भारी किल्लत के बावजूद हमारी सरकार ने एक दिन भी काम रुकने नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने काम ठप का रहने का बयान देकर रात-दिन पसीना बहाने वाले हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की मेहनत का घोर अपमान किया है।
राजनीतिक श्रेय लेने की भूख में सरकारी मंचों को झूठ का अड्डा बनाना और देश के प्रधानमंत्री का इस तरह गुमराह कर उनसे गलत बयान दिलवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है।
जनता सब देख रही है। @PMOIndia
मानसून अवधि में नदी क्षेत्र में बजरी खनन गतिविधियाँ सामान्यतः बंद रहती हैं तथा पर्यावरणीय शर्तों व एनजीटी के निर्देशों के अनुसार प्रतिबंधित भी होती हैं इसके बावजूद नागौर जिले के रियां उपखंड क्षेत्र से लगातार नदी क्षेत्र में बजरी खनन किया जा रहा है। साथ ही, लीज की आड़ में लीज क्षेत्र से बाहर भी बजरी माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूँ कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने इस क्षेत्र में बजरी माफियाओं के विरुद्ध बड़ा आंदोलन किया था। सीएमओ के निर्देशों के बाद कलक्टर व SP सहित आला अधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौता हुआ था। आपकी सरकार ने उस समझौते की पालना सुनिश्चित नहीं कि मगर आंदोलन करने वाले जन-प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों को झूठे मामले में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया |
क्या यही भाजपा सरकार का सुशासन है ?
आज प्रधानमंत्री जी ने खेजड़ी की महता को बताते हुए भाषण दिया, दूसरी तरफ इन माफियाओं ने खेजड़ी सहित कई प्रकार के हजारों वृक्षों को उजाड़ दिया ,एक तरफ न्यायालय समय-समय पर अवैध बजरी खनन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नागौर जिले में थांवला एवं पादूकलां थाना क्षेत्रों, डेगाना वृत्त तथा संबंधित पुलिस एवं खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही है ,वृता अधिकारी डेगाना,SHO थांवला व SHO पादू कला ,उपखंड अधिकारी मेड़ता व उपखंड अधिकारी रियां बड़ी ,ME नागौर व AME गोटन द्वारा अवैध बजरी खनन, ओवरलोड वाहनों के संचालन तथा कथित भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। बिना पुलिस कप्तान वाले नागौर जिलें में पुलिस फोर्स का जिम्मा संभाल रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लाखों रूपये बजरी माफियाओं से मंथली ले रहे है ,क्या राजस्थान सरकार ऐसे भ्रष्ट अधिकारीयों पर कार्यवाही कर अवैध बजरी खनन बंद करवाएगी ?
यदि सरकार ने समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए पुनः बड़ा आंदोलन करेगी |
आज इस मामले को लेकर मेड़ता व डेगाना विधानसभा क्षेत्र के जन- प्रतिनिधियों ने मुझसे मुलाकात भी की | रात्रि में बजरी का खनन नदी क्षेत्र में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है बावजूद इसके सत्ता के संरक्षण में खनन किया जा रहा है,पुलिस चौकियां मूक दर्शक बनी हुई है |
जून माह में रात्रि में हो रहे बजरी के अवैध खनन का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सरकार के संज्ञान हेतु साझा कर रहा हूं |
@PMOIndia@RajCMO@RajGovOfficial@PoliceRajasthan@IgpAjmer
What is causing the delay in the Tier 2 results for the EMRS recruitment 2025, given that it has been over a month since the answer key was released? Please release the results on time to provide relief to the successful candidates. @NESTSHQ@cbseindia29@TribalAffairsIn
@dineshbohrabmr रील के चक्कर में और एक दिन के लिए पशु को परेशान करने के लिए क्यों फालतू में वाहवाही लूट रहे हो यार
अब 90s का जमाना नहीं है 80% लोग पढ़े लिखें है सब जानते है कि ईंधन बचा रहे है या टाइम पास के लिए रील बना रहे है 😏 भारत के नेताओं में भी यह संदेश देना पड़ेगा कि अब जनता जागरूक है
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।
राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।
मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।