“ये सोचकर कि दरख़्तों में छाँव होती है,
यहाँ बबूल के साए में आ के ब��ठ गए…”
देश के करोड़ों छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था को अपने सपनों की छाँव समझा था, लेकिन आज वही व्यवस्था उनके लिए बबूल और काँटे बन चुकी है। देश में 21 छात्रों की आत्महत्या इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अब ICU में पहुँच चुकी है।
यह सरकार समस्या का समाधान नहीं करती, बल्कि उस पर पर्दा डालने का काम करती है।
👉कोरोना आया तो थाली बजाओ।
👉महंगाई बढ़ी तो कम खाओ।
👉बेरोजगारी बढ़ी तो पकौड़े तलो।
👉पेट्रोल महंगा हुआ तो साइकिल चलाओ।
👉रुपया गिरे तो विदेश मत जाओ।
👉विदेश नीति विफल तो सोना मत खरीदो
बीमारी कहीं और है, लेकिन सरकार इलाज कहीं और ढूंढ रही है। जब छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा, सस्ती शिक्षा और सुरक्षित भविष्य चाहिए, तब उन्हें मिल रहे हैं पेपर लीक, रद्द होती परीक्षाएँ, बढ़ती फीस और अंतहीन तनाव। शिक्षा अब अधिकार नहीं, व्यापार बन चुकी है और ‘NEET, Cheat and Repeat’ इस व्यवस्था की पहचान बन गया है।
जिस संस्था का नाम National Testing Agency है, वह आज देश के करोड़ों छात्रों के लिए National Tension Agency बन चुकी है।
जब सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा ही नहीं होगी, तो देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित कैसे होगा? कलम थामने वाले हाथों को कफ़न तक पहुँचाने वाली इस व्यवस्था को बदलना ही होगा।
#ChhatronKiGoonj
📍 प्रेस वार्ता, जम्मू
जम्मू-कश्मीर प्रवास के दौरान माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सुरिंदर कुमार चौधरी जी से शिष्टाचार भेंट हुई।
इस दौरान प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य, संगठनात्मक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
📍 जम्मू-कश्मीर
आज ऊधमपुर में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद एवं सहभागिता रही।
नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी द्वारा शुरू की गई यह पहल देशभर के युवाओं की आवाज़ को एक मंच देने और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस सफल कार्यक्रम का उत्कृष्ट आयोजन ऊधमपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्री सुमित मंगोत्रा जी द्वारा किया गया एवं इस अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलबीर सिंह जी सहित कांग्रेस परिवार के अनेक वरिष्ठ साथी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
📍 ऊधमपुर, जम्मू-कश्मीर
आदरणीय श्री @RahulGandhi जी ने कोटा में बिल्कुल सही कहा कि आज का सिस्टम Selection का नहीं, Rejection का सिस्टम बन चुका है।
पिछले दस वर्षों में 90 पेपर लीक हुए...
90 बार युवाओं के भविष��य की हत्या हुई...
90 बार मेहनत पर प्रहार हुआ...
90 बार उम्मीदों का कत्ल हुआ...
लेकिन एक भी बड़ा अधिकारी जेल नहीं गया। एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। उल्टा कल मोदीजी शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी के तारी�� में कसीदे पढ़ कर जन्मदिन की बधाई दे रहे थे।
📍प्रेस वार्ता
राजीव भवन, जम्मू
Seeds are more than an agricultural input. They are the foundation of India's food sovereignty.
As the Draft Seeds Bill redraws the rules of seed governance - the questions of farmer autonomy, corporate concentration, and food sovereignty, deserve far greater attention.
I write ✍️ @DeccanHerald
मज़दूरों को बिना मजदूरी काम करवाना, उन पर अमानवीय अत्याचार करना और उनकी गरिमा को कुचल देना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुज़फ्फरनगर की घटना केवल बंधुआ मजदूरी का मामला नहीं है, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाला अपराध है।
��ोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए और पीड़ितों को न्याय, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
Father’s Day पर मन बार-बार उन स्मृतियों में लौट जाता है, जहाँ पिताजी का स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनका विश्वास हर कदम पर साथ दिखाई देता है।
जीवन में कुछ रिक्त स्थान कभी नहीं भरते। पिता का साया ���ी ऐसा ही होता है। समय बीत जाता है, लेकिन कुछ यादें और कुछ सीखें जीवन भर साथ रहती हैं। आज भी जब पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो आपकी मुस्कुराहट, आपका स्नेह, आपका आत्मविश्वास और लोगों के प्रति आपका अपनापन स्मृतियों में उतना ही जीवंत है।
कई बार मन करता है कि एक बार फिर आपकी सलाह सुन सकूँ, आपका मार्गदर्शन पा सकूँ, लेकिन फिर लगता है कि आपने जो संस्कार दिए हैं, वही आज भी हर कदम पर मेरा हाथ थामे ह��ए हैं।🙏🏻❤️
#FathersDay
📍 AICC कार्यालय, नई दिल्ली
आज कांग्रेस मुख्यालय में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई दीं।
कल “छात्रों की गूंज” में हजारों छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अपने सवाल मजबूती से रखे। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि युवाओं के अधिकारों की लड़ाई का एक नया अध्याय था।
लेकिन यह सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा से उठी यह आवाज़ अब देश के हर शहर, हर कस्बे और हर छात्र तक पहुंचेगी।
आप भी अपनी आवाज़ जोड़िए, सुझाव भेजिए और Petition पर हस्ताक्षर कर इस अभियान का हिस्सा बनिए।
#ChhatronKiGoonj
@DivyaMaderna@DivyaMaderna जी ने अपने लेख में बहुत ही सरल शब्दों में समझाया है कि व्यापार और वित्त कभी भी निष्पक्ष नहीं होते, बल्कि ये बड़े देशों के प्रभाव बढ़ाने के रणनीतिक हथियार होते हैं। दिव्या जी का यह आर्थिक विश्लेषण पढ़ने लायक है। @scroll_in@TheQuint
@DivyaMaderna "अमेरिका खुद को दुनिया का रेफरी समझता है, लेकिन वह खुद सबसे बड़ा खिलाड़ी है जो दूसरों से बाज़ार खोलने की मांग करता है और अपने बाज़ार बंद रखता है।" @DivyaMaderna जी ने अपने नए आर्टिकल में अमेरिका के इस दोहरे रवैये को बखूबी उजागर किया है। @ThePrintIndia@BDUTT
INDIA गठबंधन की बैठक में सभी दलों ने 5 बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई है��� हम इन मुद्दों पर डटकर काम करेंगे 👇🏼
1. ये सहमति बनी कि SIR और मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनाव की निष्पक्षता के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजा जाए��ा।
ये पत्र उन्हें शीघ्र ही सौंपा जाएगा।
2. लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए ये सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
ऐसा इसलिए क्योंकि उनके कार्यकाल में NEET और CBSE परीक्षाओं में लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है। नतीजा है कि आज लाखों युवा सड़कों पर खड़े हैं।
3. वर्तमान में बढ़ती गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ���ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार और किसानों के मुद्दों को हम उठाते रहेंगे।
केंद्र सरकार को जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें हम इन सारे मुद्दों को उनके सामने रखेंगे।
4. INDIA गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। हमारी अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।
5. मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और हर सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
- कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी
📍 दिल्ली
औसियां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बाना का बास की भादुओ एवं बाना बिश्नोइयों की ढाणियों में पिछले दिनों आए तेज अंधड़ के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
बीते कई दिनों से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन कामों ��ो बिजली विभाग को करना चाहिए, उन���हें ग्रामीण अपने निजी खर्च और जोखिम पर करने को मजबूर हैं जिसके कारण किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सवाल यह भी है कि जब समस्या की जानकारी विभाग को है, तो अब तक समाधान क्यों नहीं हुआ? आखिर ग्रामीणों को अपने हाल पर छोड़कर बिजली विभाग अपनी जिम्मेदारी से कब तक बचता रहेगा?
औसियां विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामन��� आ रही हैं। विभाग को तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करवानी चाहिए तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
ओसियां विधानसभा क्षेत्र के गोपासरिया गांव में जो कुछ हो रहा है, वह प्रशासन की कार्यशैली, सत्ता के दुरुपयोग और आम नागरिकों के साथ किए जा रहे व्यवह���र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिस ट्रांसफार्मर (ढोलकी) को लेकर पूरा विवाद खड़ा किया गया, वह वर्ष 2013 से वहीं स्थापित था और किसानों की बिजली आपूर्ति की जीवनरेखा रही है।
हाल ही में आए अंधड़ से बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा इस समस्या का समाधान करने के बजाय ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश की गई और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके खिलाफ ���ुकदमे दर्ज कर दिए गए। किसानों पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, मानो वे कोई अपराध��� हों।
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनहित के मुद्दों को लगातार उठाने वाले राकेश गोदारा पर भी FIR दर्ज कर दी गई। यदि जनता की समस्याओं को सामने रखना और आवाज़ उठाना ही अपराध बना दिया जाएगा, तो फिर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का अर्थ क्या रह जाएगा? क्या सवाल पूछना और सच सामने लाना प्रशासन को इतना असहज कर रहा है?
यह पूरा घटनाक्रम यह संकेत देता है कि ओसियां में समस्याओं का स��ाधान कम और आवाज़ उठाने वालों को दबाने का प्रयास अधिक हो रहा है। किसानों पर मुकदमे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर FIR और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर यह किस प्रकार का शासन है?
लोकतंत्र में सत्ता का काम संवाद करना होता है, दमन करना नहीं। ओसियां में जिस प्रकार की कार्यवाही सामने आ रही है, वह बेहद निंदनीय है। निर्दोष किसानों और राकेश गोदारा के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण ��ो कार्रवाई की गई है, उसे वापस लिया जाना चाहिए और किसानों की मूल समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
ओसियां विधानसभा क्षेत्र में किसानों के घर पुलिस भेज कर जो व्यवहार कर रहा है यह प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े ���रता हैं।
आज ग्राम पंचायत गोपासरिया में राजनीतिक द्वेष की भावना से विद्युत विभाग के कर्मचारी पुलिस बल के साथ एक किसान के खेत से ट्रांसफार्मर (ढोलकी) हटाने पहुँचे। ओसियां में इस प्रकार की यह दूसरी घटना है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिजली जैसी मूलभूत ��वश्यकता से जुड़े मामलों में सौतेला व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया अथवा राजनीतिक द्वेष की भावना से किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करे, न कि आम नागरिकों और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।
ओसियां क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे किसान औ�� आमजन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि समस्या का समाधान करने के बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी किसानों की समस्याओं का निराकरण करना है, वही यदि किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाएं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
किसानों का अनावश्यक उत्पीड़न और उ��के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लग�� भीषण आग में कई लोगों की मृत्यु एवं अनेक लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है।
यह हादसा कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें, शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें तथा हादसे में घायल हुए सभी लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।🙏