जिन्होंने भगवान के पैसे चुरा कर भगवान तक को धोखा दिया हो, वो भाजपाई धरती पर भगवान के रूप डॉक्टरों को भला क्या छोड़ेंगे।
भाजपा पैसों को छोड़कर किसी की सगी नहीं है।
दूध, सब्जी और blinkit वालों क़ो दिल्ली पुलिस रोक रही थी,
तो दिल्ली पुलिस क़ो ठीक से समझा दिया घोसी के सांसद @RajeevRai ने,
अंकल का लड़का होता तो कान पकड़कर माफ़ी मांग रहा होता,
कितना भयानक नज़ारा है यह!
RSS-BJP कितनी चालाकी और धूर्तता से काम कर रही है?
सिर्फ़ इतना ही नहीं कि संघी गुंडे बिना नेमप्लेट के पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता कर रहे हैं, बल्कि उनमें से कुछ ऐसे कपड़े भी पहन रहे हैं, जिन्हें ख़ास तौर पर ‘मुस्लिम पहचान’ से जोड़कर देखा जाता है, ताकि पूरे आंदोलन को सांप्रदायिक रंग दिया जा सके।
वही ‘सनातनी मुसलमान’ हिंदू रक्षा दल के गुंडों का समर्थन करते हुए भी देखा गया, जब वे प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रहे थे। उसने गुंडों और लाठियों से भरी गाड़ी को भी आड़ दी — वह मुसलमान नहीं है।
भारत के लोगों को इस पैटर्न को समझना होगा: RSS-BJP और उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार मुसलमानों को बलि का बकरा बनाया गया है, जबकि असल राजनीतिक मक़सद हिंदुओं के वोट, जनादेश और उनकी चुनी हुई सरकारों को चुराना है।
RSS-BJP का मक़सद सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना और उसका इस्तेमाल करके राजनीतिक सत्ता हासिल करना है।
पवन का झोंका आएगा
अंहकार सब उड़ जाएगा
अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफ़ी है। चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी।
पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
'महिला पुलिस तो मेल पुलिस से भी ज़्यादा खतरनाक है क्योंकि उन्हें बोला गया है कि महिलाओं के साथ आप कुछ भी कर सकते हो '
'एक महिला पुलिस ने मुझे मारा तो मैंने भी पलटकर मारा '
' एक महिला पुलिस ने अपने बैज से मेरे हाथों को जख्मी कर दिया '
राहुल और प्रियंका समेत सांसदों के साथ पुलिस की बदसलूकी और ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई पर
@MahuaMoitra के साथ मेरी बातचीत
मेरे यूट्यूब चैनल पर
अकबर, बाबर, हुमायूँ, शाहजहां, गाजी, मस्जिद, पाकिस्तान, औरंगजेब इत्यादि का नाम 24 घंटे बस यही सब सोचते हैं?
दिमाग है या कचरे का डब्बा?
भोगी जी का अब्बा टब्बा चब्बा?
गौर से देखिए ‘पीडीए समाज’ का होने के नाते ही मुख्यमंत्री जी भाजपा के अपने ही उप मुख्यमंत्री जी का अपमान कर रहे हैं। आज उप मुख्यमंत्री जी को किसी तरह ‘स्टूल’ की जगह कुर्सी पर तो बैठा दिया गया लेकिन हाथ उठाने की इजाज़त नहीं दी गई।
पीडीए समाज पूछ रहा है कि मुख्यमंत्री जी को ये एतराज़ किसी और के हाथ उठाने पर क्यों नहीं हुआ? हाथ से हाथ गिराने का ये कुकृत्य जानबूझकर सरेआम किसी को बेइज़्ज़त करना है। दरअसल मुख्यमंत्री जी जानते थे कि वीडियो बन रहा है और दुनिया देखेगी, इसीलिए ऐसा किया गया। दरअसल वो अपने ‘5 सेकेंड’ के धमकी भरे वीडियो में जो कह रहे थे कि ‘देखिएगा पीडीए का क्या हाल होगा’, ये उसी का उदाहरण है।
पीडीए का ऐलान, पीडीए है सावधान!!!
बस्ती में आयोजित किये गये, इस अभूतपूर्व ‘पीडीए मार्च’ को देखकर पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के होश उड़ गये होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने अपने ‘5 सेकंड के वीडियो’ में अपने चिरपरिचित धमकी भरे अंदाज़ में ख़ुद स्वीकार कर लिया है कि उनके राज में ‘पीडीए समाज’ का उत्पीड़न रुकनेवाला नहीं है बल्कि बढ़नेवाला है। वो ऐसे कह रहे हैं जैसे कि वो ‘पीडीए समाज’ से कोई बदला लेनेवाले हैं और ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ व ‘पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक-आधी आबादी-आदिवासी’ के ख़िलाफ़ उनका व्यक्तिगत व्यवहार व भाजपा सरकार का अत्याचार, अन्याय और अधिक बढ़नेवाला है।
अब ‘पीडीए समाज’ जाग गया है और वर्चस्ववादियों की इन गीदड़ भभकियों से डरनेवाला नहीं है। जैसे 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘पीडीए समाज’ ने इन अहंकारी प्रभुत्ववादियों को धूल चटाई थी वैसे ही 2027 के विधानसभा चुनाव में भी होगा। 2027 में ये भाजपाई अपने ‘घमंड का दंड’ पाएंगे और हमेशा के लिए चले जाएंगे और फिर कभी नहीं आएंगे। पीडीए समाज ने ठान लिया है कि इस बार वो अपनी सरकार बनाएंगे। कोई और अब ‘पीडीए समाज’ का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े ब्राम्हण नेता और अयोध्या के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री @pawanpandeysp ने अयोध्या में भागवत कथा करवा रहे हैँ,
और आज उन्होंने पचास हज़ार लोगों के साथ कलश यात्रा निकाल दी,
अयोध्या से इस बार दस हज़ार वोट से जीतकर विधायक बन रहे हैँ पवन पांडे,
ये 'टेक्नोलॉजी' बाहर नहीं जानी चाहिए 🤨
दरभंगा में सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग बेंच-डेस्क के भरोसे खड़ी है और अंदर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
करप्शन और कमीशन में डूबी BJP सरकार ने 'जुगाड़ टेक्नोलॉजी' के भरोसे मासूमों की जान को खतरे में डाल रखा है।
शर्म आनी चाहिए।
📍 बिहार
'मैं जिंदगी में पहली बार सड़क पर आया हूं . लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ होगा तो सड़क पर आना पड़ेगा '
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर - मंतर की तरफ मार्च कर रहे @KapilSibal और बाकी लोगों से पूरी बात मेरे यूट्यूब चैनल पर
https://t.co/GleKOsjwsr
Jantar - mantar पर आज भी कल तरफ किलेबंदी थी .
केरल सरकार ने ज्ञानू की पुरानी फाइल खोल दी है.
मामला 2006 का है, जब ज्ञानू केरल में PWD सचिव था. उस वक्त एक इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली थी और सुसाइड नोट में ज्ञानू का नाम लिखा था.
ज्ञानू पर रिश्वत मांगने, बिल रोकने और भ्रष्टाचार के आरोप थे.